राज्य समाचार

अवैध निर्माण नियमितीकरण योजना बंद, 700 प्रकरणों पर जिला समिति करेगी अंतिम फैसला

Spread the love

कोरबा । नगरीय निकाय क्षेत्रों में अवैध निर्माण को वैध कराने के लिए शुरू की गई नियमितीकरण योजना अब बंद हो चुकी है। हालांकि योजना के तहत प्राप्त पुराने और कुछ नए प्रकरणों का परीक्षण अभी जारी है। नगर निगम क्षेत्र से जुड़े करीब 700 नए और लंबित मामलों को अब कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय नियमितीकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां इन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पार्किंग क्षेत्र के नियमितीकरण से जुड़े कई मामलों की भी जांच की जा रही है।

नगर निगम क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण करने वालों को राहत देने के उद्देश्य से कांग्रेस शासनकाल में नियमितीकरण योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत निर्धारित शुल्क जमा कर अवैध निर्माण को वैध कराने की सुविधा दी गई थी। वर्ष 2023 के बाद यह योजना बंद कर दी गई। इससे पहले जिला स्तरीय समिति की बैठक में 1751 प्रकरणों को मंजूरी दी गई थी, जिससे निगम को लगभग 13 करोड़ 36 लाख 15 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त होना बताया गया था।

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now

इसके बावजूद करीब 150 आवेदन लंबित रह गए। वहीं नगर निगम ने अवैध निर्माण कराने वाले 3600 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए थे। इसके लिए निगम द्वारा सर्वे कर भवनों को चिन्हित किया गया और संबंधित लोगों से आवश्यक दस्तावेज जमा करने को कहा गया था, लेकिन अधिकांश लोगों ने आवेदन ही जमा नहीं किए।

 

जानकारी के अनुसार निगम क्षेत्र की कई आवासीय कॉलोनियों में लोगों ने किराए पर देने के उद्देश्य से भवनों का विस्तार कर लिया है। कई स्थानों पर आवासीय भवनों में दुकान, होटल और अस्पताल तक संचालित किए जा रहे हैं। इससे निगम को कर राजस्व का नुकसान होने की बात भी सामने आई है।

 

नियमितीकरण योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों से 14 जुलाई 2022 से पहले निर्मित भवन का प्रमाण पत्र, भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, जमीन की डिटेल रिपोर्ट, भवन के फोटोग्राफ, बहुमंजिला भवनों की मिट्टी परीक्षण एवं स्ट्रक्चरल रिपोर्ट तथा स्थल मानचित्र जमा करने कहा गया था।

 

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर गणेशाराम तुरकाने ने बताया कि शासन से जारी नए सर्कुलर के आधार पर पुराने और नए प्रकरणों का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद सभी मामलों को जिला स्तरीय समिति के समक्ष रखा जाएगा। फिलहाल नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button