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रायपुर शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल

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सत्ता से जुड़े लोगों पर उठे सवाल, कानून व्यवस्था पर बहस तेज

 

रायपुर-   रायपुर में एक शादी समारोह के दौरान कथित हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग खुलेआम हथियार से फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों के बीच कानून व्यवस्था और प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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मिली जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों का संबंध कथित रूप से सत्ता दल से जुड़े परिवार से बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ऋतुपर्ण सिंह बिलासपुर में चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारी हैं, जबकि उनकी पत्नी मोनिका सिंह भाजपा से जुड़ी हुई हैं और वर्तमान में मंडी सदस्य के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।

 

शादी समारोह में खुलेआम फायरिंग, वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी समारोह के दौरान जश्न के बीच कथित तौर पर हवाई फायरिंग की जा रही है। वीडियो में मौजूद लोग बिना किसी भय के हथियार लहराते और फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं।

 

यह वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रभावशाली लोगों के लिए कानून के नियम अलग हैं?

क्या है हर्ष फायरिंग?

हर्ष फायरिंग यानी खुशी, जश्न या उत्सव के दौरान हथियार से हवा में गोली चलाना। आमतौर पर शादी, बारात, चुनावी जीत या अन्य आयोजनों में इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार हर्ष फायरिंग बेहद खतरनाक होती है, क्योंकि हवा में छोड़ी गई गोली वापस जमीन पर गिरते समय किसी व्यक्ति की जान ले सकती है या गंभीर चोट पहुंचा सकती है।

 

कानून क्या कहता है?

भारत में बिना वैध कारण सार्वजनिक स्थान पर हथियार का उपयोग करना गंभीर अपराध माना जाता है।

छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में हर्ष फायरिंग पर सख्त प्रतिबंध है। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर: आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27,
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं, तथा सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई करती है।

कानूनी जानकारों के अनुसार:

लाइसेंसी हथियार से भी हर्ष फायरिंग करना प्रतिबंधित है।लाइसेंस धारक अपने हथियार का दुरुपयोग नहीं कर सकता।किसी अन्य व्यक्ति को हथियार देकर फायरिंग करवाना भी अपराध की श्रेणी में आता है।  दोष सिद्ध होने पर गिरफ्तारी, हथियार जब्ती और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई संभव है।

 

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले रायपुर में भी घटित हो चुका है

कबीर नगर थाना क्षेत्र स्थित अविनाश प्राइड सोसाइटी में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ था। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।

जांजगीर-चांपा

पामगढ़ क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान कथित हर्ष फायरिंग के मामले में पुलिस ने जांच के बाद एयर पिस्टल, लाइसेंसी हथियार और कारतूस जब्त किए थे।

 

बड़ा सवाल — क्या प्रभावशाली लोगों पर होगी कार्रवाई?

वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि यही घटना किसी सामान्य व्यक्ति द्वारा की जाती तो क्या अब तक पुलिस कार्रवाई नहीं हो चुकी होती?

जनता के बीच उठ रहे प्रमुख सवाल:

क्या कानून सभी के लिए समान है? क्या राजनीतिक प्रभाव कार्रवाई में बाधा बनता है? क्या वायरल वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लेकर जांच होगी? क्या संबंधित हथियारों के लाइसेंस की जांच की जाएगी

प्रशासन से क्या अपेक्षा?

जनहित और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लोगों की मांग है कि: वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच हो, हथियारों की वैधता की जांच की जाए, दोषियों पर कानून अनुसार कार्रवाई हो, और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर सख्त रोक सुनिश्चित की जाए।

डिस्क्लेमर

यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही मानी जाएगी।

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