घनी नर्सरी चीरकर BALCO ने बना दिया ‘रहस्यमयी हेलिपैड’

हेलीकॉप्टर उतर गया, कानून की फाइल अब तक नहीं उतरी—अनुमति है तो आदेश दिखाओ, नहीं तो निर्माण किसकी कृपा से हुआ?
क्या नगर निगम, नगर एवं ग्राम निवेश, वन-राजस्व विभाग और जिला प्रशासन सोते रहे—या कॉरपोरेट ताकत के सामने नियमों ने खुद घुटने टेक दिए?
कोरबा | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क कोरबा में आम नागरिक मकान की एक दीवार खड़ी करे तो नगर निगम का नोटिस दरवाजे पर उतर आता है। लेकिन BALCO–Vedanta के सेक्टर-4 क्षेत्र में घनी नर्सरी के बीच कथित हेलिपैड तैयार हो गया, windsock लग गए, मैदान संवारा गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 29 अगस्त 2026 को हेलीकॉप्टर भी उतर गया—फिर भी अनुमति की फाइल सार्वजनिक रिकॉर्ड में कहीं उतरती दिखाई नहीं दे रही! यह सिर्फ एक landing का मामला नहीं है। यह उस प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता का परीक्षण है, जो कमजोर नागरिक के सामने नियमों का पहाड़ खड़ा करती है, लेकिन ताकतवर कंपनी के परिसर में कथित रूप से विकसित हुए हेलिपैड पर रहस्यमयी चुप्पी ओढ़ लेती है।
BALCO बताए—हेलिपैड वैध है तो अनुमति कहां है?
सार्वजनिक सरकारी पोर्टलों, DGCA से संबंधित उपलब्ध रिकॉर्ड, HeliSewa directory, जिला प्रशासन की वेबसाइट और BALCO–Vedanta के सार्वजनिक संचार की खोज में सेक्टर-4 हेलिपैड के नाम से कोई स्पष्ट एवं सत्यापन योग्य अनुमति सामने नहीं आई।
अब तक सार्वजनिक नहीं हैं:
– भूमि का खसरा और रकबा;
– स्वीकृत land-use;
– नगर एवं ग्राम निवेश की development permission;
– नगर निगम की निर्माण अनुमति;
– approved layout;
– DGCA/eGCA authorization, यदि संचालन की श्रेणी में अपेक्षित हो;
– HeliSewa Helipad ID;
– 29 अगस्त की operation request;
– जिला प्रशासन को दी गई पूर्व सूचना;
– fire और emergency preparedness report;
– वन एवं राजस्व विभाग का सत्यापन।
ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिलना अपने आप अवैधता का अंतिम प्रमाण नहीं है। लेकिन हेलीकॉप्टर उतरने के बाद BALCO और प्रशासन के लिए मौन रहने की गुंजाइश भी समाप्त हो जाती है।
अनुमति है तो चौबीस घंटे में सार्वजनिक कीजिए—नहीं है तो इसे किस कानून के तहत बनाया गया?
नर्सरी काटी, जमीन बदली या केवल घास पर हेलीकॉप्टर उतार दिया?
यदि स्थल पर जमीन समतल की गई, मिट्टी भरी गई, पेड़-पौधे हटाए गए, approach area बनाया गया, सड़क या fencing तैयार हुई अथवा hard landing surface विकसित किया गया, तो यह सामान्य रखरखाव नहीं बल्कि “development” और भूमि-उपयोग परिवर्तन का विषय हो सकता है। छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 26 आवश्यक लिखित अनुमति के बिना विकास पर रोक लगाती है। बिना अनुमति अथवा अनुमति के विपरीत विकास मिलने पर धारा 36 के अंतर्गत अभियोजन और दंड तथा धारा 37 के तहत:
– उपयोग बंद कराने;
– निर्माण हटाने या बदलने;
– भूमि पूर्व स्थिति में बहाल कराने;
– कार्रवाई का खर्च वसूलने की कार्यवाही संभव है।
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग स्पष्ट करे—
सेक्टर-4 में हेलिपैड उपयोग किस स्वीकृत विकास योजना और किस आदेश में दर्ज है?
यदि कोई आदेश मौजूद नहीं है तो संबंधित अधिकारी ने निर्माण रोकने की वैधानिक जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई?
नगर निगम की सीमा में निर्माण हुआ—तो भवन और राजस्व अमला कहां था?
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 293 आवश्यक अनुमति के बिना संबंधित संरचना के निर्माण अथवा material alteration पर रोक लगाती है। धारा 307 के तहत आयुक्त अनधिकृत कार्य को हटाने, बदलने या गिराने और खर्च वसूलने की कार्रवाई कर सकता है।
अब निगम आयुक्त और भवन अधिकारी से सीधे प्रश्न हैं:
– क्या BALCO ने हेलिपैड अथवा उससे संबंधित infrastructure की अनुमति मांगी?
– आवेदन क्रमांक और तारीख क्या है?
– स्वीकृत नक्शा किस अधिकारी ने पास किया?
– स्थल निरीक्षण किस अभियंता ने किया?
– निर्माण की जानकारी निगम को थी या नहीं?
– यदि जानकारी थी तो फाइल सार्वजनिक क्यों नहीं?
– यदि जानकारी नहीं थी तो निगम का मैदानी अमला किस काम में व्यस्त था?
हेलिपैड कोई रूमाल नहीं, जो रातों-रात जमीन पर बिछ गया! मैदान समतल हुआ होगा। पहुंच मार्ग बना होगा। windsock लगाए गए होंगे। सुरक्षा घेरा तैयार हुआ होगा। approach और take-off दिशा निर्धारित हुई होगी।
इतना सब होते समय:
– पटवारी ने क्या देखा?
– राजस्व निरीक्षक ने क्या दर्ज किया?
– वन अमले ने नर्सरी की स्थिति क्यों नहीं जांची?
– नगर एवं ग्राम निवेश का enforcement staff कहां था?
– नगर निगम के भवन अधिकारी को भनक क्यों नहीं लगी?
– जिला प्रशासन को पहली सूचना कब मिली?
क्या पूरा तंत्र सचमुच अनजान था, या फाइलों की सुविधाजनक खामोशी में हेलिपैड तैयार होने दिया गया?
जिला प्रशासन की अनुमति नहीं तो कम-से-कम पूर्व सूचना कहां है?
HeliSewa की आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार हर परिस्थिति में Collector की अलग लिखित अनुमति आवश्यक बताना सही नहीं होगा। सामान्यतः operator को operation request दर्ज करना, स्थल-मालिक की सहमति लेना और जिला प्रशासन को नियोजित उड़ान की सूचना देना होता है।
इसलिए जिला प्रशासन जवाब दे:
– 29 अगस्त की landing की सूचना कब प्राप्त हुई?
– HeliSewa request number क्या था?
– सूचना देने वाला operator कौन था?
– हेलीकॉप्टर का registration number “VT-___” क्या था?
– operator का AOP वैध था या नहीं?
– landing और take-off का समय क्या था?
– पुलिस, fire brigade और ambulance को सूचना दी गई थी?
– प्रशासन ने कोई आपत्ति अथवा सुरक्षा निर्देश जारी किया?
– operation log और inward record कहां है?यदि पूर्व सूचना नहीं दी गई तो प्रशासन किसके विरुद्ध कार्रवाई करेगा?
यदि सूचना दी गई थी तो उसे जनता से छिपाने का औचित्य क्या है?
सिर्फ windsock लगा देने से कोई मैदान वैध हेलिपैड नहीं बनता HeliSewa और DGCA के सुरक्षा मानकों में landing area, FATO/TLOF, obstruction-free approach, windsock, “H” marking, अग्निशमन, एम्बुलेंस, सुरक्षा, access road और emergency व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण तत्व शामिल हैं।
उपलब्ध वीडियो में windsock जैसे संकेत और घिरा हुआ मैदान दिखाई देता है, लेकिन स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं होते:
– निर्धारित “H” marking;
– FATO/TLOF dimensions;
– obstacle survey;
– fire tender;
– ambulance;
– trained emergency crew;
– crowd-control arrangement;
– approval board;
– evacuation plan।
क्या कॉरपोरेट सुविधा के लिए safety checklist को केवल कागजी औपचारिकता समझ लिया गया?
वनभूमि अथवा नर्सरी निकली तो स्थानीय मुहर भी बेअसर यदि खसरा जांच में जमीन वनभूमि, “बड़े झाड़ का जंगल”, शासकीय नर्सरी या अन्य संरक्षित श्रेणी की निकलती है, तो नगरपालिका अथवा कंपनी की आंतरिक अनुमति पर्याप्त नहीं होगी। Van (Sanrakshan Evam Samvardhan) कानून के अंतर्गत आवश्यक केंद्रीय स्वीकृति के बिना वनभूमि का गैर-वानिकी उपयोग गंभीर उल्लंघन बन सकता है।
प्रशासन को तत्काल कराना चाहिए:
– खसरा-वार सीमांकन;
– राजस्व और वन नक्शों का मिलान;
– पुरानी satellite imagery की तुलना;
– काटे या हटाए गए पेड़ों की गणना;
– विवादित वन/शासकीय भूमि से GIS overlap;
– compensatory plantation एवं संबंधित अनुमति की जांच।
BALCO के दूसरे भूमि-विवाद इस स्थल को स्वतः अवैध नहीं बनाते, लेकिन कंपनी की जमीन पर आंख बंद करके भरोसा करने की जगह स्वतंत्र सीमांकन को अनिवार्य अवश्य बनाते हैं। एक दिन की उड़ान-सूचना अवैध निर्माण को धोकर वैध नहीं कर सकती यह संभव है कि 29 अगस्त की landing के लिए operator ने HeliSewa प्रक्रिया पूरी की हो। लेकिन तब भी मूल प्रश्न जीवित रहेगा: जिस जगह हेलीकॉप्टर उतरा, उस जमीन को स्थायी या नियमित हेलिपैड के रूप में विकसित करने की अनुमति किसने दी?
एक operational request:
– अवैध land-use;
– बिना अनुमति development;
– वनभूमि के गैर-वानिकी उपयोग;
– अनधिकृत पेड़ कटाई;
– बिना स्वीकृति स्थायी निर्माण
को वैध नहीं कर सकती। और नगर निगम या नगर एवं ग्राम निवेश की अनुमति अपने आप aviation safety authorization नहीं बन जाती। बिना अनुमति निर्माण मिला तो कंपनी अकेली नहीं—कुर्सियां भी जवाब देंगी यदि जांच में हेलिपैड आवश्यक अनुमतियों के बिना निर्मित या संचालित पाया गया तो जवाबदेही केवल BALCO के किसी कर्मचारी पर डालकर मामला बंद नहीं किया जा सकता।
जांच के घेरे में आने चाहिए:
– BALCO/Vedanta के परियोजना एवं प्रशासनिक अधिकारी;
– भूमि एवं estate विभाग के जिम्मेदार अधिकारी;
– helicopter operator;
– संबंधित Pilot-in-Command;
– नगर निगम के भवन अधिकारी एवं निरीक्षण अमला;
– नगर एवं ग्राम निवेश के enforcement अधिकारी;
– संबंधित पटवारी और राजस्व निरीक्षक;
– वन विभाग का क्षेत्रीय अमला;
– जिला प्रशासन का विमानन/प्रोटोकॉल प्रकोष्ठ;
– सुरक्षा एवं अग्निशमन अधिकारी।
यदि दस्तावेजों में कूटरचना, गलत NOC, तथ्य छिपाना, जानबूझकर अनदेखी या अनुचित लाभ के लिए मिलीभगत का प्रमाण मिलता है तो विभागीय कार्रवाई के साथ ACB/EOW और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच भी होनी चाहिए। प्रशासन के सामने अब दो ही रास्ते—दस्तावेज दिखाए या संचालन रोके
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क जनहित में मांग करता है कि:
1. Collector के नेतृत्व में तत्काल संयुक्त निरीक्षण हो।
2. अगले आदेश तक स्थल पर हेलीकॉप्टर संचालन रोका जाए।
3. BALCO से भूमि, construction और aviation से जुड़े सभी मूल दस्तावेज मांगे जाएं।
4. 29 अगस्त की HeliSewa request और जिला प्रशासन की inward entry सार्वजनिक की जाए।
5. हेलीकॉप्टर का registration, operator और यात्रियों का अधिकृत विवरण बताया जाए।
6. राजस्व एवं वन विभाग संयुक्त GPS/GIS सीमांकन करें।
7. पुरानी और वर्तमान satellite imagery सुरक्षित की जाए।
8. निर्माण अवधि के सभी CCTV और contractor records जब्त कर सुरक्षित रखे जाएं।
9. fire, ambulance, police और security deployment की जांच हो।
10. अनुमति न मिलने पर उपयोग बंद कर भूमि पूर्व स्थिति में बहाल कराई जाए।
11. लापरवाह अथवा मिलीभगत करने वाले अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय हो।
12. जांच रिपोर्ट समयबद्ध रूप से सार्वजनिक की जाए।
यह हेलिपैड है या कानून की छाती पर बनाया गया कॉरपोरेट रनवे?
नर्सरी के बीच मैदान बदला, windsock लगे, हेलीकॉप्टर उतरा—मगर अनुमति पूछो तो पूरा तंत्र मौन! कोरबा अब केवल BALCO से नहीं, प्रशासन की प्रत्येक जिम्मेदार कुर्सी से जवाब मांग रहा है— हेलिपैड वैध है तो फाइल दिखाइए; फाइल नहीं है तो बताइए—किस अधिकारी की आंखों के सामने कानून को जमीन पर समतल कर दिया गया?
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