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रेलवे सुरक्षा बल ने डेढ़ साल में पकड़े डेढ़ करोड़ के ड्रग्स

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बिलासपुर- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में ड्रग्स तस्करों के विरुद्ध ऑपरेशन नार्कोस चलाया जा रहा है। यह अभियान नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के बढ़ते खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए जून 2022 में शुरू किया गया था, जिसमें अब तक करीब डेढ़ करोड़ कीमत के ड्रग्स पकड़ने के साथ 119 तस्करों को गिरफ्तार कर प्रवर्तन एजेंसियों के हवाले किया जा चुका है। डेढ़ साल में हुई इन कार्यवाहियों में 1248 किलोग्राम मादक पदार्थों को जब्त किया गया है।

रेल यात्रियों एवं रेल सम्पत्तियों की सुरक्षा के साथ साथ अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को निभाते हुए रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ऑपरेशन “नार्कोस” अभियान का सफल क्रियान्वयन कर रही है। इसके अंतर्गत के तहत 1.56 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किया गया है। रेल के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह अभियान जून-2022 में प्रारंभ किया गया था । रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस अवैध व्यापार में शामिल ड्रग तस्करों को निशाना बनाने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय से देश भर में ट्रेनों व चिह्नित ब्लैक स्पॉट में अपनी जाँच तेज़ कर दी है। कानून प्रवर्तन एजेंसी के तौर पर रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने हाल के दिनों में ऑपरेशन नार्कोस के अंतर्गत महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस ऑपरेशन के तहत रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रेलवे के माध्यम से नारकोटिक्स उत्पादों को ले जाने वाले वाहक, ट्रांसपोर्टरों के विरुद्ध तीव्र कारवाई किया है।

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तेज हुई ब्लैक स्पॉट और पेडलर्स की पहचान

इस अवैध व्यापार में शामिल ड्रग पेडलर्स को लक्षित करने के लिए एनसीबी और अन्य एलईए के समन्वय से ट्रेनों और चिन्हित ब्लैक स्पॉट में अपनी जांच भी तेजी लाते हुए अभी तक 1.56 करोड़ रुपये के लगभग 1248 किलोग्राम विभिन्न नशीले पदार्थों के उत्पादों को बरामद किया गया है । रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अभी तक अपने कार्याधिकार क्षेत्र के भीतर एनडीपीएस ले जाने वाले 119 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है और इन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों और सामानों के परिवहन में अग्रणी भूमिका निभाता है । इसके व्यापक नेटवर्क के कारण अपराधियों द्वारा अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनों का उपयोग एनडीपीएस को आम यात्रियों के रूप में ड्रग कैरियर्स को छिपाने के लिए विभिन्न राज्यों में तस्करी के लिए किया जाता है। इस प्रकार, सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस तरह के नशीले पर्दाथों की तस्करी और रेलवे को एनडीपीएस के अवैध परिवहन का माध्यम बनने से रोकना बहुत चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

वर्ष 2019 में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार

 

रेलवे सुरक्षा बल को अप्रैल 2019 से एनडीपीएस अधिनियम के तहत तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी करने का अधिकार दिया गया है और बल अवैध व्यापार को प्रतिबंधित करने के सरकार के प्रयासों में सक्रिय रूप से सहभागी बन रहा है। नशीले पदार्थ न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को खराब करते हैं, बल्कि ये पदार्थ अर्थव्यवस्था और राष्ट्र के हित को भी नुकसान पहुंचाते हैं। नशीली दवाओं की लत के दूरगामी प्रभाव होते हैं क्योंकि यह व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं । रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने इस अभियान को तीव्र गति से जारी रखेगी।

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