ब्रेकिंग न्यूज़

CSR की चमकदार तस्वीर के पीछे बालकों वेदांता से 10 सवाल!

Spread the love

 

123 गांव वही… मगर कभी 1.27 लाख, कभी 1.65 लाख, फिर 2.03 लाख और अब 2.3 लाख से ज्यादा “लोग प्रभावित”—आखिर Beneficiary गिनने का फॉर्मूला क्या है?

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

Skill School में सरकारी योजनाओं के साथ Convergence BALCO ने खुद माना—अब बताइए एक विद्यार्थी पर CSR का कितना और सरकारी/अन्य योजनाओं का कितना पैसा लगा?

 

कोरबा।  बड़े-बड़े CSR कार्यक्रम, चमकदार तस्वीरें, सफलता की कहानियां और लाखों लोगों की जिंदगी बदलने के दावे।  लेकिन अब ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क BALCO-वेदांता के CSR से एक बिल्कुल सीधा सवाल पूछ रहा है—

“प्रचार नहीं, हिसाब दिखाइए।

BALCO की अपनी वेबसाइट और वार्षिक disclosures का तुलनात्मक अध्ययन करने पर CSR beneficiaries के आंकड़ों में वर्ष-दर-वर्ष बड़ा उतार-चढ़ाव दिखाई देता है। FY 2021-22 में कंपनी ने ₹39.95 करोड़ CSR खर्च और 1.65 लाख beneficiaries बताए।  FY 2022-23 की annual-report सामग्री में लगभग 1.27 लाख लोगों पर CSR impact बताया गया। बाद के BALCO communication में आंकड़ा 1.5 लाख सालाना बताया गया।  फिर यह 2.03 लाख पहुंचा।

और वर्तमान CSR webpage कहती है—

2.3 लाख से अधिक लोग, 123 गांव, चार जिले।  इनमें अलग reporting periods और measurement methodologies हो सकती हैं। इसलिए अंतर अपने आप किसी गलत reporting को सिद्ध नहीं करता।

लेकिन सवाल अब टाला नहीं जा सकता—

इन लाखों beneficiaries को गिना कैसे गया?

क्या ये सभी Unique Individuals हैं?

या एक ही व्यक्ति स्वास्थ्य कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण, Skill School, awareness programme और दूसरी CSR गतिविधि में शामिल होने पर अलग-अलग programme counts में आया?

और सबसे महत्वपूर्ण—

क्या BALCO के पास 2.3 लाख के दावे का de-duplicated beneficiary reconciliation मौजूद है?

यदि है तो स्वतंत्र जांच में उसे सामने रखने में समस्या क्या होनी चाहिए?

 

Skill School की फाइल खुली तो निकल सकता है सबसे महत्वपूर्ण हिसाब। BALCO के अपने दस्तावेज यहां और दिलचस्प हो जाते हैं।  FY 2022-23 में Vedanta Skill School के 28 batches में से 15 batches सरकारी योजनाओं, partnerships और private sponsorships के convergence में प्रशिक्षित किए गए थे।

इनमें PMKVY, MMKVY, NABARD, Skill India Impact Bond, Generation India और CSSDA जैसी योजनाओं/संस्थाओं का उल्लेख BALCO स्वयं करता है।  कंपनी की 2022 की press release भी साफ बताती है कि Skill School की training MMKVY, NABARD, SIIB और NISE जैसी योजनाओं के convergence में चलती रही।

तो प्रशासन अब एक छोटा-सा हिसाब क्यों न मांगे?

एक Batch = कितने विद्यार्थी?

कुल खर्च = कितना?

BALCO CSR contribution = कितना?

सरकारी योजना/अन्य partner contribution = कितना?

Implementing Agency को payment = कितना?

और उसी Batch के कितने विद्यार्थी BALCO CSR beneficiary count में शामिल हुए?

Convergence गलत नहीं है। लेकिन अगर उपलब्ध सार्वजनिक धन/सरकारी scheme और corporate CSR दोनों एक ही programme में शामिल हैं तो fund-wise accounting और outcome attribution की स्वतंत्र पुष्टि जनहित में स्वाभाविक मांग है।

 

10 हजार…11 हजार…12 हजार…अब 13 हजार!  Skill School की कहानी में भी verification का एक शानदार अवसर है। BALCO ने जुलाई 2022 में कहा कि तीन Skill Schools से 10,000 से अधिक युवा trained होकर employment प्राप्त कर चुके हैं। फरवरी 2024 में संख्या 11,000+ बताई गई। जुलाई 2024 में 12,000+ trained बताया गया।

और BALCO की वर्तमान Sustainable Livelihoods webpage कहती है कि अब 13,000 से अधिक युवाओं को train किया जा चुका है, जबकि FY26 में 1,202 युवाओं को trained, placed/self-employed बताया गया है। संख्या क्रमशः बढ़ना स्वाभाविक है।  लेकिन जब रोजगार CSR की सफलता का इतना बड़ा पैमाना है, तो प्रशासन को placement verification भी कराना चाहिए।

नाम सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं—anonymised verification पर्याप्त है:

Trainee ID → Batch → Scheme → Employer → Joining Date → Salary → Employment Status → 6/12 Month Retention तब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

सबसे बड़ा सवाल—

123 गांवों की “CSR कुंडली” कहां है?

BALCO वर्षों से 123 गांवों तक CSR पहुंच का उल्लेख करता आया है।  तो ग्राम यात्रा का सवाल बहुत साधारण है— 123 गांव हैं तो 123 गांवों का हिसाब भी होना चाहिए।

कंपनी अथवा प्रशासन एक तालिका सार्वजनिक करे:

गांव का नाम | वर्ष | CSR Project | स्वीकृत राशि | वास्तविक खर्च | Agency | लाभार्थी | Government Convergence | परिणाम। इसके बाद किसी बहस की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।

अब जिला प्रशासन से ग्राम यात्रा के 5 सीधे सवाल

पहला— क्या जिला प्रशासन के पास BALCO द्वारा बताए जा रहे 123 गांवों का village-wise CSR expenditure record है?

दूसरा— क्या 2.3 लाख से अधिक beneficiaries के दावे का कभी independent/de-duplicated verification कराया गया?

तीसरा— सरकारी योजनाओं के convergence में चलने वाले Skill School batches में सरकारी राशि और BALCO CSR राशि का अलग-अलग reconciliation उपलब्ध है?

चौथा— रोजगार प्राप्त करने के दावों का जिला कौशल विकास/रोजगार विभाग द्वारा कभी sample verification हुआ?

पांचवां— यदि करोड़ों रुपये के CSR और लाखों beneficiaries के दावे हैं, तो project-wise utilisation certificates, audit observations और implementing-agency payments का consolidated record किसके पास है?

BALCO से भी सीधा सवाल—CSR की प्रेस रिलीज नहीं, ये 7 दस्तावेज दीजिए

Project-wise CSR Ledger, Village-wise Expenditure, Unique Beneficiary Methodology, Skill School Batch-wise Funding, Implementing Agency-wise Payment, Utilisation Certificates और Third-Party CSR Audit Reports।

इन सात दस्तावेजों को स्वतंत्र जांच के सामने रख दिया जाए।

यदि सभी दावे अभिलेखों से प्रमाणित होते हैं तो कंपनी के CSR मॉडल की विश्वसनीयता और मजबूत होगी।  और यदि आंकड़ों तथा जमीन के बीच अंतर निकलता है— तो सवाल सिर्फ CSR का नहीं रहेगा, बल्कि करोड़ों रुपये के वैधानिक सामाजिक दायित्व की जवाबदेही का होगा।

ग्राम यात्रा का ऐलान—अब CSR का गांव-दर-गांव हिसाब खोजेंगे

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क इस विषय पर किसी पूर्वनिर्धारित निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहा है। लेकिन कंपनी के अपने आंकड़ों से उठे सवालों के बाद अब जांच का अगला चरण 123 गांवों, Skill School funding, implementing agencies और beneficiary accounting पर केंद्रित होना चाहिए।

क्योंकि सवाल सीधा है

CSR में करोड़ों खर्च हुए तो गांव बताए जाएं।

लाखों को लाभ मिला तो गणना बताई जाए।

सरकारी योजना साथ चली तो हिस्सेदारी बताई जाए।

रोजगार मिला तो verification कराया जाए।”

प्रचार की तस्वीरें नहीं—अब CSR की फाइलें बोलेंगी।

 

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क
दस्तावेजों के साथ CSR की परत-दर-परत पड़ताल जारी…

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button