राज्य समाचार

छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास विभाग में 18 करोड़ का फर्जीवाड़ा, जांच में दो सहायक आयुक्त गिरफ्तार, क्लर्क फरार…क्या सुध लेगी साय सरकार ?

Spread the love

रायपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आदिवासी विकास विभाग में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि विभाग में पदस्थ रहे दो पूर्व सहायक आयुक्त और एक लिपिक ने मिलकर वर्ष 2021 से 2025 तक 45 फर्जी टेंडर जारी किए। इन टेंडरों के माध्यम से करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की गई।

दंतेवाड़ा जिले में आदिवासी विकास विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में विभिन्न योजना मद अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए नियम अनुसार किसी भी समाचार पत्रों में विज्ञप्ति का प्रकाशन नहीं किया गया और न ही इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन निविदा निकाला गया।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

इन कार्यों में फर्जी तरीके से समाचार पत्र का फोटोकॉपी ए-4 साइज पेपर हूबहू लगाया गया। इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन सहायक आयुक्त डॉ. आनंदजी सिंह और केएस मसराम की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

मामले में कलेक्टर के आदेश पर वर्तमान सहायक आयुक्त राजू कुमार नाग ने दोनों तत्कालीन सहायक आयुक्तों के खिलाफ कोतवाली में 21 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराया था। पुलिस ने धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत FIR दर्ज कर दोनों तत्कालीन सहायक आयुक्तों को 24 अगस्त की देर रात गिरफ्तार कर लिया।

विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा, जगदलपुर, कांकेर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी उक्त मियाद में स्वीकृत कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया गया है। राष्ट्रीय एवं राजकीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशन किए बगैर फर्जी टेंडर लगाए जाने की सूचना है। अब यह देखना है कि सरकार जांच की सुध लेती है या फिर पुनः शिकायतों के इंतजार में दंतेवाड़ा जिले से ही जांच का चैप्टर क्लोज कर दी जाएगी।

आदिवासी विकास विभाग दंतेवाड़ा में निर्माण कार्यों की निविदा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जांच में पाया गया कि दो पूर्व सहायक आयुक्त और एक लिपिक ने मिलकर वर्ष 2021 से 2025 तक 45 फर्जी टेंडर जारी किए। इन टेंडरों के माध्यम से करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की गई।

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button