शहर संभालने वाले कर्मचारियों के हक कब संभालेगी सरकार? 18 मांगों पर नगरीय निकाय कर्मियों का आंदोलन

वेतन संशोधन, नियमितीकरण, पदोन्नति और पेंशन पर उठी आवाज; काली पट्टी से विरोध, नौ अक्टूबर को एक दिवसीय आंदोलन का आह्वान
कोरबा। शहर की व्यवस्थाओं को चलाने वाले नगरीय निकायों के अधिकारी और कर्मचारी अब अपनी सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। नवयुग अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ ने 18 सूत्रीय मांगपत्र जारी कर वेतन, नियमितीकरण, पदोन्नति, पेंशन और कर्मचारी सुरक्षा जैसे मुद्दों पर शासन से निर्णय लेने की मांग की है।
सवाल सीधा है—जिन कर्मचारियों से शहर की व्यवस्था दुरुस्त रखने की अपेक्षा की जाती है, उनकी अपनी सेवा व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस फैसला कब होगा?
संघ के कार्यक्रम पोस्टर के अनुसार, मांगों की अनदेखी के विरोध में एक अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से दोपहर दो बजे तक अपने-अपने कार्यालयों में काली पट्टी बाँधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। इसके बाद नौ अक्टूबर को सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक रायपुर में एक दिवसीय आंदोलन का कार्यक्रम घोषित है।
वेतन से सेवानिवृत्ति तक—मांगपत्र में पूरी सेवा व्यवस्था के सवाल
18 सूत्रीय मांगपत्र में तीन स्तरीय वेतन संशोधन लागू करने, अस्थायी, दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा संविदा कर्मियों के मानदेय का पुनरीक्षण प्रमुख मांगें हैं। पदोन्नति की रिक्तियाँ एक वर्ष में भरने और वर्ष में कम से कम दो बार पदोन्नति प्रक्रिया चलाने की मांग भी रखी गई है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का समय पर भुगतान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और रिक्त पदों को 50 प्रतिशत सीधी भर्ती तथा 50 प्रतिशत पदोन्नति से भरने की व्यवस्था भी मांगपत्र में शामिल है।
इसके अतिरिक्त महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और मातृत्व संबंधी सुविधाएँ, कर्मचारियों को पहचान पत्र, यूनिफॉर्म एवं सुरक्षा उपकरण, डिजिटल कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण और अन्य विभागों के समकक्ष सेवा सुविधाएँ देने की मांग की गई है।
घोषणाओं से आगे बढ़कर लिखित आदेश की मांग
संघ ने सभी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर शासन स्तर से लिखित आदेश जारी करने की मांग रखी है। इससे स्पष्ट है कि कर्मचारी ठोस प्रशासनिक निर्णय चाहते हैं, जिससे वेतन, पदोन्नति और सेवा लाभों को लेकर अनिश्चितता दूर हो।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी के नाम से जारी कार्यक्रम में कर्मचारियों से एकजुट होकर शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेने की अपील की गई है।
दूसरे संगठन ने भी उठाए कर्मचारियों के मुद्दे
अलग से जारी स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के पोस्टर में एक अक्टूबर को भारतीय मजदूर संघ के धरने में शामिल होने का आह्वान किया गया है। इसमें नगरीय निकायों का नवीन सेटअप स्वीकृत कर पदोन्नति देने और प्लेसमेंट कर्मचारियों को ₹4,000 श्रम सम्मान राशि प्रदान करने की मांग प्रमुख है।
अलग-अलग संगठनों के कार्यक्रमों में कर्मचारियों की सेवा समस्याएँ केंद्र में हैं। अब शासन के सामने चुनौती है कि मांगों पर स्पष्ट जवाब, निर्णय की समयसीमा और अमल की व्यवस्था सामने रखे।
शहर की सेवा करने वाले कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार आंदोलन की घोषणा क्यों करनी पड़ रही है—इस प्रश्न का जवाब शासन को देना होगा।
संपादक – अब्दुल सुल्तान
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क
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