बालको चिमनी हादसे में ‘सच दबाने’ की साजिश ? गवाह तक पहुंचा आरोपी, होटल से खुला कनेक्शन
कोरबा। बालको चिमनी हादसे के बाद अब मामला केवल एक औद्योगिक दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सच्चाई को दबाने की कोशिशों तक पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में गवाहों को प्रभावित करने की साजिश का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

सूत्रों के अनुसार, इस चर्चित मामले में एक महत्वपूर्ण गवाह तक आरोपी की सीधी पहुंच बन गई थी और उसे “मैनेज” करने की कोशिश की जा रही थी, ताकि केस की दिशा बदली जा सके। जैसे ही इसकी जानकारी बालकोनगर पुलिस को मिली, तत्काल कार्रवाई करते हुए टी.पी. नगर स्थित होटल ग्रैंड गोविंदा में दबिश दी गई।

बालको थाना प्रभारी युवराज तिवारी स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरी कार्रवाई का नेतृत्व करते हुए जांच को आगे बढ़ाया।
पुलिस जांच के दौरान होटल के कमरा नंबर 202 में मुख्य गवाह को आरोपी के संपर्क में पाया गया। यह स्थिति अपने आप में गंभीर है, क्योंकि जिस गवाह के बयान पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करती है, वही आरोपी के साथ संपर्क में मिला।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से गवाह को संदेश भेजे जा रहे थे। इन संदेशों में प्रकरण से जुड़ी जानकारी साझा करने और बयान को प्रभावित करने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने मौके पर ही मोबाइल जब्त कर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए और पंचनामा तैयार किया।
पुलिस ने होटल स्टाफ से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और संबंधित सभी साक्ष्य, फोटो व दस्तावेज प्रकरण में संलग्न कर लिए हैं।
बताया जा रहा है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती, तो मामले की दिशा प्रभावित हो सकती थी। फिलहाल पुलिस द्वारा गवाह को प्रभावित करने के इस प्रयास में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और संपूर्ण तथ्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
स्पष्ट है कि अब यह मामला केवल हादसे का नहीं, बल्कि सच्चाई को दबाने की कोशिश और न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास का भी बन चुका है।

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