राजनीती

रायपुर : कलेक्टर द्वारा की गई ‘‘गौठान पहुंच कार्यक्रम‘‘ की डि-ब्रीफिंग

कलेक्टर सौरभ कुमार द्वारा विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित पंडित डी.डी.यू ऑडिटोरियम में गत् दिवस 8 अप्रैल को जिले के गौठानों में आयोजित हुए ‘‘गौठान पहुंच कार्यक्रम‘‘ की डि-ब्रीफिंग की गई।कलेक्टर द्वारा गौठान प्रबंधन समिति के कार्य एवं दायित्व के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने गोबर खरीदी कार्य पर विशेष रूप से जोर देने कहा। उन्होंने सभी गौठानों में सप्ताह में कम से कम चार दिन गोबर खरीदी कार्य सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देशित किया और कहा कि वर्मी कंपोस्ट के विक्रय में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आना चाहिए।

कलेक्टर ने कहा कि जिस गौठानों में वर्मी रखने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, वहां अलग से शेड बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गौठानों में चारागांह के लिए निर्धारित जगह पर सब्जी भाजी नहीं लगाना चाहिए। कलेक्टर ने गौठानों से जुड़े स्व सहायता समूह के सदस्यों की औसत आय के बारे मे जानकारी ली और उनके आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग और खपत के आधार पर स्थानीय स्तर पर गौठान में आवश्यक वस्तूओं का उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाईवे से लगे गौठानों में वहां उत्पादित वस्तुओं का विक्रय भी किया जा सकता है।

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कलेक्टर ने कहा की पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को मिलने वाली राशि के लिए किसानों का ई-केवाईसी होना जरूरी है। उन्होंने संबंधित आधिकारियों से कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में किसानों की ई-केवाईसी की स्थिति बेहतर नहीं है, वहां कॉमन सर्विस सेंटर वालों को भेजकर पंजीयन सुनिश्चित कराए।

कलेक्टर ने सोसाइटी में यूरिया, सुपर फास्फेट, खाद, बीज, उर्वरक की उपलब्धता आदि की जानकारी लेते हुए किसानों को भी अवगत कराने कहा। धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने हेतु रायपुर जिले को कुल 7200 हेक्टेयर का लक्ष्य शासन द्वारा दिया गया है, लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करने संबंधित अधिकारियों से कहा।

उन्होंने कहा कि गौठानों को मल्टी एक्टिविटी सेंटर तथा रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा सकता है। गौठान में उत्पादित वस्तुओं का पैकेजिंग, ब्रांडिंग कर स्थानीय बाजार, खुले बाजार तथा अन्य बाजारों में भी भेजा जा सकता है।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डीपीएम, सभी विकास खंड स्तरीय अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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