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“विकास को रोकने की नाकाम कोशिशें, पर लखनलाल और संजू देवी की मजबूत नेतृत्व ने फिर किया कमाल” — वेदांता बालको की आधुनिक जी+9 आवासीय परियोजना से कोरबा में विकास की नई सवेऱा

कोरबा।

जब मंशा साफ हो और जनता आशीर्वाद दे, तब विकास की राह को कोई नहीं रोक सकता। यही नज़ारा सोमवार को बालको नगर ने देखा, जब वेदांता बालको की जी+9 मंजिला अत्याधुनिक आवासीय परियोजना का शिलान्यास अनोखे अंदाज़ में संपन्न हुआ।

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इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के केंद्र में थे — श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, जिनके शिलान्यास के साथ ही यह परियोजना अब साकार होने जा रही है। यह सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का वादा है।


लखनलाल देवांगन : “जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना हमारी पहली जिम्मेदारी”

समारोह में बोलते हुए श्री देवांगन ने कहा,
“हमारी सरकार न सिर्फ उद्योगों का समर्थन करती है, बल्कि हर उस हाथ का भी सम्मान करती है जो विकास की नींव रखता है। बालको के श्रमिक, हमारे विकास साझेदार हैं। यही कारण है कि इस आवासीय परियोजना के जरिए हम उन्हें उनके हक का सम्मान दे रहे हैं — आधुनिक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास।”

उन्होंने आगे कहा कि जो लोग इस परियोजना का बिना वजह विरोध कर रहे हैं, वे दरअसल अपने निजी स्वार्थ के लिए जनता को गुमराह करना चाहते हैं।


संजू देवी राजपूत : “यह परियोजना, कोरबा में विकास का जीवंत प्रतीक”

महापौर संजू देवी राजपूत ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा,
“हमारी सरकार विकास की नीति पर चलती है, रुकावटों और झूठी राजनीति पर नहीं। यह परियोजना कोरबा के भविष्य के लिए एक संरचना नहीं, बल्कि उम्मीदों का घर बनेगी।”

उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर जनता के नाम पर अपने निजी ठेकेदारी हित साध रहे थे, लेकिन इस परियोजना से यह स्पष्ट हो गया है कि कर्मचारियों की भलाई और जनसरोकार पर हमारी सरकार अडिग है।


विरोधियों की “ठंडी राजनीति” — खुद की बात पर ही खंडन जारी करना पड़ा

जिस तरह से कुछ नेताओं ने — खासकर जो खुद को भाजपा का बताकर कांग्रेस मानसिकता से काम कर रहे थे — गुपचुप तरीके से विरोध किया, उससे उनकी असलियत सामने आ गई। ये वो लोग थे जो अपने नाम को चमकाने और ठेकेदारी में हिस्सेदारी की चाहत में परियोजना का विरोध कर रहे थे।
लेकिन जनता और बालको कर्मचारियों के जबरदस्त समर्थन के बाद उन्हें पलटी मारकर खंडन करने पर मजबूर होना पड़ा।

इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि —

“विकास का विरोध करने वाले हमेशा रहेंगे, लेकिन असली नेता वो होता है, जो जनता की भलाई के लिए आगे बढ़कर फैसले ले और उनका सफल क्रियान्वयन करे।”


क्या खास है इस जी+9 परियोजना में?

  • अत्याधुनिक सुविधाएं, सेक्टर-6 में निर्माण
  • 60 साल पुराने आवासीय ढांचे में आमूल बदलाव
  • अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स लिमिटेड जैसी देश की प्रतिष्ठित कंपनी को जिम्मेदारी
  • ऊर्जाक्षम, पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित निर्माण
  • बालको कर्मचारियों को परिवार संग आधुनिक और सम्मानजनक आवास

विरोध के तीरों के बीच विकास का सूर्य

छत्तीसगढ़ में विकास की लहरें थमने वाली नहीं हैं। लखनलाल देवांगन जैसे जन-प्रतिनिधि और संजू देवी जैसे जन-नायकों की प्रतिबद्धता उस विचार को मजबूत करती है, जिसमें जनता की भलाई को सर्वोपरि रखा जाता है।
बालको की आधुनिक आवासीय परियोजना उस विजय की कहानी है, जिसमें सच झूठ पर भारी पड़ता है और विकास की आवाज़ किसी भी राजनीतिक शोर से ऊपर उठकर गूंजती है।

यह सिर्फ एक शिलान्यास समारोह नहीं — बल्कि यह घोषणा है कि “बालको आगे बढ़ेगा… और जनता के हित के साथ बढ़ेगा!”

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