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कोरबा मेडिकल कॉलेज में “CT स्कैन” के नाम पर टेंडर की चीरफाड़!

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संभावित कंपनी ने GeM पर चीखकर कहा—“शर्त Vendor-Specific है”; अफसरों ने हर आपत्ति पर चिपकाया “No Changes” का बेशर्म ठप्पा, अंत में Siemens का मॉडल लेकर अकेली SAMTA ENTERPRISES मैदान में!

दो अलग Specifications, Custom Bid में Mac–Laptop–Sony Projector–Music System की बारात; एकल बोली तकनीकी रूप से पास—क्या मरीजों के नाम पर पहले मशीन चुनी गई, फिर उसके नाप का टेंडर सिला गया?

 

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कोरबा | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क मरीजों के शरीर का रोग पकड़ने के लिए खरीदी जाने वाली CT Scan मशीन से पहले अब कोरबा मेडिकल कॉलेज की इस निविदा का ही “पोस्टमार्टम” जरूरी दिखाई देता है!  GeM Bid Number GEM/2026/B/7359375 के दस्तावेजों, Technical Specifications, Buyer-added ATC, Corrigendum, प्रकाशित आपत्तियों और Bid Result की परतें खोलने पर ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसमें प्रतियोगिता का मैदान कम और किसी एक मॉडल तक पहुंचाने वाली संकरी सुरंग अधिक दिखाई देती है।

नाम खुली राष्ट्रीय निविदा का, लेकिन अंत में मैदान में केवल एक विक्रेता!

– विक्रेता—SAMTA ENTERPRISES
– निर्माता—Siemens Healthineers
– मॉडल—SOMATOM go.Top
– तकनीकी स्थिति—Qualified
– शेष प्रतिस्पर्धी—शून्य
– Financial Evaluation—अब भी लंबित

करोड़ों रुपये की संभावित सरकारी खरीद में यदि अंततः एक ही दुकानदार, एक ही निर्माता और एक ही मॉडल बचता है, तो इसे केवल “प्रतिस्पर्धी निविदा” कह देना पारदर्शिता के चेहरे पर सरकारी पाउडर पोतने जैसा होगा।

“<0.35 सेकंड”—इतना छोटा निशान कि एक कंपनी बाहर, Siemens अंदर!
टेंडर ने rotation time मांगा:  «“0.35 सेकंड से कम”»
एक संभावित bidder ने निवेदन किया कि इसे:  «“0.35 सेकंड या उससे कम”»
किया जाए। उसने GeM पर साफ लिखा:  «“This is vendor specific Specification. Philips need this amendment to participate in this Tender.”»

यानि एक बराबरी का निशान जुड़ता तो Philips जैसे दूसरे निर्माता के लिए रास्ता खुल सकता था। लेकिन Buyer ने विस्तृत चिकित्सकीय या तकनीकी कारण देने के बजाय वही बासी सरकारी वाक्य उछाल दिया—  «“No changes…”»  उधर Siemens SOMATOM go.Top की rotation speed लगभग 0.33 सेकंड है—यानी विवादित शर्त पर सटीक बैठने वाला मॉडल!

अब सवाल कड़वा है:  क्या “<” का यह छोटा-सा निशान तकनीकी जरूरत था, या प्रतियोगिता का गला काटने के लिए रखा गया बेहद महीन ब्लेड?

AI 3D Camera—शर्त भी Siemens जैसी, विजेता मैदान में भी Siemens!  टेंडर में AI आधारित 3D Camera से automatic patient positioning को अनिवार्य बनाया गया। Siemens SOMATOM go.Top की प्रमुख marketed feature FAST 3D Camera है।   एक संभावित bidder ने alternative one-click positioning का हवाला देते हुए 3D Camera को optional करने की मांग की। Buyer ने इसे भी ठुकरा दिया।   जब निविदा किसी clinical result की मांग करने के बजाय वही तकनीकी architecture अनिवार्य करे जिसे एक खास मॉडल अपनी प्रमुख खूबी के रूप में बेचता है, और आखिर में वही मॉडल अकेला बच जाए, तो शक पैदा नहीं होता—शक दस्तावेजों से उठकर मेज पर बैठ जाता है!  32 आपत्तियों पर एक ही सरकारी मंत्र—“No Changes!”

संभावित bidders ने व्यापक भागीदारी के लिए दर्जनों संशोधन मांगे:

– rotation time में समानता स्वीकार करने;
– AI 3D Camera को optional करने;
– detector coverage बदलने;
– reconstruction matrix व्यावहारिक बनाने;
– automatic के साथ semiautomatic विकल्प देने;
– RAM की शर्त बदलने;
– अस्पष्ट parameters हटाने;
– training की शर्त सुधारने;
– radiographer और data-entry operator देने जैसी असंबंधित शर्त हटाने की मांग।

लेकिन लगभग हर सवाल पर Buyer ने जवाब का वही मुर्दा टुकड़ा फेंका—

«“No changes, bid specification will be same…”»

क्या Technical Committee के पास कारण नहीं थे? क्या कारण लिखने की हिम्मत नहीं थी? या specifications को छूते ही किसी पसंदीदा मॉडल की पात्रता का शीशमहल टूटने का खतरा था?
यदि हर आपत्ति कूड़ेदान में ही डालनी थी तो GeM की Representation Window क्यों खोली गई—प्रतियोगियों की बात सुनने के लिए या पारदर्शिता का नकली पर्दा टांगने के लिए?
दो अलग Technical Specifications—करोड़ों का टेंडर या कट-पेस्ट की कबाड़ फाइल?

एक bidder ने आधिकारिक रूप से लिखा कि निविदा में दो अलग-अलग Technical Specification sheets लगी हैं:

1. Buyer Specification Document में;
2. Buyer-uploaded ATC में।

दोनों अलग प्रकृति की थीं। bidder को पूछना पड़ा कि किस दस्तावेज को अंतिम माना जाए। बाद में Buyer ने कहा कि पृष्ठ 4 वाला specification अंतिम है।   करोड़ों रुपये की CT मशीन खरीदी जा रही थी या कार्यालय में पुरानी फाइलों का कट-पेस्ट प्रतियोगिता चल रही थी?   दो अलग specifications रहने से किसी bidder को योग्य और किसी को अयोग्य घोषित करने की गुंजाइश पैदा होती है। बाद में अफसर अपनी सुविधा के अनुसार कोई भी पन्ना उठाकर कह सकते हैं—“हमारा मतलब तो यह था!”   सरकारी धन की खरीद में ऐसी अस्पष्टता गलती नहीं, जवाबदेही के ताबूत में ठोकी गई कील है।  CT Scanner के साथ Mac, Laptop, Sony Projector और Music System—खरीद है या सरकारी मेले की सूची?

CT Scanner की specification में मशीन के साथ पूरा “इलेक्ट्रॉनिक दहेज” बांध दिया गया:

– दो Mac computers;
– OsiriX workstations;
– दो Apple/Dell/HP “top model” laptops;
– Sony 3000-lumen projector;
– motorised projector screen;
– music system;
– furniture;
– cupboards;
– reception seating;
– anaesthesia workstation;
– चिकित्सा पुस्तकों की लंबी सूची;
– civil interior और fire-alarm work।

सवाल यह है कि CT Scanner खरीदा जा रहा है या एक ही बोरे में अस्पताल, पुस्तकालय, फर्नीचर दुकान और इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम भरकर सरकारी खजाने पर पटक दिया गया?

इन वस्तुओं की अलग-अलग अनुमानित कीमत कहां है? Market comparison कहां है? इन्हें उनकी नियमित GeM categories से क्यों नहीं खरीदा गया? क्या CT Scanner की भारी कीमत के भीतर छोटी-बड़ी वस्तुओं का मूल्य छिपाकर खर्च का चेहरा धुंधला किया गया?

“Sony” और “Mac” का नाम—ब्रांड की दुकान या निष्पक्ष निविदा?

सरकारी खुली निविदा में जरूरत और performance बताई जाती है, किसी कंपनी की दुकान का बोर्ड नहीं लगाया जाता। लेकिन यहां सीधे नाम लिखे गए:

– Mac
– Apple/Dell/HP
– Sony Projector

यदि कोई समकक्ष अथवा बेहतर projector दूसरे brand का है तो क्या वह अयोग्य होगा? Sony का नाम लिखने के पीछे कौन-सी चिकित्सकीय आवश्यकता थी? क्या मरीज की CT report Sony projector पर ही सही दिखाई देगी?  bid का अपना Disclaimer brand/make/model की अनिवार्यता पर रोक की चेतावनी देता है। फिर ये नाम specification में किसकी कलम से उतरे और किस अधिकारी ने आंख बंद कर अनुमोदित किए?   नियमित GeM Category मौजूद—फिर Custom Bid की अंधेरी गली क्यों?  GeM के live record में यह Custom Item Bid है। दूसरी ओर “CT Scanners 128 Slice” की नियमित GeM category उपलब्ध है और अन्य सरकारी संस्थान उसी category से मशीन खरीद चुके हैं।  फिर कोरबा मेडिकल कॉलेज ने नियमित और तुलनात्मक category का रास्ता छोड़कर Custom Bid की पगडंडी क्यों पकड़ी?

क्या Custom Bid इसलिए बनाई गई ताकि:

– मनमाफिक technical clauses जोड़ी जा सकें;
– अलग-अलग categories का सामान CT Scanner में लादा जा सके;
– bidders को चुनिंदा शर्तों से छांटा जा सके;
– और अंत में एक खास configuration वाला मॉडल अकेला बच जाए?

यदि इसका निर्दोष उत्तर है तो प्रशासन उसे दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक करे। सरकारी खजाना किसी अधिकारी की निजी तिजोरी नहीं कि चाबी भी वही रखे और हिसाब भी वही लिखे!  Two-Packet Bid में Price Bid की scanned copy—गोपनीयता की गर्दन पर छुरी!  मुख्य निविदा Two Packet Bid है। पहले तकनीकी और बाद में वित्तीय प्रस्ताव खुलना चाहिए।  लेकिन ATC में bidders से Price Bid तथा items की price details की scanned copy upload करने को कहा गया है।

जब GeM पर Financial Bid के लिए अलग सुरक्षित envelope है, तो scanned price sheet किसकी सुविधा के लिए मांगी गई?

– क्या तकनीकी मूल्यांकन से पहले कीमत देखी जा सकती थी?

– Price Bid की गोपनीयता कहां गई?

– किस अधिकारी के पास scanned financial details पहुंचीं?

– क्या कीमत जानने के बाद technical qualification प्रभावित हो सकती थी?

यह शर्त मामूली गलती नहीं है। यह Two-Packet व्यवस्था के पेट में घोंपा गया ऐसा छुरा है जो पूरी निविदा की निष्पक्षता को लहूलुहान कर सकता है।  कहीं 120 दिन, कहीं 150 दिन—शर्तों की खिचड़ी में जवाबदेही गायब!

मुख्य Bid में delivery/ICT अवधि 120 दिन दिखाई गई। ATC में:

– 75 दिन delivery;
– फिर अधिकतम 75 दिन installation।  अर्थात कुल 150 दिन तक।  यदि देरी हुई तो penalty किस तारीख से लगेगी? 120 दिन से या 150 दिन से? Supplier दोषी होगा या Buyer अपनी ही उलझी शर्तों में रास्ता खोजता रहेगा?  करोड़ों के अनुबंध में समय-सीमा इतनी उलझी हो तो यह केवल लापरवाही नहीं—भविष्य में दंड से बचाने का तैयार बहाना भी बन सकती है।  Arbitration “No”—फिर ATC में Arbitration का पूरा दरबार!

मुख्य Bid कहती है:

– Arbitration Clause—No
– Mediation Clause—No

लेकिन ATC में Arbitration की पूरी व्यवस्था मौजूद है।  एक ही अनुबंध में मध्यस्थता है भी और नहीं भी! क्या मशीन के साथ कानून भी Custom Supply में आ रहा है?  कल विवाद हुआ तो प्रशासन कौन-सा पन्ना दिखाएगा? जो उसके पक्ष में होगा? ऐसी शर्तें अनुबंध नहीं बनातीं—वे भविष्य के मुकदमों और मनमानी की खाद तैयार करती हैं।  CMC या CAMC—करोड़ों की रखरखाव लागत शब्दों की धुंध में!  मुख्य GeM शर्त कहती है कि consumables CMC में शामिल नहीं होंगे। ATC कहती है कि CAMC में ये भी शामिल होंगे:

– consumables;
– CT Tube;
– detector;
– UPS batteries;
– computers;
– AC;
– pressure injector;
– anaesthesia equipment;
– turnkey work।

कहीं CMC की अधिकतम सीमा 25%, तो दूसरी शर्त में 50% तक का उल्लेख! पांच वर्षों की maintenance में यह अंतर लाख-दो लाख का नहीं, भारी सार्वजनिक धन का हो सकता है। फिर यह धुंध क्यों? किसे लाभ होगा—Buyer को, Supplier को या बाद के विवाद में दोनों तरफ से भुगतान कराने वाले तंत्र को?  छत्तीसगढ़ GST की दीवार—देशभर के sellers के लिए दरवाजा कितना खुला था?  ATC में bidder के पास पहले से छत्तीसगढ़ का GST registration मांगा गया। साथ ही एक OEM केवल एक bidder को अधिकृत कर सकता था।

इससे:

– दूसरे राज्यों के sellers पर अतिरिक्त रोक;
– एक ही OEM के authorised dealers की आपसी price competition समाप्त;
– प्रत्येक निर्माता से एक चुना हुआ विक्रेता;
– और अंत में वास्तविक सहभागी केवल एक।  क्या यह राष्ट्रीय निविदा थी या स्थानीय पात्रता की इतनी संकरी नाली कि बाकी प्रतियोगिता बाहर ही दम तोड़ दे?  तारीख बढ़ाई, लेकिन विवादित शर्तों की एक ईंट नहीं हिली!  मूल अंतिम तारीख 29 अप्रैल 2026 थी। इसे बढ़ाकर 21 मई 2026 किया गया। मगर सार्वजनिक Corrigendum में विवादित technical conditions सुधारने का प्रमाण नहीं मिला।

अर्थात प्रशासन ने प्रतियोगियों से मानो कहा: “दीवार नहीं हटेगी, दरवाजा चौड़ा नहीं होगा, शर्तें नहीं बदलेंगी—बस बाहर खड़े रहने की मोहलत कुछ दिन और ले लो!”  यह extension प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का प्रयास था या पहले से संकरे रास्ते को वैधानिक समय देने का नाटक?  एक ही bidder—फिर 111 दिनों से Financial Evaluation किस अंधेरी सुरंग में?

21 मई 2026 को Bid खुली। 9 सितंबर 2026 तक स्थिति:

– SAMTA ENTERPRISES—Technically Qualified;
– Siemens SOMATOM go.Top—Offered Model;
– Financial Evaluation—In Progress;
– Award—नहीं।

जब केवल एक bidder है तो वित्तीय मूल्यांकन में 111 दिन क्यों?

– क्या उसकी कीमत अनुमान से अधिक है?
– क्या quoted rate market rate से मेल नहीं खाती?
– क्या कोई शिकायत लंबित है?
– क्या price reasonableness certificate पर पेंच है?
– क्या फाइल किसी “हरी झंडी” का इंतजार कर रही है?

सरकारी पोर्टल पर “In Progress” लिख देना उत्तर नहीं है। यह जनता के सवालों पर डाला गया डिजिटल ताला है।  SAMTA ENTERPRISES कौन? पर्दा हटाइए, कागज दिखाइए!   खुले इंटरनेट पर SAMTA ENTERPRISES की इस खरीद से जुड़ी स्पष्ट corporate profile, Siemens medical-equipment dealership, पुराने CT installations और सरकारी supply history का निर्णायक सार्वजनिक मिलान नहीं मिला।

अब प्रशासन सार्वजनिक करे:

GSTIN और पूरा कार्यालय पता;
– proprietor/partners की पहचान;
– Siemens का Bid-specific Manufacturer Authorization;
– क्या Siemens ने केवल Samta को अधिकृत किया?
– पिछले तीन वर्षों के CT/MRI supply orders;
– ₹6.50 करोड़ turnover का CA certificate और UDIN;
– ISO 9001 तथा ISO 13485 documents;
– छत्तीसगढ़ का authorised service centre;
– EMD का बैंक सत्यापन;
– demonstration proceedings;
– technical compliance sheet;
– quoted financial rate;
– पांच वर्ष की CMC/CAMC का वर्षवार मूल्य।

यदि सब दूध का धुला है तो कागज सार्वजनिक करने में डर कैसा? पारदर्शिता भाषण से नहीं, फाइल खोलने से साबित होती है।  राष्ट्रीय स्तर का सवाल—GeM पारदर्शिता का मंच या Custom Bid की धुलाई मशीन?  यह मामला केवल कोरबा की एक CT मशीन का नहीं। यह देश की सरकारी ई-खरीद प्रणाली की विश्वसनीयता का प्रश्न है।   यदि किसी विभाग को नियमित GeM category पसंद न आए, वह Custom Bid बनाए, specifications में ब्रांड-सदृश विशेषताएं भरे, दूसरे सामानों का बोझ जोड़ दे, संभावित bidders की vendor-specific आपत्तियां ठुकरा दे और अंत में एकमात्र bidder को योग्य घोषित कर दे—तो GeM की पारदर्शिता कागज पर चमकेगी, जमीन पर नहीं।  ऐसी प्रक्रिया सरकारी खरीद को प्रतियोगिता से निकालकर “पहले मॉडल, फिर टेंडर” की मंडी में बदल सकती है।

ग्राम यात्रा का सीधा सवाल  क्या पहले चिकित्सा आवश्यकता तय हुई, फिर निष्पक्ष specification बनी?  या पहले Siemens SOMATOM go.Top जैसा मॉडल नजर में आया और उसके बाद specifications की दीवारें उसी नाप से खड़ी की गईं?  यह प्रश्न किसी कंपनी की मशीन की गुणवत्ता पर नहीं, प्रशासन की नीयत, प्रक्रिया और सार्वजनिक धन की सुरक्षा पर है।  ग्राम यात्रा की मांग—Award से पहले रोकिए यह एकल बोली!

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क मांग करता है कि:

1. Financial Evaluation और Contract Award तत्काल स्थगित किया जाए।
2. स्वतंत्र biomedical engineering विशेषज्ञ समिति clause-by-clause जांच करे।
3. Siemens, Philips, GE, Canon तथा अन्य OEM से specification comparison कराया जाए।
4. Technical Committee की signed proceedings सार्वजनिक हों।
5. सभी representations पर कारणयुक्त technical answers जारी किए जाएं।
6. Price Bid की scanned copy मांगने की जांच हो।
7. अनुमानित लागत और सभी budgetary quotations सार्वजनिक किए जाएं।
8. SAMTA ENTERPRISES की पात्रता और Siemens authorization सत्यापित हो।
9. एकल वित्तीय बोली की स्वतंत्र market benchmarking हो।
10. specification किसी खास मॉडल के अनुकूल मिलने पर Bid निरस्त कर नियमित GeM category से नई निविदा निकाली जाए।
11. जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की विभागीय तथा सतर्कता जांच हो।

जवाब का अधिकार  यह रिपोर्ट GeM पर उपलब्ध Bid documents, Technical Specifications, ATC, Corrigendum, representations और Bid Result के दस्तावेजी अध्ययन पर आधारित है। इसमें Siemens मशीन की गुणवत्ता खराब होने, SAMTA ENTERPRISES के दोषी होने अथवा किसी अधिकारी द्वारा अपराध किए जाने का अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।  Medical College administration, Directorate of Medical Education, SAMTA ENTERPRISES और Siemens Healthineers अपना दस्तावेजी पक्ष भेजें तो उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

लेकिन जब तक फाइलें नहीं खुलतीं, प्रश्न किसी सायरन की तरह बजता रहेगा—

मरीजों के नाम पर CT Scanner खरीदा जा रहा है या सार्वजनिक खजाने को एकल बोली की मशीन में डालकर “स्कैन” किया जा रहा है?

टेंडर में प्रतियोगिता की लाश पड़ी है—अब जांच एजेंसियां बताएंगी, यह स्वाभाविक मौत है या शर्तों से किया गया सुनियोजित वध!

संपादक – अब्दुल सुल्तान
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क

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