संसदीय स्थायी समिति की बैठक में बृजमोहन ने उठाई छत्तीसगढ़ के किसानों की आवाज

उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति पर दिया जोर
रायपुर । नई दिल्ली में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति (2025-26) की महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल सम्मिलित हुए। बैठक में रसायन और उर्वरक मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ उर्वरक विभाग की ‘अनुदानों की मांगों (2026-27)’ पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सांसद अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों और प्रदेश की कृषि आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखा।
उन्होंने बैठक में इस बात पर बल दिया कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ खरीफ और रबी दोनों सीजन में उर्वरकों की मांग अधिक रहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों (बस्तर और सरगुजा) तक खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सांसद अग्रवाल ने बजट (2026-27) की मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि उर्वरकों के अंतरराष्ट्रीय दामों में उतार-चढ़ाव का असर छत्तीसगढ़ के छोटे और सीमांत किसानों पर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने राज्य में खाद की कमी की किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने और रैक (Rake) की सुगम आवाजाही पर चर्चा की ।
सांसद बृजमोहन का कहना है कि, “छत्तीसगढ़ समेत देशभर के अन्नदाताओं का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमने समिति की बैठक में स्पष्ट किया है कि प्रदेश के किसानों को खाद और उर्वरक के लिए किसी भी तरह की बाधा या कालाबाजारी का सामना न करना पड़े। केंद्र सरकार से हमारी चर्चा का मुख्य लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हर खेत तक उचित मूल्य पर खाद पहुँचाना और कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है।”
बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए उर्वरक विभाग के लक्ष्यों की समीक्षा की गई। सांसद अग्रवाल ने सुझाव दिया कि नैनो यूरिया और अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में जागरूकता अभियान और वितरण केंद्रों का विस्तार किया जाना चाहिए।
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