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चिंतामणी चंद्राकर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, एसआईटी जांच को चुनौती-याचिका खारिज, हाईकोर्ट जाने कहा

रायपुर। नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले के आरोपी चिंतामणी चंद्राकर सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। चंद्राकर ने अपने खिलाफ एसआईटी जांच को चुनौती दी थी। कोर्ट ने चंद्राकर की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है।
नान घोटाले के आरोपी चिंतामणी चंद्राकर ने याचिका में कहा था कि हाईकोर्ट ने एसआईटी द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। इसके बावजूद ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया है। साथ ही गिरफ्तारी की गई और परिवारवालों से मिलने नहीं दिया गया।
याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले में एडीजी जीपी सिंह और अन्य के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपनी याचिका में जांच को ईओडब्ल्यू-एसीबी की कार्रवाई को विधि के खिलाफ बताते हुए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। कोर्ट ने चंद्राकर की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट में जाने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि चिंतामणी चंद्राकर, निलंबित एडीजी मुकेश गुप्ता के करीबी माने जाते हंै। वे मुकेश गुप्ता के परिजनों द्वारा संचालित एमजीएम ट्रस्ट के सदस्य भी हैं। ईओडब्ल्यू-एसीबी एमजीएम ट्रस्ट से लेकर मुकेश गुप्ता से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही है। पिछले दिनों उनके यहां छापेमारी भी की थी। जिसमें करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला था। ईओडब्ल्यू ने चिंतामणी चंद्राकर को हिरासत में लिया था दिनभर की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को विधि बताया था।
नान डायरी में मैडम सीएम का जिक्र हुआ है। तब उस समय प्रकरण की जांच कर रहे मुकेश गुप्ता ने मैडम सीएम का आशय चिंतामणी चंद्राकर मैडम बताया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। नान घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने इस पूरे मामले में कई नए तथ्य उजागर किए हैं।

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