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आदतन बदमाश विकास सिंह को मिली जेल, आदिवासी महिला से पहले किया बलात्कार फिर बयान बदलवाकर भेजवा दिया था जेल, नगर सेठ के पूरी ताकत लगाने के बाद भी अब उसी महिला को छेड़ने को छेड़ने के मामले में जाना पड़ा जेल

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कोरबा – कहते है कुछ लोग कितने बार भी गंगा में डुबकी लगा वो सही नहीं हो सकते है। विकास सिंह के जेल जाने की कहानी भी कुछ इसी तरह की है। दरअसल कुछ साल पहले दीपका थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने अपराध दर्ज करवाते हुए बताया था कि विकास सिंह ने शादी का झांसा देकर उससे लगतार अनाचार किया है। इसके बाद उसे छोड़ दिया। महिला ने इसकी फिर पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी। बाद में उसकी अन्यत्र जगह शादी हो गई।

 

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अदालत में जिस दिन उसकी गवाही पेशी थी। उस दिनांक को विकास सिंह और उसके साथियों ने उसके पति का अपहरण कर लिया और बयान बदलने के लिए मजबूर किया। दबाव में आकर अदालत में उसने अपना बयान बदल दिया। जिसके बाद विकास सिंह दोषमुक्त हो गया। उल्टे अदालत ने उसे झूठी एफआईआर करवाने पर दो साल की सजा सुना दी। बाद में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर अपने ऊपर हुए अत्याचारों की लिखित शिकायत मार्च 2020 में पीड़िता ने सौंपी थी। इस शिकायत का पता चलते ही विकास सिंह फिर से पीड़िता को धमकाने लगा था फोन करके उससे वापस से लज्जा भंग करने की नियत से आपत्ति जनक बात की और जान से मारने की धमकी देते उसके घर पर आपत्तिजनक फोटोज फेंक कर शिकायत वापस न लेने पर बदनाम करने की धमकी दी थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दीपका थाने में अपराध दर्ज किया था।

पुलिस ने इस मामले में विकास सिंह के ऊपर दीपका थाने में अपराध क्रमांक 75/2020 धारा 354 क (1)(2), 354 घ, 506,509 भादवि तथा एक्ट्रोसिटी का अपराध दर्ज था। 2020 में दर्ज हुए अपराध के बाद उस वक्त कोरोना का फायदा उठा विकास सिंह ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। पिछले दिनों विकास सिंह के स्टे को हाईकोर्ट ने वेकेंट( हटा) कर दिया। जिसके बाद विकास सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए कोरबा की एक्ट्रोसिटी की विशेष अदालत में याचिका दाखिल की थी जो कि 5 सितंबर को खारिज हो गई। इस मामले में विकास सिंह की जब तलाश शुरू हुई तो वो जिला छोड़ भाग गया लेकिन कानून के हाथ कितने लंबे होते है इसका अंदाजा उसको नहीं था लिहाजा पुलिस ने बिलासपुर के पास से उसको गिरफ्तार कर ही लिया। कोर्ट में पेश हुए विकास के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थी। चुनिंदा समर्थक इस उम्मीद के साथ घंटो मौजूद रहे की नए नए कांग्रेस सचिव को घर ले जायेंगे लेकिन विकास की किस्मत में जन्माष्टमी की रात कारावास में गुजारनी ही लिखी थी। विकास के जुल्मों की दास्तान की श्रृंखला जारी है बने रहिए ग्राम यात्रा न्यूज नेटवर्क के साथ…

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