छत्तीसगढ़ का डंका दिल्ली तक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में की कोरबा मॉडल की सराहना

‘कैच द रेन’ अभियान में राष्ट्रीय पहचान, महापौर संजू देवी राजपूत के नेतृत्व में कोरबा बना देश के लिए प्रेरणा
विशेष रिपोर्ट | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
कोरबा। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक नगर कोरबा ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसकी गूंज अब देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशव्यापी ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत कोरबा नगर निगम के उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख कर उसकी सराहना की। यह उपलब्धि न केवल कोरबा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर कोरबा की प्रथम महिला महापौर संजू देवी राजपूत ने इसे नगर निगम की पूरी टीम, पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और जागरूक नागरिकों की सामूहिक सफलता बताया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय कोरबा के लोकप्रिय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के कुशल मार्गदर्शन तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रभावी निर्देशन को दिया।
कोरबा मॉडल बना राष्ट्रीय उदाहरण
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान (NIUA) द्वारा संचालित AMRUT के अंतर्गत ‘शैलो एक्वीफर मैनेजमेंट (SAM)’ कार्यक्रम में देश के 75 शहरों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।
कोरबा नगर निगम ने अपने सफल SAM मॉडल के माध्यम से उल्लेखनीय परिणाम प्रस्तुत किए। इसी सफलता के आधार पर निगम ने 95 बंद पड़े बोरवेलों को पुनर्जीवित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य प्रारंभ किया, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर एक अभिनव पहल के रूप में देखा जा रहा है।
महापौर संजू देवी राजपूत के नेतृत्व को मिली नई पहचान
नगर निगम की इस उपलब्धि ने महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत की कार्यशैली को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण जैसे विषयों पर नगर निगम द्वारा किए गए प्रयास अब अन्य शहरों के लिए भी अध्ययन और अनुकरण का विषय बन रहे हैं।
यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब देशभर में जल संकट एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में कोरबा का मॉडल यह संदेश देता है कि यदि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर कार्य करें तो सीमित संसाधनों में भी बड़े परिवर्तन संभव हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी बड़ी उपलब्धि
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर कोरबा का उल्लेख होना नगर निगम की उपलब्धियों को व्यापक पहचान दिलाता है। यह उपलब्धि महापौर के सार्वजनिक कार्यों और नगर निगम की टीम के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा का उल्लेख यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ अब केवल उद्योग और ऊर्जा उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण के नवाचारों के लिए भी राष्ट्रीय पहचान बना रहा है।
महापौर का संदेश
यह सम्मान केवल नगर निगम का नहीं, बल्कि कोरबा की हर उस जागरूक नागरिक का है जिसने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया। हम भविष्य में भी कोरबा को जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश का अग्रणी शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क का मानना है कि यदि इसी प्रकार जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और नागरिकों की साझेदारी बनी रही तो कोरबा आने वाले वर्षों में शहरी जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक स्थायी मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।
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