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क्या BALCO–वेदांता प्रबंधन सरकार और प्रशासन से ऊपर? कोरबा में वेदांता प्रबंधन का तानाशाही CEO राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में हो रहा अवैध कब्जा! जिला प्रशासन क्या लेगा तत्काल संज्ञान?

क्या 12 मीटर की सार्वजनिक सड़क पर हुआ अतिक्रमण?

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ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क | कोरबा/छत्तीसगढ़

स्थानीय नागरिकों ने BALCO प्रबंधन, निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज।

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कोरबा। BALCO सेक्टर-6 में निर्माणाधीन G+9 आवासीय परियोजना को लेकर एक गंभीर जनहित का मामला सामने आया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान लगभग 12 मीटर चौड़ी सार्वजनिक मुख्य सड़क पर निर्माण सामग्री, टिन शेड और अन्य अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर लगभग 3 मीटर तक सड़क घेर ली गई है, जिससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई घट गई है और आम नागरिकों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पूरे मामले में BALCO प्रबंधन, निर्माण एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्टर्स तथा नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि BALCO के कुछ अधिकारियों द्वारा कथित रूप से यह कहा गया कि “जहां शिकायत करनी है कर लो, कुछ नहीं होगा।” इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष भी लिया जाना चाहिए।

इसी प्रकार शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारी गणेश राम द्वारा कथित रूप से यह कहा गया कि निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी व्यवस्था सड़क पर की जा सकती है। यदि ऐसा कोई प्रशासनिक निर्णय या अनुमति दी गई है, तो नागरिकों का कहना है कि उसकी वैधानिक प्रति सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सार्वजनिक सड़क के उपयोग की सीमा और शर्तें क्या थीं।


जनसुरक्षा पर गंभीर प्रश्न

यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो इसके संभावित प्रभाव गंभीर हो सकते हैं—

  • लगभग 10,000 से अधिक नागरिक प्रभावित हो सकते हैं।
  • स्कूली बच्चों की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।
  • एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं का आवागमन प्रभावित हो सकता है।
  • दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
  • सार्वजनिक सड़क के उपयोग का नागरिकों का अधिकार प्रभावित हो सकता है।

जांच से पहले निष्कर्ष नहीं, लेकिन सवालों के जवाब जरूरी

यह मामला केवल एक निर्माण परियोजना का नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति, शहरी नियोजन, प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिक सुरक्षा से जुड़ा है। यदि निर्माण एजेंसी को किसी प्रकार की अनुमति दी गई थी, तो वह अनुमति किस नियम के अंतर्गत दी गई, उसकी सीमा क्या थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया—इन सभी प्रश्नों का उत्तर सार्वजनिक होना चाहिए।


ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ न्यूज़ नेटवर्क की जनहित में मांग

  • जिला कलेक्टर के नेतृत्व में संयुक्त तकनीकी जांच कराई जाए।
  • नगर निगम कोरबा, एसडीएम, नगर एवं ग्राम निवेश तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कराया जाए।
  • सड़क की वास्तविक चौड़ाई का स्वतंत्र मापन कराया जाए।
  • यदि सार्वजनिक सड़क पर नियमों के विरुद्ध अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे तत्काल हटाया जाए।
  • यदि किसी अधिकारी, निर्माण एजेंसी या अन्य जिम्मेदार पक्ष की लापरवाही या नियम उल्लंघन सिद्ध होता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  • जांच पूरी होने तक नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अस्थायी उपाय किए जाएं।

संपादकीय टिप्पणी

विकास कार्य स्वागतयोग्य हैं, लेकिन सार्वजनिक सड़कें किसी भी निजी परियोजना से ऊपर हैं। यदि नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, तो पारदर्शी जांच और समयबद्ध कार्रवाई प्रशासन का दायित्व है। इस मामले में तथ्यों की निष्पक्ष जांच ही सभी पक्षों के हित में होगी।

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