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कलेक्टर ने की सत्र 2023-24 के बोर्ड कक्षा के परिणामों की समीक्षा

आगामी सत्र में गुणवत्ता युक्त शिक्षा/स्तर सुधार के लिए ठोस कार्य

 

बेमेतरा।  कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभा कक्ष में  ज़िला शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सत्र 2023-24 के कक्षा 10वीं एवं 12वीं वार्षिक बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित किये जा चुके है। बोर्ड परीक्षा में कुछ  विद्यालयों ने उत्कृष्ट / बेहतर प्रदर्शन किए है, किन्तु कुछ विद्यालयों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। इसलिए परीक्षा परीणामों का विश्लेषण किया जाना आवश्यक था। उन्होंने  सभी से आगामी सत्र में गुणवत्ता युक्त शिक्षा/स्तर सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने पर बल दिया। ताकि  इस  आगामी सत्र  की कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड के परीक्षा की परिणामों  में बच्चों का और बेहतर प्रदर्शन  कर  सकें। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक गुणवत्ता युक्त शिक्षा बच्चों को दें।    उन्होंने कहा कि  स्कूल शिक्षा विभाग से भी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि ज़िले के जिन  विद्यालयों जहां अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या/प्रतिशत सर्वाधिक है, उन विद्यालयों पर फोकस  करें।

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उन्होंने कहा कि ज़िले के जिन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से अधिक एवं 60 प्रतिशत से कम हैं ऐसे प्राचार्यों/शिक्षको  से उनका कारण जाना और उसका निराकरण करने क्या कर रहे है।जानकारी ली। उन्होंने कहा कि  आगामी परीक्षा परिणाम में सुधार करें। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जिले के शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को कहा कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा  में तो कर रहा हूँ।आप भी अपने स्तर से अपने विद्यालय की  करें।ताकि आपको मालूम हो कि कहा कमी रही उसे  दूर  करना सुनिश्चित करें, जिससे आपके विद्यालय और ज़िले का  बेहतर परीक्षा परिणाम आये। ,आगामी शिक्षा सत्र के लिए  अकादमिक गुणवत्तायुक्त अध्ययन-अध्यापन प्रारंभ करें।

कलेक्टर ने ज़िला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्राचार्य / शिक्षकों के लिये समय-समय पर मोटिवेशनल वर्कशॉप का आयोजन करें। जिन बच्चों के रिजल्ट कम है उनके लिये विशेष शिक्षक-पालक बैठक का आयोजन भी करें। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई के प्रति भी जागरूक किया जाये।

उसके बाद स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए जल शक्ति अभियान “Catch the Rain” के तहत “नारी शक्ति से जल शक्ति” कार्यक्रम पर चर्चा की गई।

इस अभियान का उद्देश्य जल की एक-एक बूंद को सहेजना और भविष्य के लिए सुरक्षित रखना है। कलेक्टर ने बैठक में जल संरक्षण व संवर्धन से संबंधित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सभी स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग के भवनों में अनिवार्य रूप से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, कलेक्टर ने सभी स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के महत्व और इससे संबंधित उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए शिक्षकों को निर्देशित किया। जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। “नारी शक्ति से जल शक्ति” अभियान के माध्यम से महिलाओं को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे समाज में जल संरक्षण की संस्कृति को और मजबूती मिले।

इस कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य यांत्रिकी कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभा कक्ष में  ज़िला शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सत्र 2023-24 के कक्षा 10वीं एवं 12वीं वार्षिक बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित किये जा चुके है। बोर्ड परीक्षा में कुछ  विद्यालयों ने उत्कृष्ट / बेहतर प्रदर्शन किए है, किन्तु कुछ विद्यालयों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। इसलिए परीक्षा परीणामों का विश्लेषण किया जाना आवश्यक था। उन्होंने  सभी से आगामी सत्र में गुणवत्ता युक्त शिक्षा/स्तर सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने पर बल दिया। ताकि  इस  आगामी सत्र  की कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं बोर्ड के परीक्षा की परिणामों  में बच्चों का और बेहतर प्रदर्शन  कर  सकें। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक गुणवत्ता युक्त शिक्षा बच्चों को दें।    उन्होंने कहा कि  स्कूल शिक्षा विभाग से भी दिशा-निर्देश प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि ज़िले के जिन  विद्यालयों जहां अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या/प्रतिशत सर्वाधिक है, उन विद्यालयों पर फोकस  करें।

उन्होंने कहा कि ज़िले के जिन विद्यालयों के परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से अधिक एवं 60 प्रतिशत से कम हैं ऐसे प्राचार्यों/शिक्षको  से उनका कारण जाना और उसका निराकरण करने क्या कर रहे है।जानकारी ली। उन्होंने कहा कि  आगामी परीक्षा परिणाम में सुधार करें। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जिले के शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को कहा कि कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा  में तो कर रहा हूँ।आप भी अपने स्तर से अपने विद्यालय की  करें।ताकि आपको मालूम हो कि कहा कमी रही उसे  दूर  करना सुनिश्चित करें, जिससे आपके विद्यालय और ज़िले का  बेहतर परीक्षा परिणाम आये। ,आगामी शिक्षा सत्र के लिए  अकादमिक गुणवत्तायुक्त अध्ययन-अध्यापन प्रारंभ करें।

कलेक्टर ने ज़िला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्राचार्य / शिक्षकों के लिये समय-समय पर मोटिवेशनल वर्कशॉप का आयोजन करें। जिन बच्चों के रिजल्ट कम है उनके लिये विशेष शिक्षक-पालक बैठक का आयोजन भी करें। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई के प्रति भी जागरूक किया जाये।

उसके बाद स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए जल शक्ति अभियान “Catch the Rain” के तहत “नारी शक्ति से जल शक्ति” कार्यक्रम पर चर्चा की गई।

इस अभियान का उद्देश्य जल की एक-एक बूंद को सहेजना और भविष्य के लिए सुरक्षित रखना है। कलेक्टर ने बैठक में जल संरक्षण व संवर्धन से संबंधित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सभी स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग के भवनों में अनिवार्य रूप से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, कलेक्टर ने सभी स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के महत्व और इससे संबंधित उपायों के बारे में जागरूक करने के लिए शिक्षकों को निर्देशित किया। जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी उपस्थित लोगों को जल बचाने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। “नारी शक्ति से जल शक्ति” अभियान के माध्यम से महिलाओं को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे समाज में जल संरक्षण की संस्कृति को और मजबूती मिले।

इस कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य यांत्रिकी कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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