राज्य समाचार

BALCO ‘NO DRONE ZONE’: शिकायत कहां पहुंची, प्रशासन बताए!

Spread the love

 

दस्तावेजों के साथ दिया गंभीर जनहित अभ्यावेदन—न जांच की स्थिति बताई, न कार्रवाई की जानकारी; 10 सितंबर को अगली सुनवाई

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

बड़ा सवाल—BALCO के आवेदन पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है तो आपत्तिकर्ता की शिकायत किस टेबल पर है? जांच में है, विभागों को भेजी गई है या फाइलों के ढेर में दब गई?

 

कोरबा।  BALCO-वेदांता के औद्योगिक क्षेत्र को कथित रूप से “No Drone Zone” घोषित करने के आवेदन से जुड़ा मामला अब केवल ड्रोन उड़ाने की अनुमति या प्रतिबंध का प्रश्न नहीं रह गया है। यह मामला अब जिला प्रशासन की पारदर्शिता, जनहित शिकायतों के निस्तारण और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति से अवगत कराने की प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ गया है।

इस प्रकरण में जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष दस्तावेजों सहित विस्तृत आपत्ति/अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया था।   अभ्यावेदन में नगर निगम राजस्व, वास्तविक निर्मित क्षेत्र, भूमि उपयोग, पर्यावरणीय निगरानी, वनभूमि, औद्योगिक विस्तार तथा लंबित न्यायिक मामलों जैसे गंभीर विषय उठाते हुए BALCO के आवेदन पर निर्णय से पहले संयुक्त सरकारी ड्रोन सर्वे एवं विभागीय सत्यापन की मांग की गई थी।

लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार—

 

आज तक उसे यह तक नहीं बताया गया कि उसकी शिकायत पर हुआ क्या?

यही इस मामले का सबसे गंभीर प्रशासनिक सवाल बनता जा रहा है।

आखिर शिकायत है कहां?

यदि अभ्यावेदन जिला प्रशासन को विधिवत प्राप्त हुआ है, तो स्वाभाविक प्रश्न हैं—

क्या शिकायत जांच के लिए किसी अधिकारी को सौंपी गई?

क्या नगर निगम से प्रतिवेदन मांगा गया?

क्या राजस्व विभाग ने भूमि अभिलेखों का परीक्षण किया?

क्या वन विभाग से रिपोर्ट मांगी गई?

क्या प्रदूषण नियंत्रण मंडल अथवा पर्यावरण से जुड़े विभाग को पत्र भेजा गया?

क्या BALCO प्रबंधन से आपत्तियों पर बिंदुवार जवाब मांगा गया?

 

और यदि इनमें से कोई कार्रवाई हुई है तो—

शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी अब तक क्यों नहीं दी गई?

 

यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो सवाल और बड़ा है—

क्या गंभीर दस्तावेजों के साथ दिया गया जनहित अभ्यावेदन फाइलों में दब गया?

 

इस प्रश्न का उत्तर अब जिला प्रशासन से अपेक्षित है।

एक तरफ BALCO का आवेदन—दूसरी तरफ नागरिक की आपत्ति; क्या दोनों को समान गंभीरता मिली?

 

यहां प्रशासनिक निष्पक्षता का एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है।

BALCO का आवेदन प्रशासनिक प्रक्रिया में विचाराधीन है और मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 निर्धारित होने की जानकारी सामने आई है।  लेकिन उसी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत नागरिक की आपत्ति की वर्तमान स्थिति क्या है—यह शिकायतकर्ता को ज्ञात नहीं है।

यदि कंपनी के आवेदन पर तारीख-दर-तारीख प्रक्रिया चल सकती है, तो जनहित आपत्ति की कार्रवाई का रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं?

 

यह प्रश्न किसी कंपनी के पक्ष या विपक्ष का नहीं बल्कि प्रशासनिक समानता और पारदर्शिता का है।

6 अगस्त से 10 सितंबर के बीच प्रशासन ने क्या किया?

पूर्व में मामले की सुनवाई 6 अगस्त 2026 को प्रस्तावित थी। अब अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 बताई जा रही है। इस बीच प्रशासन के पास लगभग एक महीने का समय है।

इस अवधि में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि शिकायत में उठाए गए तथ्यों का क्या परीक्षण किया गया?

यदि संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है तो वे रिपोर्ट कहां हैं?

यदि जांच जारी है तो जांच किस अधिकारी के पास है?

यदि शिकायत में कोई तथ्य अस्वीकार्य पाया गया तो शिकायतकर्ता को कारण सहित सूचना क्यों नहीं दी गई?

और यदि शिकायत पर अभी तक कोई निर्णय ही नहीं हुआ तो—

आखिर विलंब का कारण क्या है?

मामला सिर्फ ‘ड्रोन’ का नहीं—ड्रोन से दिखने वाले तथ्यों का भी है। यही इस प्रकरण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।  आपत्ति में ड्रोन सर्वे को नगर निगम की संपत्ति एवं वास्तविक निर्मित क्षेत्र, भूमि उपयोग, पर्यावरणीय स्थिति, राख एवं औद्योगिक क्षेत्र, हरित क्षेत्र और वनभूमि संबंधी वास्तविक भौगोलिक स्थिति के वैज्ञानिक सत्यापन से जोड़ा गया है।  इसलिए प्रशासन के सामने प्रश्न केवल यह नहीं होना चाहिए कि—

“ड्रोन उड़ने दिया जाए या नहीं?”

बल्कि यह भी होना चाहिए कि—

“जिस क्षेत्र को व्यापक ड्रोन प्रतिबंध के दायरे में लाने की मांग है, उसकी वास्तविक सरकारी जांच और वैज्ञानिक मैपिंग पहले हुई या नहीं?”

पहले सरकारी सर्वे, फिर ‘No Drone Zone’ पर फैसला?

आपत्तिकर्ता की मांग स्पष्ट है कि BALCO के आवेदन पर अंतिम निर्णय से पहले नगर निगम, राजस्व, वन, पर्यावरण एवं अन्य सक्षम विभागों की संयुक्त टीम से क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए।

इससे यदि BALCO की स्थिति पूरी तरह नियमानुकूल निकलती है तो वह तथ्य भी सरकारी रिकॉर्ड में स्थापित होगा।  और यदि कोई विसंगति सामने आती है तो उस पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकेगी। फिर स्वतंत्र सरकारी सत्यापन से परहेज क्यों होना चाहिए?

10 सितंबर की सुनवाई अब प्रशासन की पारदर्शिता की भी परीक्षा। अगली सुनवाई में अब केवल BALCO से यह पूछना पर्याप्त नहीं होगा कि कंपनी अपने क्षेत्र को No Drone Zone क्यों घोषित कराना चाहती है।

जनहित में यह भी सामने आना चाहिए कि—

 

आपत्तिकर्ता द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच किसने की?

कौन-कौन से विभागों से रिपोर्ट ली गई?

क्या संयुक्त सर्वे पर विचार हुआ?

BALCO से क्या जवाब मांगा गया और क्या जवाब प्राप्त हुआ?

और सबसे महत्वपूर्ण—शिकायत की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति क्या है?

ग्राम यात्रा के 5 सीधे सवाल

 

1. दस्तावेजों सहित दिया गया अभ्यावेदन आज किस अधिकारी और किस शाखा के पास लंबित है?

2. शिकायत पर अब तक कौन-सी कार्रवाई की गई और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?

3. क्या नगर निगम, राजस्व, वन एवं पर्यावरण विभाग से जांच प्रतिवेदन मांगे गए हैं?

4. यदि शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो इसके लिए जवाबदेह अधिकारी कौन है और विलंब का कारण क्या है?

5. क्या 10 सितंबर को BALCO के आवेदन पर निर्णय से पहले शिकायतकर्ता की आपत्तियों और दस्तावेजों पर बिंदुवार आदेश पारित किया जाएगा?

 

“फाइल कहां है?”—अब इसका जवाब जरूरी। लोक प्रशासन में नागरिक से शिकायत प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है।  उसका परीक्षण, निष्पक्ष निस्तारण और कार्रवाई की स्थिति की पारदर्शिता ही प्रशासनिक व्यवस्था पर जनता का विश्वास कायम करती है।  इसलिए BALCO के “No Drone Zone” आवेदन से भी पहले अब एक सवाल प्रशासन के सामने खड़ा है—

शिकायतकर्ता की फाइल आखिर कहां है?”

जांच में है तो जांच बताइए। 

विभाग को भेजी है तो विभाग बताइए।

कार्रवाई हुई है तो कार्रवाई बताइए।

खारिज की है तो कारण बताइए।

लेकिन शिकायतकर्ता को स्थिति से अनभिज्ञ रखना उन सवालों को और गंभीर करता है जिन्हें अभ्यावेदन में पहले ही उठाया गया है।  अब निगाहें 10 सितंबर 2026 की सुनवाई पर रहेंगी।

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क इस मामले में प्रशासनिक रिकॉर्ड, विभागीय कार्रवाई और अगली सुनवाई पर लगातार नजर रखेगा।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button