क्या शहीद चंद्रशेखर आजाद के सम्मान पर भी अतिक्रमण भारी पड़ गया? शिकायतें, जनसुनवाई, अनशन और प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद बालको नगर का शहीद चौक अब भी अतिक्रमण की जकड़ में “शर्मनाक और दुखद… मौन अधिकारियों, अब तो जागिए!” क्या अब जिला प्रशासन, नगर निगम कोरबा, BALCO–वेदांता और संबंधित संस्थाएं जवाब देंगी?

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क | विशेष जनहित रिपोर्ट
कोरबा। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर स्थापित बालको नगर का शहीद चंद्रशेखर आजाद चौक आज स्वयं अपने सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई लड़ता दिखाई दे रहा है।
25 जून 2026 को मौके पर दर्ज वर्तमान स्थिति तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के अनुसार, चौक के आसपास वर्षों से अतिक्रमण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल सार्वजनिक भूमि का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रनायक के सम्मान और राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा विषय है।
शिकायतें हुईं, आवेदन हुए, अनशन हुआ… लेकिन कार्रवाई कहाँ?
स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस विषय में लगातार प्रयास किए गए, जिनमें—
- नगर निगम कोरबा को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं।
- जिला प्रशासन को आवेदन प्रस्तुत किए गए।
- जन शिकायत पोर्टल पर प्रकरण दर्ज कराया गया।
- सुशासन तिहार के दौरान भी मामला उठाया गया।
- एक दिवसीय सांकेतिक अनशन भी किया गया।
इसके बावजूद यदि वर्तमान में भी स्थिति में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन दिखाई नहीं देता, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
शहीदों का सम्मान केवल समारोहों तक सीमित क्यों?
हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और अन्य राष्ट्रीय अवसरों पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। लेकिन यदि उन्हीं शहीदों के नाम पर बने सार्वजनिक चौक और स्मारकों की गरिमा सुरक्षित न रह सके, तो यह केवल स्थानीय समस्या नहीं बल्कि हमारी राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा प्रश्न बन जाता है।
जिम्मेदारी किसकी?
यदि यह चौक नगर निगम, जिला प्रशासन, BALCO प्रबंधन अथवा किसी अन्य संस्था के रखरखाव अथवा प्रभाव क्षेत्र में आता है, तो संबंधित एजेंसियों की भूमिका स्पष्ट होना आवश्यक है।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही, दायित्व निर्वहन में कमी या वैधानिक प्रक्रिया का पालन न करने के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित अधिकारियों अथवा जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जनहित में प्रमुख प्रश्न
- क्या शहीद चौक का राजस्व अभिलेखों के अनुसार सीमांकन कराया गया है?
- यदि अतिक्रमण की शिकायतें प्राप्त हुईं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई?
- क्या किसी विभाग ने संयुक्त निरीक्षण किया?
- यदि कार्रवाई लंबित है, तो उसका कारण क्या है?
- क्या संबंधित विभाग जनता के सामने वर्तमान स्थिति स्पष्ट करेंगे?
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क की मांग
- शहीद चंद्रशेखर आजाद चौक का संयुक्त राजस्व एवं नगर निगम सर्वे कराया जाए।
- यदि अतिक्रमण पाया जाए तो वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।
- चौक का सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, हरियाली एवं स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
- शहीद की प्रतिमा एवं स्मारक के संरक्षण हेतु स्थायी कार्ययोजना बनाई जाए।
- यदि किसी अधिकारी अथवा संस्था की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि नागरिकों का विश्वास बना रहे।
यह केवल एक चौक नहीं, राष्ट्रीय सम्मान का प्रश्न है
यह विषय किसी व्यक्ति, संस्था या संगठन के विरुद्ध अभियान नहीं है। यह उस महान क्रांतिकारी के सम्मान का विषय है, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
“क्या स्वतंत्र भारत में शहीदों के नाम पर बने स्मारकों का सम्मान और संरक्षण सुनिश्चित करना भी राष्ट्र का कर्तव्य नहीं है?”
अब निगाहें जिला प्रशासन, नगर निगम कोरबा, BALCO–वेदांता प्रबंधन तथा संबंधित विभागों पर हैं। जनता प्रतीक्षा कर रही है कि इस बार उत्तर केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई से मिले।
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट स्थानीय नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई शिकायतों, जनसुनवाई में दिए गए आवेदनों तथा मौके की स्थिति के संबंध में प्राप्त जानकारी के आधार पर जनहित में तैयार की गई है। संबंधित विभागों एवं संस्थाओं का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
“जनहित में सवाल, जवाबदेही की मांग”
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