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मुख्यमंत्री की उपस्थिति में राजीव गांधी फाउण्डेशन और चिप्स के मध्य एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

चहुमुंखी विकास, रोजगार, पर्यावरण, संवैधानिक मूल्य जैसे क्षेत्रों में समकालीन नीति के अध्ययन करने ’पॉलिसी लेब’ बनाया जाएगा

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रायपुर /मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आज मंत्रालय में राजीव गांधी फाउण्डेशन नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलाजी विभाग के छत्तीसगढ़ इनफोटेक प्रमोशन सोसायटी के बीच एक अनुबंध पत्र (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किया गया।
अनुबंध के तहत छत्तीसगढ़ में विभिन्न चहंुमुखी विकास, रोजगार में वृद्धि, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन और स्थिरता तथा संवैधानिक मूल्य और लोकतांत्रिक संस्थान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों और क्षेत्रों में समकालीन नीति का अध्ययन की दृष्टि से ’पॉलिसी लेब’ बनाया जाएगा। अनुबंध पत्र पर राजीव गांधी इंस्टूटीयूट फॉर कन्टेंम्प्रररी स्टडीज के डारेक्टर श्री विजय महाजन और चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री देवसेनापति ने हस्ताक्षर किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव सी.के.खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा, रूचिर गर्ग, राजीव गांधी फाउण्डेशन नई दिल्ली प्रतिनिधि मंडल के साथ आए ताईवान के सांसद और पांच हजार उत्पादन का पेटेंट करने वाले सफल उद्यमी प्रो. यी-शी-चांग उपस्थित थे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों के लिए निवेश के विकल्प तलाशने एवं राज्य में निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रतिनिधि मंडल को छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक, मानव संसाधन और अधोसंरचना की जानकारी दी और राज्य में निवेशकों का स्वागत किया।
इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल के सदस्य प्रो. यी-शी-चांग ने इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में ताईवान की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादकों का ताईवान के जी.डी.पी. में प्रमुख हिस्सा है। अमेरिका के सिलिकॉन वेली में जहां इलेक्ट्रॉनिक सर्किट आदि के डिजाईनिंग का कार्य प्रमुखता से किया जाता है, वहीं इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर बनाने का कार्य ताईवान जैसे देशों में अधिक होता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में इंटेलिजंेट पॉवर माड्यूलर (आई.पी.एम.) बनाने के प्रति अपनी रूचि व्यक्त की और बताया कि इस दिशा में वर्तमान में तीसरा जनरेशन प्रारंभ हो रहा है। छत्तीसगढ़ में भविष्य में विकास की काफी संभावनाएं है। उन्होंने बताया इस इलेक्ट्रॉनिक ब्रेन रूपी डिवाइस का उपयोग इलेक्ट्रिकल व्हीकल, सोलर पॉवर, पॉवर जनरेशन आदि में होता है, जो अनेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पॉलिसी के दायरे में छत्तीसगढ़ में प्राप्त प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में चिप्स और उद्योग विभाग को राज्य में इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में भविष्य के संभावनाओं पर अध्ययन करने के निर्देश दिए।

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