30 करोड़ रुपए का अंडरब्रिज अटका:रेलवे ने ड्राइंग मंजूर नहीं की, मंडी ने जमीन नहीं दी

रायपुर – मंडीगेट रेलवे क्रॉसिंग पर रोजाना लगने वाले जाम से राहत देने वाला 30 करोड़ रुपए का अंडरब्रिज दो विभागों के बीच फंस गया है। रेलवे करीब एक साल से इसकी ड्राइंग को मंजूरी नहीं दे रहा है, वहीं मंडी प्रबंधन से भी जरूरी जमीन नहीं मिल रही है।
बजट में मंजूरी और फंड मिलने के बावजूद निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे के साथ कई बैठकें और पत्राचार हो चुके हैं, लेकिन अब तक न ड्राइंग स्वीकृत हुई है और न ही कोई स्पष्ट तकनीकी आपत्ति बताई गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी परियोजना आगे नहीं बढ़ी तो इसके निरस्त होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में तीसरी बार बजट प्रस्ताव भेजना पड़ सकता है।
मंडीगेट अंडरब्रिज का प्रस्ताव पहली बार 2021-22 के बजट में शामिल हुआ था। शासन से मंजूरी नहीं मिलने के कारण दो साल बाद यह निरस्त हो गया। बढ़ते ट्रैफिक और स्थानीय लोगों की मांग पर पीडब्ल्यूडी ने इसे 2025-26 के बजट में दोबारा शामिल कराया। इस बार मंजूरी मिलने पर ड्राइंग रेलवे को भेजी गई, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने से अगली प्रक्रिया रुकी हुई है।
पत्राचार के बाद भी ड्राइंग अप्रूवल नहीं
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि रेलवे के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। पत्राचार के बावजूद ड्राइंग अप्रूवल नहीं मिला है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि डिजाइन में क्या तकनीकी बदलाव जरूरी हैं। दूसरी ओर, मंडी प्रबंधन से जमीन नहीं मिलने के कारण भी परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। दोनों बाधाएं दूर होने के बाद ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
150 से 170 ट्रेनें, फाटक बंद होते ही कतारें
वाल्टेयर रेल लाइन पर मंडीगेट क्रॉसिंग से रोजाना करीब 150 से 170 मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रेन आने से पहले फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है। लंबी मालगाड़ियों के गुजरने पर इंतजार बढ़ जाता है। फाटक खुलने के बाद भी यातायात सामान्य होने में समय लगता है। मंडी रोड पर बढ़ते ट्रैफिक से परेशानी और बढ़ रही है।
अंडरब्रिज बनने से आठ से ज्यादा इलाकों को राहत
प्रस्तावित टू-लेन अंडरब्रिज से पंडरी, मोवा, देवेंद्र नगर, फाफाडीह, श्रीनगर, शिवानंद नगर, सद्दू और दलदल सिवनी समेत आसपास के इलाकों को फायदा मिलेगा। उरकुरा की ओर से आने वाले वाहन चालकों को भी रेलवे फाटक पर रुकने से राहत मिलेगी। लंबे समय से मांग के बावजूद परियोजना अब तक निर्माण के चरण में नहीं पहुंच सकी है।
फाइल कहां अटकी, पता करेंगे
मंडीगेट अंडरब्रिज की ड्राइंग को मंजूरी नहीं मिलने का मामला संज्ञान में लेकर पता करता हूं कि फाइल किस स्तर पर अटकी है और पीडब्ल्यूडी ने ड्राइंग कब भेजी थी। इसके बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। –सुस्कर विपुल विलासराव, सीनियर डीसीएम, रायपुर
अभी तक रेलवे की मंजूरी नहीं मिली
रेलवे से ड्राइंग अप्रूवल नहीं मिल रहा है। वहीं, मंडी के लोगों को भी अपनी जमीन देनी है, लेकिन वे जमीन नहीं दे रहे हैं। इन दोनों वजहों से अंडरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।” –भूषण शेंडे, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
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