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ISBT भाटागांव में अवैध टिकट काउंटर हटाया गया, यात्रियों को मिली राहत

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रायपुर  । राजधानी के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) भाटागांव में संचालित अवैध टिकट काउंटर को रायपुर नगर निगम ने पूर्ण रूप से हटा दिया है। यह काउंटर लंबे समय से यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद निगम प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि भूतल पर जाली तरीके से संचालित यह टिकट काउंटर बिना लाइसेंस और बिना अनुमति के चल रहा था। त्योहारी सीजन में भारी भीड़ का फायदा उठाकर यहां यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा था। यात्रियों को न तो प्रिंट टिकट दिया जाता था और न ही मोबाइल पर कोई कन्फर्मेशन मैसेज भेजा जाता था।

 

एक ही बस के अलग-अलग किराए

यात्रियों ने शिकायत की थी कि एक ही ट्रेवल्स की बस के लिए अलग-अलग काउंटरों पर अलग-अलग किराया बताया जाता था। उदाहरण के तौर पर हैदराबाद के लिए स्लीपर सीट का किराया 1400 रुपये और 5 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर 1470 रुपये होना चाहिए, लेकिन कुछ काउंटरों पर 1650 से 1750 रुपये तक वसूले जा रहे थे। किराया अधिक होने पर आपत्ति जताने वाले यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें भी सामने आईं।

फर्जी एजेंटों का नेटवर्क सक्रिय

सूत्रों के अनुसार, बस स्टैंड के गेट नंबर 1, 2 और 3 पर फर्जी एजेंट और हॉकर सक्रिय थे। ये एजेंट यात्रियों को घेरकर सीट दिलाने के नाम पर दबाव बनाते थे। कई मामलों में बदसलूकी और मारपीट तक की नौबत आने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि ये एजेंट बिना अधिकृत पत्र और वैध लाइसेंस के टिकट बुकिंग कर रहे थे और जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूल रहे थे।

राजस्व हानि की आशंका

इस तरह की गतिविधियों से शासन को जीएसटी और राजस्व हानि होने की भी आशंका जताई गई है। चेकिंग के दौरान एजेंट यात्रियों को बस स्टैंड से दूर ले जाकर बसों में बैठा देते थे, ताकि कार्रवाई से बच सकें।

 

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और मांग की है कि भविष्य में भी नियमित जांच कर अवैध एजेंटों और काउंटरों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बस टर्मिनल पर यात्रियों को सुरक्षित और पारदर्शी सुविधा मिल सके।

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