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स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण कटौती का फैसला वापस ले सरकार

रायपुर  (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण प्रावधान में संशोधन करके दुर्भावना पूर्वक की गई कटौती वापस लेने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सामान्य सीटों पर ओबीसी को प्रतिनिधित्व देने का झूठा वादा करके भाजपा और साय सरकार ओबीसी विरोधी पाप से मुक्त नहीं हो सकती। ओबीसी वर्ग को उनके भागीदारी के अनुरूप आरक्षण का हक मिलना चाहिए, सरकार कुतर्क करके पिछड़ा वर्ग के हितों के खिलाफ़ थोपे गए निर्णय को जायज़ ठहराना बंद करे और ओबीसी आरक्षण विरोधी तुगलकी फरमान तत्काल वापस ले।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के लोग जनता को गुमराह करना बंद करें। सामान्य सीटों पर प्रतिनिधित्व देने का वादा और ओबीसी समुदाय को उनकी आरक्षित सीटों का अधिकार दिए जाने में जमीन आसमान का अंतर है। मुक्त सीटों पर किसी भी वर्ग के व्यक्ति को रोक पाना संभव ही नहीं है जबकि आरक्षित सीट का मतलब केवल उस वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू करने से है, आखिर भाजपा को छत्तीसगढ़ के बहुसंख्यक आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग से इतनी हिकारत क्यों है? क्यों जिला पंचायत अध्यक्षों के पदों पर जो 25 प्रतिशत ओबीसी के लिए आरक्षित हुआ करती थी, उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया गया?

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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि न्यायालय ने सरकार को कभी यह नहीं कहा कि आप ओबीसी का आरक्षण खत्म कर दो, बल्कि सामाजिक न्याय के फार्मूले पर काम करने निर्देशित किया था, इस सरकार ने ओबीसी के खिलाफ षडयंत्र रचे, वास्तविक हेड काउंट करवाये बिना ओबीसी वर्ग की प्रमाणित संख्या को छुपाया गया और दुर्भावना पूर्वक ओबीसी आरक्षण में कटौती की गई। प्रदेश की बहुसंख्यक आबादी के खिलाफ लिए गए इस निर्णय को सरकार वापस ले और पिछड़ा वर्ग को उनके आरक्षण का अधिकार लौटाए।

 

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