कोरबा में नजूल जमीन घोटाला गहराया, एक ही जमीन पर दो जगह कब्जा, बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब लिपापोती के आरोप, ग्राम यात्रा के खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में, लेकिन जांच से पहले ही सेटिंग और दबाव की चर्चा तेज

कोरबा । कोरबा में करोड़ों की शासकीय नजूल भूमि से जुड़ा मामला अब साधारण अतिक्रमण से आगे बढ़कर बड़े घोटाले का रूप लेता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में नगर निगम द्वारा बालको के अवैध बाउंड्रीवाल तोड़ने की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे प्रकरण में एक ही जमीन पर दो-दो जगह कब्जे की चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है।

सूत्रों के अनुसार, एक तरफ जहां शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स भवन खड़ा किया गया, वहीं दूसरी ओर उसी जमीन को अलग तरीके से दर्शाकर कागजों में हेरफेर किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे पूरे राजस्व रिकॉर्ड और अनुमति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्राम यात्रा की खबर के बाद कार्रवाई, लेकिन अब नया खेल शुरू ?
इस पूरे मामले को सबसे पहले ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और निगम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध बाउंड्रीवाल को जमींदोज कर दिया।
लेकिन अब कार्रवाई के बाद जो जानकारी सामने आ रही है, वह और भी ज्यादा गंभीर है। बताया जा रहा है कि मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद संबंधित विभाग अब लिपापोती में जुट गया है और जांच को कमजोर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
दस्तावेज कुछ और, तैयारी कुछ और
सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में उपलब्ध दस्तावेज स्पष्ट रूप से अनियमितताओं की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जांच में गोलमोल जवाब देने की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एक बड़े अधिकारी की संलिप्तता की पुख्ता चर्चा है, जो राजस्व विभाग पर लगातार दबाव बनाकर पूरे मामले को मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अगर यह सही है, तो यह मामला केवल अतिक्रमण नहीं बल्कि सिस्टम स्तर पर खेला गया जमीन घोटाला साबित हो सकता है।
अवैध निर्माण और प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के बीचों-बीच शासकीय भूमि पर इतना बड़ा निर्माण कैसे हो गया?
- किसने अनुमति दी?
- किस स्तर पर नजरअंदाज किया गया?
- और अब कार्रवाई के बाद भी सच सामने क्यों नहीं आ रहा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
क्या दब जाएगा मामला या होगा बड़ा खुलासा ?
अब पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा या फिर इस बार सच सामने आएगा।
अगर जांच निष्पक्ष हुई, तो कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। लेकिन अगर दबाव और सेटिंग हावी रही, तो मामला फिर से फाइलों में दब सकता है।
ग्राम यात्रा करेगा बड़ा खुलासा
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क के पास इस पूरे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं। अगर जांच में लिपापोती की कोशिश हुई, तो आने वाले दिनों में नामों और सबूतों के साथ बड़ा खुलासा किया जाएगा।
जनता की नजर अब प्रशासन पर
कोरबा की जनता अब इंतजार कर रही है कि क्या सिर्फ दीवार तोड़कर कार्रवाई पूरी मानी जाएगी या फिर इस पूरे जमीन घोटाले की जड़ तक पहुंचकर दोषियों पर कार्रवाई होगी।

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