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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े घपले-घोटालों की फेहरिस्त में एक और बेहद संगीन और शर्मनाक मामला सामने आया है।

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₹17 करोड़ रुपये का स्नेक बाइट (सर्पदंश) मुआवजा घोटाला। , जहाँ सर्पदंश से हुई मौतों का झूठा नाटक रचकर सरकार के खजाने को चूना लगाया जा रहा था।

 

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 बिलासपुर।   इस पूरे फर्जीवाड़े में बिलासपुर के ‘सिम्स’ (CIMS) अस्पताल की एक महिला डॉक्टर और तीन क्लर्कों की गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

 फर्जी पोस्टमार्टम का काला खेल: जिंदा कागजों पर ‘मौत’ का सौदा

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सर्पदंश से होने वाली असामयिक मौतों पर पीड़ित परिवारों को सहायता राशि (मुआवजा) दी जाती है। इसी योजना को भ्रष्टाचारियों ने अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया।

फर्जी दस्तावेज और फर्जी ‘पीएम‘: बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में पोस्टमार्टम रिपोर्टों का खुलेआम सौदा हो रहा था। बिना शव के या किसी अन्य वजह से हुई मौत को फर्जी तरीके से ‘स्नेक बाइट’ का मामला दर्शा दिया जाता था।

17 करोड़ का बड़ा डाका: शुरुआती जांच में लगभग **17 करोड़ रुपये की राशि का बंदरबांट किए जाने का खुलासा हुआ है।

सफेदपोश नेटवर्क: इस सिंडिकेट में अस्पताल के कर्मचारियों के साथ-साथ गिरोह के कई एजेंट शामिल थे, जो सरकारी मुआवजे के पैसे आपस में बांटते थे।

सिम्स (CIMS) की डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार
पुलिस और जांच एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई के बाद इस बड़े रैकेट का भांडाफोड़ हुआ है:

महिला डॉक्टर गिरफ्तार:  सिम्स अस्पताल की संबंधित डॉक्टर को फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने और प्रमाणित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

3 क्लर्क भी सलाखों के पीछे:  फर्जी फाइलों को तैयार करने, आगे बढ़ाने और अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने वाले 3 क्लर्कों को भी धर दबोचा गया है।

दुखद यह है कि जिस डॉक्टर और कर्मचारियों पर लोगों की सेवा और सच सामने लाने की जिम्मेदारी थी, वही चंद रुपयों के लालच में फर्जी रिपोर्ट का फर्जीवाड़ा खड़ा कर रहे थे।”

 जांच का दायरा बढ़ा: और भी खुलेंगे राज?

इस हाई-प्रोफाइल घोटाले के सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के कई अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर फर्जी फाइलें बिना किसी उच्चाधिकारी की मिलीभगत के कैसे पास होती रहीं?

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 मुख्य बिंदु एक नज़र में

घोटाला: स्नेक बाइट (सर्पदंश) मुआवजा घोटाला (लगभग ₹17 करोड़)।

स्थान:     सिम्स (CIMS) अस्पताल, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।

कार्रवाई:    1 महिला डॉक्टर और 3 क्लर्क गिरफ्तार।

मोडस ऑपरेंडी:    फर्जी पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट बनाकर सरकारी सहायता राशि का गबन।

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