सुशासन तिहार में रिश्वतखोरी का कथित VIDEO VIRAL !
कोरबा के पटवारी विनोद अग्रवाल पर गंभीर आरोप, शासन की छवि पर बड़ा सवाल

छत्तीसगढ़ में एक तरफ मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai “सुशासन तिहार” के जरिए पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का संदेश देने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर कोरबा जिले से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो ने पूरे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे इस कथित वीडियो में ग्राम पसान में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि जमीन और राजस्व संबंधी कार्यों के एवज में आम लोगों से पैसों की मांग की जा रही थी। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने जिले भर में सनसनी फैला दी है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं और सुशासन की छवि को धूमिल कौन कर रहा है?
राजस्व विभाग पहले भी विवादों में रहा है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ के कई जिलों में ACB और EOW की कार्रवाई के दौरान पटवारी और अन्य कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। बावजूद इसके भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों में कानून और कार्रवाई का खौफ खत्म होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच होती है तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। जनता अब जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
