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सीएजी की आपत्तियों पर लोक लेखा समिति करें त्वरित कार्रवाई

विधानसभा की लोक लेखा समिति की बैठक, लंबित कार्य जल्द निपटाने पर जोर

रायपुर|छत्तीसगढ़ विधानसभा की लोक लेखा समिति की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि समिति अधिक से अधिक बैठकें कर लंबित कार्यों को तीव्र गति से निपटाने में सफल होगी। शासन द्वारा किए जाने वाले व्यय में होने वाली खामियों के संबंध में सीएजी के प्रतिवेदन को लेकर उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक लेखा समिति को त्वरित कार्रवाई कर विभागीय ज्ञापन समय पर प्राप्त हो, इस बात का शासन के सभी विभागों को समुचित प्रयास करना चाहिए।
गुरुवार को विधानसभा स्थित मुख्य समिति कक्ष में समिति की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि संसदीय प्रजातंत्र में कार्यपालिका विधानसभा के प्रति जवाबदेह होती है। संसदीय समितियों में वित्तीय समितियों की अहम भूमिका होती है। समितियां सभा का लघु स्वरूप होती है। लोक लेखा समिति विधानसभा की महत्वपूर्ण वित्तीय समिति है। इस समिति का महत्वपूर्ण कार्य शासन के कार्यों में वित्तीय नियंत्रण रखना होता है। लोक लेखा समिति का कार्य यह देखना होता है कि विधानसभा द्वारा जो बजट पारित किया गया है, उसका खर्च उन्हीं योजनाओं एवं कार्यों में सही तरीके से किया गया है या नहीं। समिति यह भी देखती है कि निरर्थक व्यय या वित्तीय अनियमितता तो नहीं की गई है। समिति स्वीकृत राशि से अधिक ऐसे लेखों की जांच की सिफारिश भी करती है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का प्रावधान किया गया है। जो संघ-राज्य क्षेत्र में शासन द्वारा किए जाने वाले व्यय में होने वाली खामियों के संबंध में अपना प्रतिवेदन राज्यपाल एवं सभा पटल पर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समिति अधिक से अधिक बैठकें कर लंबित कार्यों को तीव्र गति से निपटाने में सफल होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक लेखा समिति को भविष्य में विभागीय ज्ञापन समय पर प्राप्त हो, इस बात का शासन के सभी विभागों को समुचित प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर समिति के सभापति अजय चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा समिति को जो मार्गदर्शन दिया गया है, समिति उन अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतरेगी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि समिति की अधिक से अधिक बैठकें कर लंबित कार्यों को निपटाने में जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति सदैव इस बात पर जोर देगी कि लोकधन का अधिकतम उपयोग लोकहित में हो।
इस अवसर पर प्राक्कलन समिति के सभापति मनोज सिंह मंडावी, महालेखाकार छत्तीसगढ़ डीआर पाटिल एवं वित्त विभाग के प्रतिनिधि डॉ. कमलप्रीत सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मोहन मरकाम, शैलेष पाण्डेय, धनेंद्र साहू, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, डॉ. विनय जायसवाल, शिवरतन शर्मा, विधानसभा के सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े, महालेखाकार छत्तीसगढ़ डीआर पाटिल भी उपस्थित थे।

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