कटघोरा नगर पालिका फिर सवालों के घेरे में!

पाइपलाइन के बाद अटल प्रतिमा, अब सामग्री खरीदी पर भी सवाल—CMO की भूमिका की निष्पक्ष जांच कब?
विशेष रिपोर्ट | ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क
कटघोरा। नगर पालिका परिषद कटघोरा में एक के बाद एक सामने आ रहे कथित वित्तीय और निर्माण संबंधी विवाद अब प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। पाइपलाइन कार्यों को लेकर उठे सवाल अभी शांत भी नहीं हुए थे कि अटल परिसर में प्रतिमा की गुणवत्ता का मामला सामने आ गया। अब सामग्री खरीदी में भी कथित अनियमितताओं की चर्चाओं ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अटल प्रतिमा प्रकरण में नगर पालिका का 24 जुलाई 2026 का पत्र स्वयं सवालों में घिर गया है। उपलब्ध पत्र पर दिनांक 24.07.2026 अंकित है, जबकि उसके भीतर 27.07.2026 को हुए कथित संयुक्त निरीक्षण का उल्लेख दिखाई देता है। यानी पत्र पहले और उसमें वर्णित निरीक्षण तीन दिन बाद का! इस तारीख-विरोधाभास का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना आवश्यक है।
क्या जिम्मेदारी नीचे तय होगी और ऊपर बैठे अधिकारी बचते रहेंगे?
यदि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था तो सवाल सिर्फ ठेकेदार या किसी एक तकनीकी कर्मचारी तक सीमित क्यों रहे?
निविदा किसने स्वीकृत की? प्राक्कलन किसने अनुमोदित किया? कार्य की निगरानी किसकी जिम्मेदारी थी? सामग्री और गुणवत्ता किसने जांची? भुगतान किस स्तर से आगे बढ़ा?
इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच के बिना जिम्मेदारी तय करना अधूरा रहेगा।
कटघोरा पूछ रहा है—आखिर हर बार किसका ‘आशीर्वाद’?
CMO के विरुद्ध लगाए जा रहे आरोप अभी जांच का विषय हैं; इसलिए उन्हें सिद्ध भ्रष्टाचार कहना उचित नहीं होगा। लेकिन लगातार उठ रहे गंभीर सवालों के बीच जिला प्रशासन को अब पूरे प्रकरण की स्वतंत्र तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराकर तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए।
पाइपलाइन से अटल प्रतिमा और सामग्री खरीदी तक—यदि सब कुछ नियमों के मुताबिक है तो जांच से डर कैसा? और यदि गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारी केवल छोटे कर्मचारियों तक क्यों सीमित रहे?
सबसे बड़ा सवाल—कटघोरा नगर पालिका की फाइलें कब खुलेंगी और जवाबदेही ऊपर तक कब तय होगी?
ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क की पड़ताल जारी…
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