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राज्य के सभी न्यायिक अधिकारी और कर्मचारियों को सर्वसुविधा युक्त आवास उपलब्ध हो : मुख्य न्यायाधीश

उत्तर बस्तर कांकेर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज सिंगारभाट एवं पखांजूर में न्यायिक कर्मचारियों के लिए नव निर्मित निवास गृहों का वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया। 

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मुख्य न्यायाधिपति सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जितना सुन्दर व साफ सुथरा आवास गृह उनके लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, वह उसे निवास के दौरान वैसा ही रखें। मुख्य न्यायाधिपति ने कहा कि राज्य के न्यायालयों को बुनियादी ढांचा प्रदान करने की पहल की गई है, जिसके तारतम्य में यह लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करें कि नवनिर्मित न्यायिक आवासीय मकानों में सभी आवश्यक सुविधाए हों और उनका कार्य गुणवत्तापूर्ण हो। मुख्य न्यायाधिपति के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में छ.ग. उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश एवं जिला उत्तर बस्तर कांकेर के पोर्टफोलियो न्यायाधीश संजय एस. अग्रवाल भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार ध्रुव ने मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायाधीश संजय एस अग्रवाल का स्वागत करते हुए सिंगारमाट कांकेर एवं पखांजुर में नवनिर्मित सर्व सुविधा युक्त रहवासी कालोनी की सौगात देने के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। 

प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने संबोधन में बताया कि सिंगारभाट कांकेर में न्यायिक कर्मचारियों के लिए 88 मकान बना है एवं पखांजुर में कुल 11 मकान बना है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि मुख्य न्यायाधिपति ने अपने दूरदृष्टि एवं कुशल नेतृत्व से छत्तीसगढ़ के सुदूर जिला एवं तहसील का निरीक्षण कर अपनी दूरदर्शिता का परिचय कराया है और अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण आधार शिला रखा है। लोकार्पण के इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आई.के. एलेसेला, समस्त न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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