राज्य समाचार

फूल नए, पट्टिका नई—पर उपलब्धियां पुरानी! BALCO में ‘दोबारा उद्घाटन’ की कॉरपोरेट नौटंकी?

Spread the love

 

ग्रुप CEO अरुण मिश्रा के स्वागत में हेलिकॉप्टर उतरा, रास्ता जाम हुआ; जिन परियोजनाओं का फीता काटा गया, उनके पहले ही उद्घाटित होने का दस्तावेजी दावा—आखिर किसने परोसी वाहवाही की कथित झूठी पटकथा?

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

 

कोरबा। ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क।
BALCO–वेदांता प्रबंधन ने ग्रुप CEO एवं एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा के दौरे को उपलब्धियों का महोत्सव बनाकर सोशल मीडिया पर खूब चमकाया। हेलिकॉप्टर उतरा, फूलों के गुलदस्ते सजे, भाषण हुआ, पौधरोपण की तस्वीरें खिंचीं और परियोजनाओं के सामने नई पट्टिकाएं चमकाई गईं।

लेकिन इस प्रचार की चमक के पीछे अब ऐसा दस्तावेजी सवाल खड़ा हो गया है, जो पूरे आयोजन की विश्वसनीयता को कटघरे में खड़ा करता है—

 जिन परियोजनाओं का उद्घाटन ग्रुप CEO के हाथों कराया गया, उनके उद्घाटन पूर्व में ही हो चुके थे तो 22 सितंबर को आखिर किस उपलब्धि का दोबारा फीता काटा गया?

 

उपलब्ध सूचनाओं और दस्तावेजों के अनुसार वर्दान अपार्टमेंट सहित उस दिन प्रस्तुत की गई अन्य परियोजनाओं के पहले ही उद्घाटित होने का गंभीर दावा सामने आया है। यदि पुराने उद्घाटन की तस्वीरें, पट्टिकाएं और कार्यक्रम रिकॉर्ड इसकी पुष्टि करते हैं तो यह सामान्य औपचारिकता नहीं, बल्कि पुरानी उपलब्धियों को नई पैकिंग में रखकर ग्रुप CEO के सामने परोसने की सुनियोजित कॉरपोरेट पटकथा दिखाई देती है।

एक परियोजना, दो उद्घाटन—वाहवाही किसके खाते में?

वर्दान अपार्टमेंट की नई पट्टिका पर स्पष्ट रूप से 22 सितंबर 2026 और उद्घाटनकर्ता के रूप में अरुण मिश्रा, Group CEO and Executive Director, Vedanta Ltd. का नाम दिखाई देता है।

अब BALCO प्रबंधन को बताना चाहिए:

वर्दान अपार्टमेंट का वास्तविक निर्माण कब पूरा हुआ?

इसका पहला उद्घाटन अथवा औपचारिक शुभारंभ कब और किसके हाथों हुआ?

पुराने उद्घाटन की पट्टिका कहां गई?

22 सितंबर को पूरी परियोजना का उद्घाटन हुआ या किसी नए चरण का?

यदि यह नया चरण था तो उसका अलग कार्यादेश, लागत और पूर्णता प्रमाणपत्र कहां है?

क्या ग्रुप CEO को पूर्व उद्घाटन की जानकारी दी गई थी?

एक ही कार्य को कितनी बार उपलब्धि बताकर कॉरपोरेट रिकॉर्ड में प्रस्तुत किया गया?

 यदि परियोजना पुरानी थी तो नई पट्टिका क्यों? यदि नया चरण था तो उसके दस्तावेज कहां हैं?

पहले CEO राजेश सिंह, अब ग्रुप CEO अरुण मिश्रा—क्या एक ही उपलब्धि पर दो बार तालियां?

 

दस्तावेजी आरोप है कि जिन कार्यों को ग्रुप CEO के दौरे में नई उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया, उनका पूर्व में BALCO के CEO अथवा अन्य अधिकारियों के हाथों उद्घाटन कराया जा चुका था।  यदि यह सही है तो प्रबंधन को सार्वजनिक करना चाहिए कि पहले उद्घाटन और दूसरे उद्घाटन के बीच वास्तव में कौन-सा नया निर्माण हुआ। केवल पर्दा बदल देना, फूल बढ़ा देना और पट्टिका पर नया नाम लिख देना किसी पुरानी परियोजना को नई उपलब्धि नहीं बना सकता।

 फूल नए हो सकते हैं, फीता नया हो सकता है, उद्घाटनकर्ता नया हो सकता है—लेकिन पुरानी परियोजना को नई उपलब्धि बताना आखिर किस स्तर की वाहवाही-बटोर राजनीति है?

 

क्या ग्रुप CEO को दिखाई गई अधूरी और भ्रामक तस्वीर?
यह मामला अब केवल “दोबारा उद्घाटन” तक सीमित नहीं है। सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि क्या स्थानीय BALCO प्रबंधन ने ग्रुप CEO के सामने अपना प्रदर्शन बेहतर दिखाने के लिए पहले से पूर्ण और उद्घाटित परियोजनाओं को नई उपलब्धियों की सूची में शामिल किया?

 

यदि ग्रुप CEO को पूर्व उद्घाटन की जानकारी नहीं दी गई तो यह कंपनी के शीर्ष अधिकारी को कथित रूप से गुमराह करने का मामला है। और यदि पूरी जानकारी के बावजूद दोबारा उद्घाटन हुआ, तो कंपनी बताए कि इस आयोजन का वास्तविक औचित्य क्या था।

क्या दौरे से पहले अधिकारियों के बीच “जो दिखे, उसका उद्घाटन करा दो” जैसी होड़ मची थी? क्या पुराने कार्यों पर नई पट्टिकाएं लगाकर उपलब्धियों की संख्या बढ़ाई गई? क्या तस्वीरों और सोशल मीडिया प्रचार के जरिए ऐसा भ्रम पैदा किया गया कि ये सभी सुविधाएं अभी-अभी तैयार हुई हैं?

CEO के स्वागत में जनता का रास्ता जाम?

 

 

इस दौरे का दूसरा गंभीर पहलू सड़क पर खड़े टैंकरों की लंबी कतार है। उपलब्ध फोटो उस दिन सड़क के दोनों तरफ भारी वाहनों के खड़े होने की स्थिति दिखाती है। आरोप है कि ग्रुप CEO के आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर रास्ते को प्रभावित किया गया।

BALCO प्रबंधन और प्रशासन को बताना चाहिए:

सार्वजनिक मार्ग पर भारी वाहनों को किस आदेश से रोका गया?
रास्ता कितने समय तक प्रभावित रहा?
यातायात पुलिस अथवा जिला प्रशासन से अनुमति ली गई थी या नहीं?
आम नागरिकों, श्रमिकों और वाहन चालकों को परेशानी की भरपाई कौन करेगा?
क्या किसी कॉरपोरेट अधिकारी का दौरा जनता के रास्ते से बड़ा हो गया?
 ऊपर हेलिकॉप्टर से अधिकारी उतरे, नीचे सड़क पर जनता और वाहन अटके रहे—क्या यही BALCO का जनहित वाला विकास मॉडल है?

 

बिना अनुमति हेलीपैड? दस्तावेज सार्वजनिक करे प्रबंधन ग्रुप CEO का हेलिकॉप्टर जिस हेलीपैड पर उतरा, उसकी वैधानिकता को लेकर भी गंभीर प्रश्न मौजूद हैं। BALCO बताए कि इस हेलीपैड के निर्माण और उपयोग के लिए:

भूमि-स्वामित्व एवं खसरा रिकॉर्ड;

नगर निगम अथवा सक्षम प्राधिकारी की निर्माण अनुमति;

स्वीकृत साइट प्लान;

विमानन और सुरक्षा अनुमति;

अग्निशमन एवं आपातकालीन व्यवस्था;

निर्माण पूर्णता और उपयोग प्रमाणपत्र—

किस प्राधिकारी से और किस तारीख को प्राप्त किए गए?

बड़े अधिकारी का हेलिकॉप्टर उतर जाने से कोई संरचना वैध नहीं हो जाती। कानून पट्टिका पर लिखे पदनाम से नहीं, स्वीकृति आदेश से चलता है। वनभूमि और निगम की सड़क के आरोपों के बीच पौधरोपण का फोटोशूट!

कार्यक्रम में पौधरोपण की तस्वीर को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रतीक की तरह प्रचारित किया गया। लेकिन BALCO पर वनभूमि के कथित कब्जे और भूमि उपयोग को लेकर लंबे समय से दस्तावेज आधारित गंभीर आरोप हैं।

ऐसी स्थिति में एक पौधा लगाकर तस्वीर खिंचवाना जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता। कंपनी को गांव, खसरा और रकबा-वार बताना होगा:

उसके कब्जे में कुल कितनी भूमि है?
कितनी भूमि निजी, शासकीय, राजस्व अथवा वनभूमि है?
कितनी वनभूमि का विधिवत डायवर्जन हुआ?
कितनी भूमि विवादित अथवा सीमांकन के अधीन है?
न्यायालय और शासन के समक्ष प्रस्तुत रिकॉर्ड की वर्तमान स्थिति क्या है?
एक तरफ वनभूमि पर कब्जे के दस्तावेजी सवाल, दूसरी तरफ कैमरे के सामने पौधरोपण—क्या एक पौधा हजारों एकड़ के प्रश्नों पर पर्दा डाल देगा?

 

नगर निगम की सड़क—BALCO की निजी जागीर कैसे?

 

BALCO क्षेत्र में नगर निगम के अधिकार वाली सार्वजनिक सड़क पर कथित कब्जे और नियंत्रण का मामला भी जांच मांगता है। निगम बताए कि संबंधित सड़क कंपनी को किस परिषद प्रस्ताव, लीज, हस्तांतरण अथवा सक्षम आदेश के तहत दी गई।

यदि कोई वैधानिक हस्तांतरण नहीं हुआ तो सड़क पर कंपनी का नियंत्रण किस अधिकार से है?
आम नागरिक दो फीट निर्माण कर दे तो निगम नोटिस लेकर पहुंच जाता है, लेकिन BALCO के सामने उसका अमला और नापजोख का फीता क्यों ठिठक जाता है?
 क्या नगर निगम का कानून गरीब की झोपड़ी तक जागता है और BALCO की चौखट पर पहुंचते ही सो जाता है?
अवैध निर्माणों पर निगम की चुप्पी—किसके संरक्षण की छत?

 

BALCO परिसर और उससे जुड़े आवासीय एवं अन्य निर्माणों की भवन अनुज्ञा, स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण का स्वतंत्र मिलान आवश्यक है।

नगर निगम सार्वजनिक करे:

कितने निर्माणों की भवन अनुज्ञा जारी हुई?

कितने निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप हैं?

कितने मामलों में नियमितीकरण कराया गया?

नक्शे से अतिरिक्त निर्माण पर कितनी शास्ति वसूली गई?

संपत्ति कर का निर्धारण वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल के अनुसार हुआ या नहीं?

अनुमति-विहीन निर्माणों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

जब दस्तावेज सामने होंगे तभी पता चलेगा कि यह विकास है या नियमों की कब्र पर खड़ा कॉरपोरेट साम्राज्य।

उद्घाटन कम, ‘नंबर बढ़ाओ अभियान’ ज्यादा?

पूरा आयोजन अब कई गंभीर सवालों के घेरे में है:

पहले उद्घाटित परियोजनाओं का दोबारा उद्घाटन क्यों?

पुराने उद्घाटन रिकॉर्ड और पट्टिकाएं कहां हैं?

ग्रुप CEO को पूर्व उद्घाटनों की जानकारी दी गई थी या नहीं?

स्वागत के नाम पर सार्वजनिक रास्ता क्यों प्रभावित हुआ?

कथित हेलीपैड की अनुमति कहां है?

निगम सड़क पर BALCO का अधिकार किस आदेश से है?

वनभूमि और अवैध निर्माणों के आरोपों पर जांच क्यों नहीं?

इनका उत्तर फूलों के गुलदस्ते, पौधरोपण की तस्वीर और सोशल मीडिया पोस्ट नहीं दे सकते। उत्तर केवल कार्यादेश, पूर्णता प्रमाणपत्र, पुरानी और नई उद्घाटन पट्टिकाएं, भूमि-अभिलेख, स्वीकृत नक्शे तथा अनुमति पत्र देंगे। प्रचार का पर्दा हटाइए—पहले उद्घाटन का रिकॉर्ड दिखाइए!

BALCO–वेदांता प्रबंधन को प्रत्येक परियोजना की स्थिति स्पष्ट करते हुए सार्वजनिक करना चाहिए:

1. परियोजना का नाम और स्वीकृत लागत;

2. कार्यादेश तथा निर्माण पूर्णता की तारीख;

3. पहले उद्घाटन की तारीख और उद्घाटनकर्ता;

4. दूसरे उद्घाटन का प्रशासनिक कारण;

5. नई पट्टिका लगाने का आदेश;

6. आयोजन और प्रचार पर हुआ खर्च;

7. सड़क रोकने तथा हेलीपैड उपयोग की अनुमति।

 

जिला प्रशासन, नगर निगम, राजस्व और वन विभाग को संयुक्त जांच कर यह पता लगाना चाहिए कि कंपनी ने ग्रुप CEO के दौरे में किन-किन परियोजनाओं को नई उपलब्धि बताकर प्रस्तुत किया और उनमें से कितनी का उद्घाटन पहले हो चुका था।

अंतिम सवाल

 क्या BALCO के अधिकारियों ने पुराने कामों पर नई पट्टिकाएं लगाकर ग्रुप CEO के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड चमकाया?
 क्या जनता का रास्ता रोककर और विवादित हेलीपैड पर हेलिकॉप्टर उतारकर वाहवाही की ऐसी कहानी रची गई, जिसकी नींव ही दस्तावेजी सवालों पर खड़ी है?

 

BALCO–वेदांता प्रबंधन अपना दस्तावेजी पक्ष उपलब्ध कराए; उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। लेकिन जब तक पहले और दूसरे उद्घाटन का पूरा रिकॉर्ड सामने नहीं आता, यह आयोजन उपलब्धियों का उत्सव कम और पुरानी उपलब्धियों की नई पैकिंग में सजाई गई कॉरपोरेट नौटंकी अधिक दिखाई देगा।

जल्द बड़ा खुलासा—किस परियोजना का उद्घाटन कब, किसके हाथों और कितनी बार हुआ? पट्टिका-दर-पट्टिका सामने आएगा पूरा दस्तावेजी सच!

संपादक – अब्दुल सुल्तान
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button