त्योहारी सीजन में शक्कर बेलगाम होने से मिठास पर महंगाई की मार, मार्केट हैरान

रायपुर। डेढ़ माह पहले तक थोक बाजार में करीब 42 से 43 रुपए प्रति किलो बिकने वाली शक्कर अब 70 से 80 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में करीब 65 फीसदी की इस बढ़ोतरी का असर बाजार में दिखाई देने लगा है।
थोक कारोबारियों के मुताबिक शक्कर की आवक कम हुई है और बढ़ती कीमतों के कारण मांग भी प्रभावित हुई है। गन्ने से एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के रस और शीरे का उपयोग बढ़ने से चीनी उत्पादन पर असर पड़ा है। सीजन में गन्ने और चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रहने के कारण बाजार में आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कम स्टॉक और सीमित आवक के चलते शक्कर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
दाम बढ़ने की पाँच वजह

शक्कर की कीमतों में इस तेजी का असर आम उपभोक्ताओं के बजट पर पड़ रहा है। चाय-कॉफी के लिए इस्तेमाल होने वाली शक्कर महंगी होने के साथ ही इससे जुड़े अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका है। आने वाले दिनों में तीज-त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है। रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली के दौरान मिठाई एवं बेकरी उत्पादों की मांग बढ़ने से इनके दाम भी बढ़ सकते हैं। बिलासपुर में शक्कर की आवक मुख्य रूप से महाराष्ट्र के बीड और लातूर सहित अन्य क्षेत्रों से होती है
एथेनॉल उत्पादन का असर बाजार पर
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के लिए गन्ने और उसके रस का उपयोग बढ़ा है। इससे चीनी उत्पादन के लिए उपलब्ध गन्ने की मात्रा प्रभावित हुई है। उत्पादन में कमी के साथ सीजन के अंत में स्टॉक भी सीमित बताया जा रहा है। यही वजह है कि बाजार में कीमतों को लेकर तेजी का माहौल बना हुआ है।
डेढ़ माह में 28 रुपए की बढ़ोतरीः व्यापार विहार के थोक विक्रेता के.सी. वाधवानी ने बताया कि शक्कर की आवक में कमी आई है। जुलाई में थोक बाजार में शक्कर 42 से 43 रुपए किलो थी, जो बढ़ते-बढ़ते अब 70 से 71 रुपए किलो तक पहुंच गई है। कीमत बढ़ने के कारण मांग भी कम हुई है। थोक विक्रेता पुरुषोत्तम अग्रवाल ने बताया कि शक्कर के दाम में अचानक काफी उछाल आया है। गुरुवार को थोक में 70 से 71 रुपए किलो तक बिक्री हुई। आने वाले दिनों में कीमत किस स्तर तक पहुंचेगी, कहना मुश्किल है।
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