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रायगढ़ में नकली शराब के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, 240 लीटर अवैध शराब जब्त

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रायगढ़ । रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन आघात” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले में संचालित नकली शराब के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में छापेमारी कर करीब 240 लीटर नकली शराब, सैकड़ों नकली ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम और पैकेजिंग सामग्री जब्त की है। कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम धनागर निवासी दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू बड़े पैमाने पर नकली और मिलावटी शराब तैयार कर बाजार में बेच रहा है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त रणनीति बनाई और एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर आरोपी के पास शराब खरीदने भेजा गया।

 

खरीदी गई शराब के लेबल, होलोग्राम और गुणवत्ता की जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया, जबकि दुष्यंत पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में फरार व्यक्ति की पहचान अपने बड़े भाई सुभाष पटेल के रूप में की।

पुलिस जब आरोपी के घर और परिसर की तलाशी लेने पहुंची तो वहां भारी मात्रा में नकली शराब का जखीरा मिला। बरामद शराब को रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, रिजर्व क्वार्टर, गोल्डन गोवा और किंगफिशर जैसे नामी ब्रांडों की पैकेजिंग में तैयार किया गया था। इससे साफ हुआ कि गिरोह ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली उत्पाद बाजार में खपा रहा था।

 

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दुष्यंत पटेल अपने भाई सुभाष पटेल और सहयोगी विनय सिंह के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से शराब खरीदते थे। इसके बाद उसमें स्प्रिट और अन्य पदार्थ मिलाकर मात्रा बढ़ाई जाती थी। शराब को असली जैसा रंग और स्वाद देने के लिए रेड लेबल चायपत्ती का उपयोग किया जाता था। इस्तेमाल हो चुकी शराब की बोतलों को एकत्र कर साफ किया जाता और उन पर नकली लेबल व डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर पुनः पैकिंग की जाती थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि तैयार की गई नकली शराब को कोचियों के माध्यम से असली शराब के साथ बाजार में बेचा जाता था। इस अवैध कारोबार से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा था।

 

संयुक्त टीम ने मौके से 869 नग विभिन्न पैमानों की लगभग 240 लीटर नकली शराब जब्त की है। इसके अलावा 560 शराब बोतलों के ढक्कन, स्प्रिट के ड्रम, केटली और बड़ी संख्या में खाली बोतलें भी बरामद की गई हैं। जब्त शराब और सामग्री की कुल कीमत लगभग 2 लाख 16 हजार 245 रुपये आंकी गई है।

गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कोरोना काल से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था। पुलिस ने आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर फरार आरोपियों सुभाष पटेल और विनय सिंह की तलाश तेज कर दी है तथा उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

 

 

मामले में थाना कोतरारोड़ में दुष्यंत पटेल, सुभाष पटेल और विनय सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत पटेल को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

इस कार्रवाई का नेतृत्व एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो और डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने किया। थाना साइबर, थाना कोतरारोड़ और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ पुलिस अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे संगठित गिरोहों के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” के तहत आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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