
बिलासपुर।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को प्रेस से बातचीत में भाजपा सरकार, केंद्र, राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी समाज के अधिकार छीने जा रहे हैं, फर्जी मुठभेड़ हो रहे हैं और पलायन की घटनाएं बढ़ रही हैं।
बघेल ने आरोप लगाया कि हाल ही में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मामूली अंतर से हराया गया, जो दरअसल ‘वोट चोरी’ का नतीजा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप भी लगाया।
किसानों पर संकट का वार
उन्होंने कहा कि प्रदेश में DAP और यूरिया की भारी कमी, कालाबाजारी और नकली खाद का कारोबार बढ़ गया है। किसान खाद और पानी के लिए परेशान हैं, जबकि सरकार सिर्फ कागज़ी दावे कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तंज
बघेल ने मौजूदा मुख्यमंत्री को कामकाज में धीमा बताते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं की बजाय मंत्रिमंडल विस्तार के सपने देख रहे हैं।
ईडी-सीबीआई कार्रवाई और बेटे का जिक्र
अपने ऊपर हुई ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का जिक्र करते हुए बघेल बोले—“BJP में शामिल हो जाओ तो सारे पाप धुल जाते हैं, लेकिन मैं हेमंत बिस्वा शर्मा नहीं हूं।”
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को महादेव सट्टा मामले में संरक्षण प्राप्त है और इसकी काली कमाई दिल्ली तक पहुँचती है।
बघेल ने यह भी कहा कि बीजेपी ने उनके बेटे तक को निशाना बनाया, लेकिन दबाव डालने के बावजूद वे झुकने वाले नहीं हैं।
EVM और चुनाव सुधार पर सवाल
बघेल ने कहा कि EVM में छेड़छाड़ संभव है और अगर चुनाव बैलेट पेपर से हों तो सच्चाई सामने आ जाएगी। ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर बोले—पहले पूरे देश में एक ही मतदाता सूची तैयार की जाए, फिर बड़ी बातें करें।
BJP की राजनीति पर हमला
उन्होंने भाजपा पर बहुसंख्यकों को खुश करने और अल्पसंख्यकों को डराने की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि BJP और RSS, नेहरू को कोसकर राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं।