राज्य समाचार

कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 05

Spread the love

 

529.24 करोड़ के 1,498 काम स्वीकृत… आखिर पूरी MASTER LIST कहां है?

 

WhatsApp Group
Telegram Channel Join Now
₹519.11 करोड़ की प्राप्ति के मुकाबले ₹529.24 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृतियां—अब एक-एक काम, गांव, एजेंसी, ठेकेदार और भुगतान का हिसाब सार्वजनिक करने की जरूरत पुराने DMF खर्च पर CAG के गंभीर ऑडिट निष्कर्षों के बीच नया बड़ा expenditure universe—ग्राम यात्रा की पड़ताल अब 1,498 लाइनों तक

 

कोरबा।  एक तरफ कोरबा DMF के पुराने खर्चों पर CAG की गंभीर audit findings। दूसरी तरफ 752 cancelled works, Solar procurement और निष्क्रिय assets जैसे मामले। और इसी पृष्ठभूमि में अब सामने है एक नया विशाल आंकड़ा

₹529.24 करोड़! और इस रकम से जुड़े हैं— 1,498 कार्य!

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क की विशेष खोजी श्रृंखला “कोरबा DMF फाइल्स” के एपिसोड-05 में सवाल बेहद सीधा है—

जब 1,498 काम स्वीकृत हैं, तो जनता के सामने उनकी 1,498 लाइन की पूरी Master List क्यों न हो?

₹519.11 करोड़ प्राप्ति—₹529.24 करोड़ की स्वीकृति अप्रैल 2026 की DMF शासी परिषद बैठक संबंधी प्रकाशित जानकारी के अनुसार FY 2025-26 में लगभग ₹519.11 करोड़ की प्राप्ति के विरुद्ध 1,498 कार्यों के लिए ₹529.24 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति का उल्लेख सामने आया।  यह अंतर अपने आप किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है—DMF में opening balance, पूर्व उपलब्ध निधि अथवा अन्य accounting factors हो सकते हैं।  लेकिन इसे समझने के लिए fund-position statement जरूरी है।

सवाल होना चाहिए—

Opening Balance कितना था?

वर्ष में वास्तविक receipt कितनी हुई?

पुरानी liabilities कितनी थीं?

नई sanctions कितनी हुईं?

और year-end available balance कितना बचा?

1,498 कार्य हैं—तो चाहिए 1,498 पंक्तियों का हिसाब यही इस पड़ताल का मूल प्रश्न है। ₹529.24 करोड़ की administrative sanction का aggregate figure जान लेना पर्याप्त नहीं।

जनता को प्रत्येक project के सामने कम-से-कम यह दिखाई देना चाहिए—

Work ID
काम का पूरा नाम
गांव/वार्ड
Directly/Indirectly affected area
Administrative Sanction No. और Date
Sanctioned Amount
Executing Agency
Tender/GeM/NIT No.
Successful Contractor/Vendor
Work Order Amount
Amount Released
Actual Payment
Start Date
Completion Date
और Current Status।

यही वास्तविक DMF Master Sanction Register होगा। Master List इसलिए जरूरी है क्योंकि पुराने रिकॉर्ड पहले ही चेतावनी दे चुके हैं CAG की Performance Audit ने Korba DMF में planning, procurement, project coverage और implementation से संबंधित कई महत्वपूर्ण observations दर्ज किए।  हम पिछले एपिसोड में बता चुके हैं कि audit period में Korba के 752 works cancelled हुए थे।  CAG ने cancellation के कारणों में कुछ मामलों में same work sanctioned under another scheme होने का भी उल्लेख किया।इसलिए नई 1,498-work list को केवल पढ़ना नहीं है।

इसे पुराने—

Cancelled + Pending + Completed + Other-Scheme Works से cross-match करना होगा।
क्या पुराने रद्द काम नए नाम से फिर लौटे?

यह अभी आरोप नहीं है। लेकिन यह एक जरूरी audit test है। 752 cancelled works की पूरी सूची और नई 1,498 works list मिलने के बाद computerized matching किया जा सकता है—

काम का नाम समान?

गांव समान?

location समान?

asset समान?

executing agency समान?

estimated amount आसपास?

यदि match मिलता है तो फिर पुराने cancellation order को नई sanction से मिलाया जाएगा। इससे पता चलेगा कि वह legitimate re-sanction है या जांच की जरूरत वाला overlap। ‘निर्माण कोरबा’ बन सकता है सबसे बड़ा डिजिटल सबूत हमारी खोज में जिला प्रशासन का निर्माण कोरबा project-monitoring system सामने आया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार निर्माण पोर्टल के जरिए परियोजनाओं की प्रगति और DMF कार्यों की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

यही portal इस जांच में बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि यदि sanction list को निर्माण portal के project IDs से जोड़ा जाए तो—। कागज की स्वीकृति बनाम जमीन की प्रगति का मिलान संभव होगा। लेकिन portal का status ही अंतिम सत्य नहीं

यदि किसी project के सामने portal में लिखा है—

कार्य पूर्ण” तो जांच वहीं खत्म नहीं होगी। उसके बाद पूछा जाएगा—

Completion Certificate कहां है?

Final Bill कितना है?

Geo-tagged photograph कब की है?

Asset अभी चालू है?
लाभार्थी कौन हैं?

एपिसोड-04 में हमने देखा कि CAG audit में कुछ completed assets की वास्तविक उपयोगिता पर सवाल सामने आए थे।

इसलिए— “Completed” और “Functional” को अलग-अलग जांचना होगा।  ₹529 करोड़ में पैसा किस sector में गया? 1,498-work master list मिलने के बाद पहला बड़ा analysis होगा— Sector-wise Allocation

कितना पैसा गया—

स्वास्थ्य में?
पेयजल में?
शिक्षा में?
पर्यावरण में?
महिला एवं बाल विकास में?
सड़क/पुलिया में?
खेल में?
उद्यान/सौंदर्यीकरण में?
मशीन/equipment procurement में?

फिर इसे DMF/PMKKKY की प्राथमिकताओं और खनन प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों से मिलाना होगा।

दूसरा बड़ा टेस्ट—पैसा सबसे ज्यादा किन गांवों में? DMF का मूल उद्देश्य mining-affected population है। इसलिए 1,498 कामों को map पर रखकर यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा—

कौन-से गांवों को सबसे ज्यादा पैसा मिला? और—

कौन-से सीधे खनन प्रभावित गांव पीछे रह गए?

CAG के पुराने audit में directly affected villages की coverage को लेकर पहले ही महत्वपूर्ण gap सामने आ चुका है।  इसलिए नई sanction list का geographic analysis आवश्यक है।

तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण—Vendor Concentration Test ₹529.24 करोड़ की कहानी का असली वित्तीय चेहरा contractor/vendor data से खुलेगा। पूरी 1,498-work list मिलने के बाद vendors को जोड़कर देखा जाना चाहिए—

किस vendor को कितने काम?
कुल कितनी राशि?
कितने विभागों से काम?
कितने महीनों के भीतर?
क्या एक ही समूह/पते से जुड़ी firms हैं?

इसके बाद शीर्ष 10, 20 और 50 vendors का expenditure concentration निकाला जा सकता है। ₹10 लाख के छोटे काम भी जांच से बाहर नहीं भ्रष्टाचार या procurement manipulation केवल ₹10–20 करोड़ के बड़े tender में हो, यह जरूरी नहीं। छोटे कामों को कई हिस्सों में बांटकर procurement thresholds से नीचे रखने जैसी संभावनाओं की जांच भी audit methodology का हिस्सा होती है।

इसलिए 1,498 works को amount slabs में बांटना चाहिए—

₹5 लाख तक
₹5–10 लाख
₹10–25 लाख
₹25–50 लाख
₹50 लाख–₹1 करोड़
और ₹1 करोड़ से ऊपर।

फिर एक ही location/एक ही nature के आसपास की sanctions को cluster करके देखा जाएगा।

एक ही काम के टुकड़े तो नहीं?

मान लीजिए किसी एक परिसर में अलग-अलग sanction हैं— पौधे fencing, irrigation, maintenance, security, soil, electrification। हर sanction अलग-अलग वैध हो सकती है।

लेकिन forensic audit पूछेगा—

क्या इन्हें एक integrated tender होना चाहिए था?

क्या छोटे packages बनाने से procurement method बदल गया?

यही सवाल Garden/Plantation की उन फाइलों पर भी लागू होगा जिन्हें ग्राम यात्रा आगे अलग एपिसोड में खोलेगा। अब Funding Overlap Register भी जरूरी

एक और गंभीर जांच होगी—

DMF + राज्य + केंद्र + CSR + अन्य योजनाएं एक ही asset पर कहीं अलग-अलग funding तो नहीं दिखाई गई?

Medical College इसका महत्वपूर्ण test case बनेगा। यदि किसी equipment/building के लिए State Government, Central Government अथवा किसी अन्य scheme से funding उपलब्ध है और उसी component पर DMF sanction भी है, तो दोनों files का मिलान होना चाहिए।

फिर से स्पष्ट—

Multiple funding अपने आप गलत नहीं है। लेकिन same component के लिए duplicate payment नहीं होना चाहिए। Post-Facto Approval की अलग फाइल क्यों जरूरी? DMF Governing Council की बैठकों में कार्योत्तर स्वीकृति/Post-Facto Approval का उल्लेख भी सामने आया है। इसलिए 1,498-work master list के साथ एक दूसरी list चाहिए— सभी Post-Facto Approved Works और प्रत्येक के सामने चार तारीखें—

Work Start Date
Work Order Date
First Payment Date
Formal Approval Date।

यदि chronology सामान्य है तो मामला समाप्त। लेकिन यदि execution/payment formal approval से पहले हुआ तो उसके नियम और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति देखी जानी चाहिए।

सबसे बड़ी फाइल—Vendor-wise Payment Ledger 1,498 sanctions एक तरफ।

लेकिन सबसे निर्णायक दस्तावेज होगा— 2024 से 22 अगस्त 2026 तक का Vendor-wise Payment Ledger इसमें vendor का नाम लेकर सभी departments/PIAs के payments जोड़ दिए जाएं।

तभी पता चलेगा कि—

₹529 करोड़ का वास्तविक financial flow किस दिशा में गया।

Sanction हमें बताती है कि पैसा कहां जाने वाला था।

Payment Ledger बताएगा—पैसा वास्तव में गया कहां।

जनता के सामने Master Dashboard क्यों नहीं?

आज technology की कमी नहीं है। जब project-monitoring portal बनाया जा सकता है, geo-tagging हो सकती है और online tender हो सकते हैं, तो DMF के लिए एक public dashboard भी होना चाहिए जिसमें नागरिक गांव का नाम डालकर देख सके—

कितने काम
कितनी sanction
किस agency को
कौन contractor
कितना payment
और काम की current photograph।

₹529 करोड़ के सार्वजनिक धन में यह कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं— यह पारदर्शिता का बुनियादी अधिकार है।

ग्राम यात्रा का सवाल—फाइल खोलिए, भ्रम खत्म कीजिए यह रिपोर्ट यह नहीं कह रही कि सभी 1,498 कार्यों में अनियमितता है।

इसके उलट— यदि सभी काम नियमपूर्वक हुए हैं तो पूरी Master List सार्वजनिक होना प्रशासन के पक्ष को ही मजबूत करेगी।

इसलिए मांग बेहद सरल है— 1,498 काम हैं तो 1,498 लाइनें सार्वजनिक कीजिए।

हर लाइन में— काम | गांव | राशि | एजेंसी | ठेकेदार | भुगतान | वर्तमान स्थिति बस।

फिर जनता स्वयं देख सकेगी— खनन की कमाई आखिर किसके काम आई।

अगले एपिसोड में—MEDICAL COLLEGE की फाइल DMF से करोड़ों का Medical Equipment—लेकिन अस्पतालों को राज्य और केंद्र से भी मिलती है बड़ी funding ₹11 करोड़ के CT Scan की Sanction से GeM तक की कड़ी की पड़ताल

एक ही जरूरत पर अलग-अलग Funds तो नहीं?

Sanction → GeM Attempt → Award → Installation → Payment

 

पढ़िए “कोरबा DMF फाइल्स — एपिसोड 06
सिर्फ ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज नेटवर्क पर।

नोट: ₹519.11 करोड़ प्राप्ति और ₹529.24 करोड़ administrative sanctions के अंतर को अपने आप वित्तीय अनियमितता नहीं माना गया है। इसके लिए opening balance, उपलब्ध DMF corpus, liabilities और fund-position statement का मिलान आवश्यक है। इसी प्रकार किसी funding overlap को duplicate expenditure तभी माना जा सकता है जब समान component पर overlapping release/payment का दस्तावेजी प्रमाण मिले।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button