राजनीतीराज्य समाचार

ONC BAR पर प्रशासन की चुप्पी पर उठा विवाद, विश्व हिंदू परिषद ने जताई नाराज़गी

कोरबा। शहर के बहुचर्चित ONC BAR को लेकर अब जनभावनाएं मुखर होने लगी हैं। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की जिला इकाई ने इस मुद्दे पर प्रशासन की चुप्पी पर तीखी आपत्ति जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि धार्मिक आयोजनों पर सख्ती और बार पर नरमी, प्रशासन की दोहरी नीति को उजागर करती है।

प्रेस वार्ता में क्या बोले विहिप अध्यक्ष अमरजीत सिंह?

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

विहिप जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ONC BAR में लगातार अशांति, झगड़े और नशे के वातावरण की शिकायतें सामने आ रही हैं। बावजूद इसके प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने सवाल किया कि —

“गरबा जैसे शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजनों पर रात 10 बजे की सख्ती बरती जाती है, लेकिन एक बार में देर रात तक अश्लीलता और नशे का माहौल चलना प्रशासन की नीति पर सवाल खड़े करता है।”

प्रमुख सवाल जो प्रशासन से पूछे गए :

  1. क्या प्रशासन को सिर्फ धार्मिक आयोजनों में ही नियम-कानून याद आते हैं ?
  2. ONC BAR पर अब तक संचालन की समय-सीमा तय क्यों नहीं की गई ?
  3. लगातार विवाद के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं ?
  4. क्या किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में कार्य हो रहा है ?

विहिप की मांगें क्या हैं ?

  • ONC BAR की सभी गतिविधियों की प्रशासनिक जांच कराई जाए।
  • संचालन पर निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था की जाए।
  • रात्रि 10 बजे के बाद बार संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, जैसा धार्मिक आयोजनों में लागू होता है।

अमरजीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इस विषय पर ठोस कदम नहीं उठाता, तो विहिप व अन्य हिन्दू संगठन जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

“यह केवल एक बार का मामला नहीं, बल्कि समाज की मर्यादा और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा का विषय है।”
अमरजीत सिंह, जिलाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद कोरबा

प्रशासनिक निष्क्रियता या किसी दबाव का परिणाम ?

ONC BAR से जुड़े कई वीडियो व घटनाएं सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं, जिसमें नशाखोरी और सार्वजनिक अशांति के दृश्य देखे गए। इसके बावजूद कोई प्रशासनिक चेतावनी या आदेश सामने नहीं आया, जिससे आम नागरिकों में असंतोष गहराता जा रहा है।

जनता की निगाह अब प्रशासन पर

यह मामला केवल एक बार या संस्था का नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों की रक्षा का है। क्या प्रशासन अब भी मूकदर्शक बना रहेगा या आवश्यक कार्यवाही करेगा — यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा.

Live Cricket Info

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button