वेदांता की महत्वाकांक्षी 5600 MW परियोजना पर अचानक ब्रेक!

देश के सबसे बड़े ताप विद्युत विस्तार का आवेदन वापस, पहले ब्लास्ट… फिर FIR… अब पर्यावरणीय प्रस्ताव भी ‘विथड्रॉन’—क्या महज़ संयोग या बढ़ते दबाव की कहानी?
PARIVESH पोर्टल के दस्तावेज़ ने उठाए नए सवाल, विधानसभा से लेकर जांच एजेंसियों तक पहले से घिरे वेदांता समूह पर अब पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया भी चर्चा में
विशेष खोजी रिपोर्ट | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली/सक्ति/कोरबा। देश के सबसे बड़े प्रस्तावित ताप विद्युत विस्तारों में शामिल 5600 मेगावाट की वेदांता परियोजना अचानक उस समय चर्चा के केंद्र में आ गई, जब भारत सरकार के PARIVESH पोर्टल पर उसका पर्यावरणीय प्रस्ताव “Withdrawn” (वापस लिया गया) दर्ज दिखाई दिया।
दस्तावेज़ बताते हैं कि आवेदन जमा हुआ, मंत्रालय ने उसकी जांच शुरू की, Essential Details Sought (EDS) जारी हुआ और उसके बाद कंपनी ने आवेदन वापस ले लिया।
लेकिन यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब वेदांता समूह पहले से कई गंभीर सार्वजनिक और कानूनी प्रश्नों के बीच है।
एक हादसा जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया
कुछ माह पूर्व सक्ती जिले स्थित वेदांता ताप विद्युत संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट में 27 से अधिक श्रमिकों की मृत्यु तथा 40 से अधिक श्रमिकों के घायल होने की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने आई। इस घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। जांच अभी जारी है और उसके निष्कर्ष आने शेष हैं।
विधानसभा तक पहुंचा मामला
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में भी इस औद्योगिक दुर्घटना, श्रमिक सुरक्षा और जवाबदेही का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। विपक्ष ने कार्रवाई और जांच की प्रगति पर सवाल उठाए, जिससे यह विषय राज्य स्तरीय राजनीतिक बहस का भी हिस्सा बना।
अब नया सवाल—पर्यावरणीय आवेदन क्यों वापस लिया गया?
इसी बीच PARIVESH पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड ने एक नया प्रश्न खड़ा कर दिया है।
कंपनी ने 5600 MW विस्तार का प्रस्ताव दिया, मंत्रालय ने परीक्षण शुरू किया, EDS जारी हुआ, और फिर आवेदन वापस ले लिया।
उपलब्ध दस्तावेज़ यह नहीं बताते कि आवेदन क्यों वापस लिया गया। इसलिए कारणों पर निष्कर्ष निकालना अभी संभव नहीं है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि यह घटनाक्रम सार्वजनिक महत्व का विषय बन गया है।
अब उठ रहे हैं अहम प्रश्न
EDS में मंत्रालय ने कौन-कौन से बिंदुओं पर अतिरिक्त जानकारी मांगी?
आवेदन वापस लेने के पीछे आधिकारिक कारण क्या था?
क्या परियोजना में संशोधन होगा या नया आवेदन आएगा?
क्या यह केवल तकनीकी प्रक्रिया थी या परियोजना रणनीति में बदलाव?
इन प्रश्नों के उत्तर अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
ग्राम यात्रा की लगातार पड़ताल
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क पिछले लंबे समय से वेदांता समूह से जुड़े पर्यावरण, औद्योगिक सुरक्षा, श्रमिक हित और नियामकीय अनुपालन से जुड़े दस्तावेज़-आधारित मुद्दों को लगातार प्रकाशित करता रहा है। इनमें पर्यावरणीय अनुपालन, औद्योगिक अपशिष्ट, सार्वजनिक शिकायतें और विभिन्न सरकारी अभिलेखों पर आधारित रिपोर्टें शामिल रही हैं।
अब जब पर्यावरणीय प्रस्ताव वापस लेने का तथ्य भी सामने आया है, तो यह स्वाभाविक है कि परियोजना की आगे की दिशा और नियामकीय प्रक्रिया पर सार्वजनिक रुचि बढ़े।
अंतिम सवाल
एक तरफ औद्योगिक दुर्घटना की जांच जारी है। दूसरी तरफ विधानसभा में जवाबदेही की मांग उठ रही है।
और अब उसी समूह की महत्वाकांक्षी विस्तार परियोजना का पर्यावरणीय आवेदन वापस लिया जाना चर्चा का विषय बन गया है।
क्या यह केवल एक प्रक्रियात्मक निर्णय था, या इसके पीछे ऐसे कारण हैं जिन्हें अभी सार्वजनिक किया जाना बाकी है?
इस सवाल का उत्तर अब संबंधित एजेंसियों, मंत्रालय और कंपनी के आधिकारिक स्पष्टीकरण से ही मिलेगा।
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