बस्तर में बदली तस्वीर: कर्रेगुट्टा पर लहराया तिरंगा, विजय शर्मा बोले- यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन

रायपुर। बस्तर में शांति, राष्ट्रीय एकता और नक्सलवाद के खिलाफ संदेश लेकर निकली तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा का शुक्रवार को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर भव्य समापन हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने करीब 600 किलोमीटर की बाइक यात्रा पूरी करने के बाद कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराया।
यात्रा के अंतिम दिन बीजापुर से आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला होते हुए यात्रा कर्रेगुट्टा पहुंची। तीन दिनों में यात्रा ने नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों को कवर किया।
कर्रेगुट्टा पर शहीदों को किया नमन
करेगुट्टा पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की। शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया गया और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा फहराया गया।
विजय शर्मा ने कहा कि करेगुट्टा की पहाड़ी पर तिरंगा फहराना उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी नक्सलियों का सुरक्षित गढ़ माना जाता था, आज वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता और शहीद जवानों का पराक्रम जीत रहा है और नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है।
बस्तर में बदला माहौल
विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोगों के मन से भय और भ्रम काफी हद तक खत्म हो चुका है। तिरंगा यात्रा ने इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर के विकास को नई गति दी जाएगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी इन इलाकों में दिन के समय भी आने से लोग डरते थे, लेकिन आज उसी क्षेत्र में बिना भय के तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है।
टेकलगुडेम में भी ग्रामीणों ने किया स्वागत
यात्रा के दूसरे दिन देर रात उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री टेकलगुडेम पहुंचे थे। भारी बारिश के बावजूद सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम और जगरगुंडा सहित कई इलाकों में ग्रामीण तिरंगा लेकर यात्रा के स्वागत के लिए पहुंचे। पूवर्ती गांव से भी ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया।
बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया गया और शहीदों के परिजनों व ग्रामीणों से मुलाकात की गई। बच्चों और ग्रामीणों ने भारत माता की जय और तिरंगे की जय के नारों के साथ यात्रा का स्वागत किया।
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