August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
कोरबा के 8 स्काउट्स, गाइड्स, रेंजर्स को मिला राष्ट्रपति पुरस्कारसांसद बृजमोहन के प्रयासों से हथबंद स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का ठहराव बहालफर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से नौकरी करने वाला नेत्र सहायक बर्खास्तपरिजनों से संपर्क में है बदमाश तोमर बंधु, कॉल ट्रेस से भी नहीं आ रहे पकड़ मेंकरंट लगने से लाइनमैन की मौत बिजली लाइन ठीक करते समय हादसामंदिर के पुजारी की खून से लथपथ मिली लाश, पुलिस को रंजिश का शकनक्सलियों के खुफिया डंप से बरामद हुई भारी मात्रा में सामग्री,हत्या के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहारमहानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहलएग्रीस्टेक पोर्टल में 1 लाख 17 हजार 512 किसानों ने कराया कृषक पंजीयन
छत्तीसगढ़

जीएसटी क्षतिपूर्ति 10 साल जारी रखे केन्द्र, भूपेश ने 17 सीएम को लिखी चिट्ठी, मांगा समर्थन

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर, 28 मार्च। सीएम भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार से जीएसटी की क्षतिपूर्ति राशि अगले 10 साल के लिए जारी रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि क्षतिपूर्ति राशि मिलना जून से बंद हो जाएगा। इससे उत्पादक राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मैंने उत्पादक राज्यों के सीएम को चिट्ठी लिखी है, और केन्द्रीय वित्त मंत्री के समक्ष भी बात रख चुके हैं।

बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जब जीएसटी लागू किया गया था तब केन्द्र सरकार ने उत्पादक राज्यों को वैट में नुकसान होता, इसलिए पांच साल क्षतिपूर्ति राशि देने की व्यवस्था की थी। इस मद में हर साल छत्तीसगढ़ को करीब 5 हजार करोड़ रूपए मिलते रहा है। लेकिन जून से क्षतिपूर्ति राशि मिलना बंद हो जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि जहां कोरोना की वजह से प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। केन्द्र सरकार ने जीएसटी के विरूद्ध लोन लेने के लिए भी कहा। लोन भी ले रहे हैं, और केन्द्र सरकार नहीं दे पा रही है। ऐसे समय में जहां विपरित परिस्थिति में कोरोना की वजह से उद्योग, और व्यापार को संचालित करना कठिन था। फिर भी छत्तीसगढ़ ने पूरी क्षमता के साथ उद्योग और व्यापार संचालित किया। और संरक्षण दिया।

बघेल ने कहा कि चूंकि अब जून से क्षतिपूर्ति राशि मिलना बंद हो जाएगा। ऐसे में उत्पादक राज्यों की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए उत्पादक राज्यों के सीएम को पत्र लिखा है, और केन्द्रीय बजट से पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष अपनी बात रखी थी। यह कहा था कि केन्द्र सरकार को कुछ न कुछ व्यवस्था करनी चाहिए। इसका दुरगामी परिणाम यह होगा कि यदि उत्पादन से नुकसान होता है, तो वो उद्योग क्यों लगाएंगे। फायदा दूसरे राज्यों को मिलेगा। साथ ही उत्पादक राज्यों में औद्योगिकीकरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसको ध्यान में रखते हुए अगले 10 साल के लिए क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाई जानी चाहिए।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि क्षतिपूर्ति राशि भारत सरकार को देना था। कानून बना। नहीं दे पा रहे थे तब उत्पादक राज्यों से कहा गया कि लोन लेने के लिए कहा गया। और यह भी कहा गया कि पेमेंट की गारंटी भारत सरकार की होगी। तब भी मैंने सुझाव दिया कि भारत सरकार लोन लेकर राज्यों को दे दे। क्योंकि पेमेंट की व्यवस्था भी भारत सरकार को करनी है। लेकिन भाजपा से अर्थव्यवस्था नहीं संभल रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close