अपराधराजनीतीराज्य समाचाररोचक तथ्य

भाजयुमो में ‘उम्र, रिश्ते और सिफारिश’ का संग्राम ! कटघोरा मंडल अध्यक्ष अनुराग दुहलानी की नियुक्ति पर बवाल, प्रदेश तक पहुंची शिकायत

Spread the love

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा की हालिया कार्यकारिणी गठन के बाद संगठन के भीतर ही विवाद और असंतोष की स्थिति बनती नजर आ रही है। कटघोरा मंडल अध्यक्ष के रूप में अनुराग दुहलानी की नियुक्ति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। आयु सीमा से लेकर राजनीतिक नजदीकियों और संगठन के अंदर गुटबाजी तक, कई मुद्दों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सबसे पहले विवाद उनकी उम्र को लेकर खड़ा हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर स्वयं अनुराग दुहलानी द्वारा साझा की गई जन्मतिथि के अनुसार उनका जन्म 24 अगस्त 1990 बताया जा रहा है। इस हिसाब से उनकी उम्र भाजपा युवा मोर्चा के लिए निर्धारित अधिकतम सीमा 35 वर्ष से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद उन्हें मंडल अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि अनुराग दुहलानी पूर्व में पालीतानाखार के पूर्व विधायक मोहितराम केरकेट्टा के खास करीबी माने जाते रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनकी नजदीकियों को लेकर कई बार चर्चा सामने आई थी। यहां तक कि एक कार्यक्रम में वे तत्कालीन कांग्रेस विधायक मोहितराम केरकेट्टा के स्वागत में फूल-माला पहनाते हुए भी नजर आए थे, जिसके बाद उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता को लेकर भी सवाल उठे थे।

सूत्रों के अनुसार इस नियुक्ति को लेकर स्थानीय भाजपा नेताओं के बीच भी मतभेद सामने आए हैं। चर्चा है कि कटघोरा के वर्तमान विधायक प्रेमचंद पटेल की राय को भी इस मामले में विशेष महत्व नहीं दिया गया। यही कारण है कि संगठन के भीतर यह मुद्दा अब धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि अनुराग दुहलानी को संगठन में पद दिलाने के पीछे भाजपा के एक जिला पदाधिकारी की भूमिका भी चर्चा में है। राजनीतिक हलकों में यह कहा जा रहा है कि वे भाजपा जिला महामंत्री संजय शर्मा के खास माने जाते हैं और उनके प्रभाव के चलते ही उन्हें मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर किसी भी नेता की ओर से सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

इधर इस पूरे मामले को लेकर शिकायत प्रदेश स्तर तक पहुंचने की चर्चा भी है। बताया जा रहा है कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश नेतृत्व को फोन के माध्यम से आयु सीमा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी गई है। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष वैभव शर्मा ने भी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए तथ्यों की जांच कराने की बात कही है।

कार्यकर्ताओं के बीच यह भी चर्चा है कि कार्यकारिणी गठन के दौरान कई पदों पर नियुक्ति में पारदर्शिता की बजाय निजी समीकरण और गुटबाजी हावी रही है। लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कई पुराने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी नहीं मिलने से असंतोष की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा खुद को अनुशासित संगठन के रूप में प्रस्तुत करती रही है, लेकिन यदि नियुक्तियों में तय मापदंडों की अनदेखी और निजी प्रभाव का असर सामने आता है तो इससे संगठन की छवि पर भी असर पड़ सकता है।

फिलहाल कटघोरा मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठे सवालों ने संगठन के भीतर हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी है कि इस विवादित नियुक्ति को लेकर क्या फैसला लिया जाता है।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button