कोरबा का बड़ा स्वास्थ्य सवाल: 6 माह से शिकायत लंबित, आखिर Ozone Neuro Center मामले में जांच क्यों नहीं?

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क | विशेष जनहित रिपोर्ट
कोरबा। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार एक नागरिक द्वारा Ozone Neuro Center, कोरबा में कथित चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत 20 दिसंबर 2025 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मामले में कोई स्पष्ट अंतिम कार्रवाई अथवा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
क्या है पूरा मामला?
दस्तावेजों के अनुसार शिकायतकर्ता पी. योगेश कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी माता के बाएं टखने (Left Ankle) के फ्रैक्चर के उपचार के दौरान अस्पताल द्वारा पर्याप्त विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध होने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में आवश्यक अस्थि रोग विशेषज्ञ (Orthopedic Specialist) और स्थायी प्लास्टर सुविधा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। शिकायतकर्ता ने इसे कथित चिकित्सकीय लापरवाही और भ्रामक आश्वासन का मामला बताया है।
CMHO कार्यालय पर भी सवाल
दस्तावेजों में उल्लेख है कि शिकायतकर्ता ने कई बार CMHO कार्यालय के चक्कर लगाए, सूचना का अधिकार (RTI) आवेदन भी दिया तथा प्रथम अपील तक की प्रक्रिया अपनाई। इसके बावजूद उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने का दावा किया गया है।
पृष्ठ 4 में उपलब्ध आदेश के अनुसार 14 मई 2026 को प्रथम अपील की सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए थे।
कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंचा मामला
दस्तावेज बताते हैं कि शिकायतकर्ता ने 20 अप्रैल 2026 तथा पुनः 8 जून 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में भी आवेदन प्रस्तुत कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की। आवेदन में आरोप लगाया गया कि छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रभावी जांच और कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
जनहित का बड़ा प्रश्न
यह मामला केवल एक मरीज या एक परिवार तक सीमित नहीं माना जा सकता। यदि किसी चिकित्सकीय लापरवाही संबंधी शिकायत पर जांच लंबित रहती है, तो इससे स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के विश्वास पर प्रश्न खड़े होते हैं।
जनता जानना चाहती है—
- क्या शिकायत की निष्पक्ष जांच पूरी हो चुकी है?
- यदि जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट क्या कहती है?
- यदि जांच लंबित है तो देरी के लिए जिम्मेदार कौन है?
- क्या शिकायतकर्ता को नियमानुसार जानकारी उपलब्ध कराई गई?
- क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले में सार्वजनिक स्थिति स्पष्ट करेगा?
प्रशासन से अपेक्षा
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क का मानना है कि इस मामले में संबंधित सभी पक्षों—शिकायतकर्ता, Ozone Neuro Center प्रबंधन तथा स्वास्थ्य विभाग—का पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और पारदर्शी रिपोर्ट ही जनता के विश्वास को मजबूत कर सकती है।
यदि जांच पूरी हो चुकी है तो उसकी स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, और यदि जांच लंबित है तो उसके कारणों की जानकारी भी जनता के समक्ष रखी जानी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
Live Cricket Info
