राज्य समाचार

दीया-झाड़ू बेचने वालों पर सख्ती, ठेकों पर सवाल। महापौर संजू देवी राजपूत की आयुक्त आशुतोष पांडेय को सीधी चेतावनी

Spread the love

 

छोटे-बड़े व्यापारियों पर निगम की कार्रवाई से नाराज महापौर ने अधिकारियों को जनता से सम्मानपूर्वक पेश आने की हिदायत दी। बदसलूकी की शिकायत पर खुद छत्तीसगढ़ शासन तक मामला ले जाने की बात कही।

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

 

कोरबा | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क  दीपावली से पहले दीया-बत्ती और झाड़ू बेचकर रोजी कमाने वाले छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई और व्यापारियों पर जुर्माने की शिकायतों के बीच कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने आयुक्त आशुतोष पांडेय के सामने निगम अधिकारियों के व्यवहार का मुद्दा उठाया। मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक के संबंध में ग्राम यात्रा को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महापौर ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि नगर सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और नागरिकों से बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ी तो वे स्वयं छत्तीसगढ़ शासन से शिकायत करेंगी।

 

 

महापौर ने उठाया रोजी-रोटी का सवाल, आयुक्त बताएं कार्रवाई का आधार

त्योहार के कुछ दिनों की बिक्री पर कई छोटे विक्रेताओं की कमाई टिकी होती है। ऐसे समय में कार्रवाई और जुर्माने की शिकायतों पर नगर निगम को अपना रिकॉर्ड सामने रखना चाहिए। आयुक्त बताएं कि दीया-बत्ती और झाड़ू बेचने वालों पर किस लिखित आदेश के तहत कार्रवाई हुई? छोटे-बड़े व्यापारियों में कितनों को चेतावनी दी गई, कितनों पर जुर्माना लगा और कितनों को रसीद दी गई? कार्रवाई का आधार सार्वजनिक होगा, तभी उसके औचित्य की पड़ताल हो सकेगी।

 

इंजीनियर पीयूष राजपूत पर गाली-गलौज का आरोप, शिकायत किसके पास है?

 

ग्राम यात्रा को मिले शिकायत विवरण में निगम इंजीनियर पीयूष राजपूत पर एक ठेकेदार से अभद्रता और गाली-गलौज का आरोप है। निगम बताए कि शिकायत दर्ज हुई या नहीं, जांच किसे सौंपी गई और दोनों पक्षों के बयान लिए गए या नहीं। आरोप की स्वतंत्र पुष्टि और पीयूष राजपूत का पक्ष अभी बाकी है।

पौध खरीदी से दूसरे ठेकों तक, निगम अपने फैसलों का हिसाब दे

 

पौधों की खरीदी और अन्य ठेकों को लेकर उठी शिकायतों पर भी आयुक्त से दस्तावेज़ी जवाब अपेक्षित है। निविदा की शर्तें किसने तय कीं? आपूर्ति का सत्यापन किसने किया? भुगतान किस रिकॉर्ड के आधार पर मंजूर हुआ? निविदा, कार्यादेश, सत्यापन और भुगतान के अभिलेख सामने आने से इन सवालों के जवाब मिलेंगे।

₹47.39 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर, नागरिकों की शिकायतों पर फैसले का इंतजार

महापौर की अध्यक्षता में हुई एमआईसी बैठक में सड़क, नाली, जलापूर्ति, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े ₹47.39 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। उसी बैठक के बाद निगम प्रशासन के सामने जवाबदेही के तीन सवाल हैं। बाजार में कार्रवाई का लिखित आधार क्या है, कथित अभद्रता की शिकायत पर क्या कदम उठाया गया और ठेकों के अभिलेख कब सार्वजनिक होंगे? महापौर की चेतावनी की कसौटी इन सवालों पर निगम का लिखित जवाब होगा।

 

स्रोत स्थिति — एमआईसी की मंजूरी प्रकाशित रिपोर्टों से पुष्ट है। महापौर की चेतावनी का विवरण ग्राम यात्रा को प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button