राज्य समाचार

सिम्स के नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई से स्थानांतरित बच्चों की मृत्यु की प्रारंभिक जांच

धुएं के कारण नहीं हुई बच्चों की मृत्यु

बिलासपुर 30 जनवरी 2019। सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक एवं संयुक्त संचालक डाॅ.
बी.पी. सिंह और शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. राकेश नहरेल ने बताया कि
सिम्स के नवजात गहन चिकित्सा ईकाई में गत् दिवस हुई घटना के बाद प्राईवेट
अस्पतालों में स्थानांतरित किये गये बच्चों की मृत्यु की प्रारंभिक जांच की गई
है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार जिन बच्चों की असमायिक मृत्यु हुई, वे सब पूर्व
से गंभीर स्थिति में भर्ती हुये थे एवं किसी भी नवजात की मृत्यु आग से जलने
तथा धुएं के कारण नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि बच्चों की मृत्यु का वास्तविक कारण जानने के लिए मृत मरीजों
का मेडिकल अटाॅप्सी/शव परीक्षण जिला चिकित्सालय में गठित टीम द्वारा कराया गया
है। जिसका प्रतिवेदन अपेक्षित है। वर्तमान में निजी चिकित्सालय में भर्ती
नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार के लिए विभागाध्यक्ष शिशुरोग सिम्स के सत्त
निगरानी में दो शिशु रोग विशेषज्ञ प्रतिदिन उपचार प्रक्रिया में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि गहन नवजात चिकित्सा ईकाई में अत्यंत गंभीर नवजात शिशु भर्ती
किये जाते है। जिसमें मृत्यु दर सामान्य शिशु मृत्यु दर से बहुत अधिक होता है।
सिम्स चिकित्सालय में हुए प्रसव के दौरान गंभीर नवजात शिशुओं को गहन नवजात
चिकित्सा में उपचार के लिए भर्ती किया जाता है। इसके अलावा विभिन्न शासकीय एवं
गैर शासकीय अस्पतालों से भी गंभीर अवस्था के शिशुओं को यहां उपचार हेतु भेजा
जाता है। सिम्स में नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई में शिशु की मृत्यु दर का
प्रतिशत किसी भी बड़े शासकीय संस्थाओं से कम है।

Live Cricket Info

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Related Articles

Back to top button