दंतैल हाथी के हमले में 35 वर्षीय ग्रामीण की दर्दनाक मौत

भैंस खोजने जंगल गया था संतोष सिंह, इलाके में 15 हाथियों के विचरण से ग्रामीणों में दहशत

पोड़ी उपरोड़ा। कटघोरा वन मंडल के जटगा रेंज अंतर्गत धवलपुर–बंधवापारा क्षेत्र में रविवार को मानव–हाथी संघर्ष की एक और दर्दनाक घटना सामने आई। जंगल में भैंस खोजने गए 35 वर्षीय संतोष सिंह की दंतैल हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संतोष सिंह जंगल में अपनी भैंस की तलाश में गया था। इसी दौरान उसका सामना एक दंतैल हाथी से हो गया। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हाथी ने उसे सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल है और स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में इन दिनों करीब 15 हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है, जिससे धवलपुर, बंधवापारा और आसपास के गांवों के ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग पर समय पर चेतावनी नहीं देने तथा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।
वहीं, जटगा वन परिक्षेत्र अधिकारी गजेंद्र कुमार गोहरे ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाएं, ताकि भविष्य में जनहानि जैसी घटनाओं से बचा जा सके।
वन विभाग द्वारा तत्काल सहायता के रूप में मृतक के परिजनों को ₹25,000 की नगद सहयोग राशि प्रदान की गई है। नियमानुसार आगे की अनुग्रह सहायता की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।
मानव–हाथी संघर्ष लगातार बन रहा चुनौती
यह घटना एक बार फिर इस गंभीर प्रश्न को सामने लाती है कि जंगलों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते संपर्क तथा हाथियों के नियमित आवागमन से मानव–हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर निगरानी, प्रभावी चेतावनी प्रणाली, ग्रामीणों को सतर्क करने की व्यवस्था तथा हाथियों की गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
रिपोर्ट: गेंदपाल मरकाम
संवाददाता, पोड़ी उपरोड़ा
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
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