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ट्रेड लाइसेंस नियम में बड़ा संशोधन: लाइसेंस से छूट, लेकिन शुल्क से नहीं — व्यापारियों को अब पोर्टल पर आवेदन और फीस रसीद रखना होगा

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ट्रेड लाइसेंस नियम में बड़ा संशोधन: लाइसेंस से छूट, लेकिन शुल्क से नहीं — व्यापारियों को अब पोर्टल पर आवेदन और फीस रसीद रखना होगा

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क | विशेष रिपोर्ट छत्तीसगढ़

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरपालिका ट्रेड लाइसेंस नियम, 2025 में बड़ा संशोधन किया गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की 25 जून 2026 की अधिसूचना के अनुसार, अब जिन व्यापारियों के पास पहले से गुमाश्ता/दुकान एवं स्थापना पंजीयन, FSSAI लाइसेंस/पंजीयन, ड्रग लाइसेंस, फैक्ट्री लाइसेंस या OSHWC पंजीयन उपलब्ध है, उन्हें नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्र में अलग से ट्रेड लाइसेंस लेने या उसका नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

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लेकिन सरकार ने इसी संशोधन में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ट्रेड लाइसेंस से छूट मिलने के बावजूद संबंधित व्यापारी को नगरपालिका में लागू पंजीयन शुल्क देना अनिवार्य होगा। यानी लाइसेंस नहीं मिलेगा, लेकिन शुल्क देना पड़ेगा। अधिसूचना के नए नियम 19 में कहा गया है कि छूट का लाभ लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति नियम 5 के अनुसार लागू पंजीयन शुल्क के भुगतान के लिए उत्तरदायी होगा।


व्यापारियों के लिए नया सिस्टम क्या होगा?

व्यापारी को पोर्टल पर आवेदन करना होगा, लागू शुल्क जमा करना होगा और अपनी दुकान/प्रतिष्ठान में पहले से प्राप्त वैध लाइसेंस के साथ ट्रेड लाइसेंस शुल्क भुगतान की रसीद रखना होगा। यह व्यवस्था उन 43 व्यापारिक श्रेणियों पर लागू होगी, जिनमें किराना दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, मेडिकल स्टोर, फैक्ट्री, गोदाम, कोचिंग सेंटर, जिम, सैलून, बैंक, ऑफिस, डेयरी, बेकरी, मीट-फिश दुकान, क्लाउड किचन और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं।


बड़ा सवाल: यह राहत है या शुल्क वसूली का नया मॉडल?

सरकार इसे प्रक्रिया सरल करने वाला कदम बता सकती है, क्योंकि व्यापारी को अलग-अलग विभागों से लाइसेंस लेने के बाद नगर निकाय से फिर ट्रेड लाइसेंस लेने की बाध्यता नहीं रहेगी। लेकिन असल सवाल यह है कि जब ट्रेड लाइसेंस जारी ही नहीं होगा, तब भी शुल्क क्यों लिया जाएगा?

यह संशोधन व्यापारियों के लिए दोहरी स्थिति पैदा करता है—

  • लाइसेंस से छूट, लेकिन शुल्क से नहीं।

यही बिंदु आने वाले दिनों में व्यापारी संगठनों, नगर निकायों और प्रशासन के बीच बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।


कानूनी रूप से सबसे महत्वपूर्ण बात

यह छूट केवल उन्हीं व्यापारों को मिलेगी जो अधिसूचना की अनुसूची में दर्ज हैं। विभाग को भविष्य में सूची में व्यापार जोड़ने, हटाने या संशोधित करने का अधिकार भी दिया गया है।


संपादकीय टिप्पणी

नया संशोधन व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस की औपचारिकता से राहत देता है, लेकिन नगर निकाय के शुल्क से नहीं। अब असली परीक्षा पोर्टल व्यवस्था, शुल्क निर्धारण की पारदर्शिता और नगर निकायों द्वारा इसके क्रियान्वयन की होगी।

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