कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 06

₹11 करोड़ की CT Scan मशीन: मंजूरी से GeM तक पहुंची फाइल… लेकिन Award और Payment का अंतिम हिसाब कहां है?
जनता की जरूरत पर सवाल नहीं—सवाल Funding और Procurement Trail का: जनवरी 2026 के बाद अप्रैल में फिर निकली 128-Slice CT Scan की GeM Bid
DMF/CSR से खरीद की सार्वजनिक रिपोर्टिंग के बीच अब जांच जरूरी—Sanction किस मद से, अंतिम Vendor कौन, कीमत कितनी और मशीन चालू हुई या नहीं?
कोरबा। मेडिकल कॉलेज में आधुनिक CT Scan मशीन की जरूरत पर शायद ही कोई सवाल हो। सरकारी अस्पताल में बेहतर जांच सुविधा मिले, मरीजों को निजी केंद्रों की ओर न जाना पड़े—यह सार्वजनिक धन का सार्थक उपयोग हो सकता है।
लेकिन जब इसके लिए लगभग—
₹11 करोड़ की स्वीकृति की बात सामने आए और खरीद प्रक्रिया एक से अधिक बार GeM तक पहुंचे, तब सार्वजनिक धन के लिहाज से पूरी financial trail देखना भी उतना ही जरूरी हो जाता है। ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क की खोजी श्रृंखला “कोरबा DMF फाइल्स” के एपिसोड-06 में हम इसी CT Scan File को खोल रहे हैं। DMF बैठक में करीब ₹11 करोड़ की स्वीकृति
कोरबा DMF शासी परिषद की बैठक संबंधी प्रकाशित रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज के लिए CT Scan मशीन खरीदने हेतु करीब ₹11 करोड़ की राशि स्वीकृत किए जाने का उल्लेख मिलता है। पहली नजर में यह स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा और महत्वपूर्ण निवेश है। लेकिन हमारी जांच का प्रश्न मशीन की आवश्यकता नहीं है।
सवाल है— ₹11 करोड़ की मंजूरी से अंतिम खरीद तक पैसा किस रास्ते गया?
जनवरी 2026—पहली GeM Bid सार्वजनिक tender records में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज मिला। GeM Bid No. GEM/2025/B/7046864 यह bid 14 जनवरी 2026 को प्रकाशित हुई।
वस्तु थी— CT SCAN MACHINE 128 SLICE WITH TURNKEY BASIS AND OTHER ACCESSORIES
Quantity—1 Location—Korba EMD—₹13 लाख और buyer Health & Family Welfare Department/संबंधित medical education establishment से जुड़ा था। उपलब्ध tender record में award status स्पष्ट नहीं मिलता।
यहीं पहली महत्वपूर्ण तारीख दर्ज होती है—
14 जनवरी 2026 फिर अप्रैल में दूसरी GeM Bid क्यों?
जांच में उसी specification के लिए एक और procurement सामने आया।
इस बार— GEM/2026/B/7359375
Bid publish date— 13 अप्रैल 2026
और item फिर— 128-Slice CT Scan Machine with Turnkey Basis and Other Accessories Quantity फिर एक। Delivery location स्पष्ट रूप से Late Shri Bisahu Das Mahant Memorial Medical College, Korba से जुड़ी दर्ज है।
अब स्वाभाविक सवाल है—
जनवरी वाली procurement का क्या हुआ कि अप्रैल में फिर bid निकालनी पड़ी?
यह अपने आप किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है। पहली bid में पर्याप्त bidders न मिले हों, technical qualification की समस्या हुई हो, tender cancel/rebid हुआ हो या specifications में बदलाव जरूरी हुआ हो। लेकिन इसका जवाब Bid Cancellation/Rebid Order में होना चाहिए।
दूसरी Bid में ₹13 लाख EMD और कड़े qualification criteria अप्रैल 2026 वाली tender information में EMD ₹13 लाख दर्ज है।
इसके साथ bidder experience लगभग 3 वर्ष, minimum average annual turnover ₹6.5 करोड़, OEM turnover ₹26 करोड़ और past-performance requirement भी दिखाई देती है। यानी यह कोई सामान्य equipment purchase नहीं थी। यह technically और financially significant turnkey procurement थी।
इसलिए इसकी—
Technical Evaluation
Qualified/Disqualified bidders
Financial Comparative
L1 Price
Award of Contract
सार्वजनिक जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन उपलब्ध indexed record में Award अभी भी स्पष्ट नहीं सबसे महत्वपूर्ण finding यही है। 13 अप्रैल 2026 की bid का closing date extension के बाद 21 मई 2026 दिखाई देता है। उपलब्ध indexed tender information में award स्पष्ट रूप से सामने नहीं आता। इसलिए अभी हम किसी company/vendor का नाम नहीं जोड़ रहे। और न ही यह दावा कर रहे हैं कि ₹11 करोड़ का पूरा भुगतान हो चुका।
अब हमें निर्णायक रूप से चाहिए—
AOC / Contract Order / GeM Contract
इसी दस्तावेज से पता चलेगा—
Successful bidder कौन?
OEM कौन?
Final price कितना?
Warranty कितनी?
CMC/AMC कितना?
Turnkey civil/electrical work कितना?
₹11 करोड़ Sanction का मतलब ₹11 करोड़ Purchase Price नहीं यह अंतर समझना बहुत जरूरी है। DMF में करीब ₹11 करोड़ की sanction/reporting सामने आना और machine का actual procurement price एक ही बात नहीं है। Tender में मशीन के साथ accessories, turnkey works तथा संबंधित components हो सकते हैं।
इसलिए हमें तीन आंकड़े अलग-अलग रखने होंगे—
Administrative Sanction
Tender/Estimated Value
Final Contract/Payment Value
इन तीनों का अंतर ही बताएगा कि वास्तविक खर्च कितना हुआ। एक और दिलचस्प कड़ी—DMF के साथ CSR का उल्लेख मार्च 2026 की एक सार्वजनिक रिपोर्ट में Medical College Hospital के लिए CSR एवं DMF fund से CT Scan और MRI मशीन खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में होने की बात कही गई थी। यहीं हमारी जांच का दूसरा बड़ा दरवाजा खुलता है।
CT Scan में DMF कितना और CSR कितना?
और MRI के लिए funding अलग थी या combined proposal?
इसे बिना sanction/funding order देखे तय नहीं किया जा सकता। यहीं चाहिए ‘Funding Source Certificate’ हम किसी funding overlap को घोटाला नहीं कह रहे।
किसी बड़े medical project में DMF + CSR + State/Centre funding का convergence पूरी तरह वैध हो सकता है। लेकिन accounting साफ होनी चाहिए।
इसलिए CT Scan file में एक table सार्वजनिक होना चाहिए—
DMF contribution
CSR contribution
State contribution
Central contribution
Other scheme contribution
Final Contract Value।
तभी पता चलेगा कि किस component का भुगतान किस fund से हुआ। Medical College को दूसरी सरकारी funding भी मिलती है—तो cross-check जरूरी Government Medical College राज्य के Health/Medical Education framework का हिस्सा है। इसलिए building, equipment, manpower और medical infrastructure पर अलग-अलग सरकारी स्रोतों से राशि आ सकती है। यह सामान्य बात है।
लेकिन DMF का पैसा लगाते समय यह सुनिश्चित होना चाहिए कि—
एक ही मशीन/एक ही component का भुगतान दो अलग-अलग funds से न हो। इसीलिए हमारी व्यापक जांच में DMF + State + Centre + CSR Funding Overlap Register को दस निर्णायक दस्तावेजों में रखा गया है।
मशीन खरीदना पर्याप्त नहीं—Installation और Patient Service भी जांचिए मान लें machine सही तरीके से खरीदी गई।
तब अगला सवाल होगा—
Installation कब हुआ?
Radiology manpower उपलब्ध है?
Radiologist है?
Technician है?
Radiation safety approvals हैं?
Trial run हुआ?
Patients की जांच शुरू हुई?
क्योंकि ₹11 करोड़ की sanction का उद्देश्य मशीन खरीदकर कमरे में रखना नहीं—। मरीजों को CT Scan सुविधा देना है। अब पांच तारीखों से खुलेगी पूरी कहानी इस procurement का forensic timeline बहुत सरल होगा:
1. DMF Sanction Date
₹11 करोड़ की स्वीकृति कब?
2. First GeM Bid
14 जनवरी 2026 — GEM/2025/B/7046864.
3. First Bid Outcome
Cancelled/failed/rebid क्यों?
4. Second GeM Bid
13 अप्रैल 2026 — GEM/2026/B/7359375.
5. Award → Installation → Payment
यही अभी सबसे निर्णायक missing chain है इस फाइल से पांच दस्तावेज सामने आए तो तस्वीर साफ ग्राम यात्रा की जांच में अब CT Scan procurement से ये रिकॉर्ड सबसे महत्वपूर्ण हैं:
DMF Administrative Sanction Order, दोनों GeM bids की complete evaluation/cancellation proceedings, AOC/GeM Contract और successful bidder, Installation/Commissioning Certificate, तथा DMF/CSR/State/Centre source-wise payment statement।
इनसे बिना अनुमान लगाए पूरी कहानी सामने आ सकती है।
सवाल मशीन खरीदने पर नहीं—हिसाब की पारदर्शिता पर है
कोरबा के मरीजों को आधुनिक CT Scan मिलना चाहिए।
यदि ₹11 करोड़ की sanction से बेहतर 128-Slice machine और आवश्यक turnkey infrastructure स्थापित हुआ है तो यह जनता के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। लेकिन सार्वजनिक धन में उतना ही जरूरी है कि प्रशासन बताए—
मंजूरी कितनी?
Contract कितना?
Vendor कौन?
Payment कितना?
Funding किसकी?
और मशीन आज मरीजों के लिए चालू है या नहीं?
यही पारदर्शिता उपलब्धि को संदेह से भी बचाती है।
अगले एपिसोड में—पेड़-पौधों की फाइल!
Garden/Plantation की एक-दो नहीं, कई NIT—1016, 1018, 1019, 1030, 1036, 1040 की कड़ियां
पौधे, Plantation, Maintenance और Security—अलग-अलग फाइलों में कितना खर्च?
वन विभाग/वन विकास निगम से पौधे उपलब्ध होने की व्यवस्था के बीच बाजार से खरीद क्यों और किस दर पर?
Award → Vendor → Rate → Plantation → Survival Percentage → Payment
पढ़िए “कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 07”
सिर्फ ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क पर।
नोट: उपलब्ध indexed records से जनवरी और अप्रैल 2026 की दो GeM procurement attempts की पुष्टि होती है, लेकिन अंतिम award/vendor/payment अभी इस पड़ताल में प्रमाणित नहीं हुआ है। लगभग ₹11 करोड़ की स्वीकृति को मशीन का अंतिम purchase price नहीं माना गया है। Funding overlap को भी duplicate expenditure तभी कहा जा सकता है जब समान component पर दोहरा भुगतान दस्तावेजों से प्रमाणित हो।
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