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प्रदेश के : B.Ed शिक्षकों ने निकाली 2621 फीट लंबी चुनरी यात्रा, बोले-‘लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, आत्मसम्मान की’

रायपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ ) । छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी से निकाले गए B.Ed सहायक शिक्षकों ने गुरुवार को 2621 फीट लंबी चुनरी यात्रा निकाली। यह यात्रा ISBT बस स्टैंड भाठागांव से शीतला माता मंदिर तक निकाली गई। समायोजन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर शिक्षकों के आंदोलन का यह 111वां दिन था।

शिक्षकों ने कहा कि यह आयोजन न केवल श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि संघर्ष की सकारात्मक दिशा में बढ़ते कदम है। वहीं आज मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई समिति की दूसरी बैठक होनी है।आंदोलन में शामिल सभी शिक्षकों ने एक-एक फीट के हिसाब से 2621 फीट लंबी चुनरी यात्रा निकालकर समायोजन की मांग की।

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लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, आत्मसम्मान की

इन शिक्षकों का आंदोलन करते 111 दिन हो गए हैं। गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर महिला शिक्षकों ने कहा कि -हमारी लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं, आत्मसम्मान की है। नवरात्रि शक्ति की आराधना का पर्व है, और हर नारी में मां दुर्गा का अंश होता है। जैसे मां ने अधर्म के खिलाफ शस्त्र उठाए, वैसे ही हम भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हमें विश्वास है कि हमारा संघर्ष सफल होगा।

शिक्षिका गायत्री देवी मिंज ने कहा कि मैंने अपने विद्यार्थियों को घर और स्कूल, दोनों जगह संभाला। अब जब न्याय की घड़ी आई है, तो हम अपने हक के लिए खड़े हैं। हमें विश्वास है कि सरकार हमारी मांगों को समझेगी।

भाठागांव बस स्टैंड से शीतला माता मंदिर तक निकाली गई चुनरी यात्रा।

मांगों को अनदेखा क्यों किया जा रहा?

निकिता देशमुख ने कहा कि ‘नवरात्रि पर्व के दौरान हमने चुनरी यात्रा निकालकर मां दुर्गा की आराधना की है। हम अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। आज जहां नवरात्रि में देवियों की पूजा अर्चना हो रही है। लेकिन एक शिक्षिका, जो स्वयं नारी शक्ति का प्रतीक है, न्याय की आस में संघर्ष कर रही है, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा क्यों किया जा रहा है? हमें मां का आशीर्वाद प्राप्त है, और हमें विश्वास है कि सरकार भी हमें न्याय देगी।’

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