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ASI का भ्रष्ट खेल उजागर: रिश्वत लेकर आरोपी को लौटाया जब्त मोबाइल, कोर्ट आदेश को दिखाया ठेंगा — शिकायत करने पर दी धमकी, ऑडियो वायरल

बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ पुलिस की वर्दी पर एक बार फिर दाग लगा है। तखतपुर थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) डी.के. मनहर पर रिश्वत लेकर आरोपी को जब्त मोबाइल लौटाने, कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने, और शिकायतकर्ता को धमकाने जैसे संगीन आरोप लगे हैं।

इस पूरे मामले को उजागर किया है जिला एवं सत्र न्यायालय कोरबा की अधिवक्ता राशि सचदेवा ने, जिन्होंने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई  की मांग की है।

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आरोपियों से जब्त मोबाइल लौटाया गया रिश्वत लेकर, कोर्ट आदेश की उड़ाई धज्जियां

शिकायत में उल्लेख है कि अपराध क्रमांक 496/2024 के तहत 3 आरोपियों को कॉपीराइट एक्ट और IPC की गंभीर धाराओं में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो महंगे मोबाइल—
???? Vivo (IMEI: 862807067176813)
???? iPhone 15 Pro (IMEI: 353554-8062293233)
जब्त किए थे।

सत्र न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब्त मोबाइल केवल सुपुर्दनाम आदेश और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लौटाए जाएं। लेकिन ASI डी.के. मनहर ने 4,000 की रिश्वत लेकर चुपचाप मोबाइल आरोपी को लौटा दिया।

यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश की सरेआम अवमानना और पुलिसिया व्यवस्था का क्रिमिनल मिसयूज़ है।

शिकायत करने पर दी धमकी, ऑडियो सामने आया

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब अधिवक्ता ने इस गैरकानूनी कार्रवाई की शिकायत की, तो ASI ने उल्टा धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने मोबाइल वापस लेने की धमकी दी।

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ के पास इस धमकी भरी बातचीत का पूरा ऑडियो सुरक्षित है, जिसे जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक भी किया जा सकता है।

अब सवाल उठता है — क्या वर्दी के पीछे छुपे भ्र्ष्टाचारियों पर चलेगा डंडा ?

यह मामला सिर्फ एक ASI का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल है—

  • क्या कानून के रक्षक ही अब भक्षक बनते जा रहे हैं ?
  • क्या न्यायालय के आदेशों का अब थाने में सौदा होता है ?
  • और क्या शिकायत करने पर धमकियां मिलेंगी ?

अधिवक्ता राशि सचदेवा ने डी.के. मनहर पर तत्काल FIR, निलंबन, और विभागीय जांच की मांग की है।

अब देखना ये है कि बिलासपुर पुलिस अधीक्षक इस गंभीर और संगीन मामले को कितनी संवेदनशीलता और निष्पक्षता से लेते हैं — या फिर यह भी एक और फाइल बनकर दराज़ में बंद हो जाएगा।

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