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भारत के विकास में भिलाई की प्रारंभ से ही रही है प्रभावी भूमिका : द्रौपदी मुर्मू

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भिलाई।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज आईआईटी  भिलाई के दीक्षांत समारोह में शामिल होने हेलीकॉप्टर से भिलाई पहुचीं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु का हेलीपैड पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधायक वैशाली नगर रिकेश सेन, गजेंद्र यादव, ललित चंद्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु IIT कैम्पस पहुंची और आईआईटी भिलाई के तृतीय और चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। यहां राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुष्प भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के हाथों सात छात्रों को गोल्ड मेडल से नवाजा गया।

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दीक्षांत समारोह में 2023 और 2024 में स्नातक करने वाले 396 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। 2023 बैच के स्नातक छात्रों में 13 पीएचडी, 11 एमएससी, 27 एमटेक, 13 बीटेक (ऑनर्स) और 123 बीटेक स्नातक शामिल हैं। 2024 के स्नातक बैच में 8 पीएचडी, 20 एमएससी, 19 एमटेक, 12 बीटेक (ऑनर्स) और 150 बीटेक के छात्र शामिल हैं।

अपने उद्बोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आईआईटी भिलाई के इस परिसर में आयोजित होने वाला यह थर्ड और फोर्थ दीक्षांत समारोह प्रशंसनीय है। उपाधि एवं गोल्ड मेडल सभी छात्र-छात्राओं को बहुत-बहुत बधाइयां इस यात्रा में पूरा सहयोग करने वाले माता-पिता को भी शुभकामनाएं। दीक्षांत समारोह हर्ष का अवसर है वही केंपस लाइफ समाप्त होने पर एवं दोस्तों से दूर होने का दुख भी है इस कैंपस से आप एक जिम्मेदार एवं सक्षम नागरिक बनकर बाहर की दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं। औपचारिक शिक्षा ग्रहण करने का अंत हो रहा है लेकिन अध्ययन करने एवं सीखने की इच्छा कभी भी समाप्त नहीं होनी चाहिए।

भिलाई शहर औद्योगिक एवं शिक्षा का केंद्र है स्वतंत्र भारत की यात्रा के बाद से आज तक देश के विकास में भिलाई अपनी प्रभावी भूमिका निभाते आ रहा है। भिलाई आईआईटी परिसर अत्याधुनिक शिक्षण और अनुसंधान सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है तथा इसके डिजाइन और निर्माण में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया गया है। मुझे यह भी बताया गया है कि इस परिसर में रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग किया जा रहा है और ये जीरो वेस्ट डिस्चार्ज कैम्पस पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाला है, इन सभी प्रयासों के लिए मैं आईआईटी भिलाई की पूरी टीम को सराहना करती हूं। उन्होंने कहा कि देश का संपूर्ण विकास तभी संभव है जब आदिवासी समुदाय का भी विकास हो ।

आईआईटी भिलाई ने जनजाति जनजाति के विकास के लिए तकनीकी के सहयोग से विशेष प्रयास किए हैं। आईआईटी भिलाई एग्रीटेक हेल्थ टेक एवं फिंटेक के क्षेत्र में विशेष रूप से कार्य कर रहा है।

एम्स रायपुर के साथ मिलकर मोबाइल एप बनाया है जिस गांव के लोग घर बैठकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं इसके अलावा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर भी टेक सॉल्यूशन एप बनाया है। जिसके कारण अपने संसाधनों का सही उपयोग कर प्रदेश के 6 लाख किसान लाभ ले रहे हैं। नई शिक्षा नीति नप लागू कर भिलाई इट समावेशी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा आईआईटी  भिलाई कैंपस की आधारशिला 14 जून 2008 में रखी थी तथा स्थाई परिसर फरवरी 2024 में प्रदान किया।

आईआईटी भिलाई की नई के साथ-साथ राज्य के स्वर्णिम भविष्य की भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा न्यू रखी गई थी यह समय तकनीक का समय है जिस देश में तकनीक होगी वह उतनी ही तेजी से विकास करेगा।

आज भारत दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण का संकल्प लेते हैं सौभाग्य की बात है कि आईआईटी भिलाई ट्रिपल आईटी नीत जैसे तकनीकी संस्थान छत्तीसगढ़ राज्य में मौजूद है।

जिसके कारण तकनीकी से लैस ऊर्जावान पीढ़ी का निर्माण हो रहा है। जो देश एवं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई के साथ अत्यधिक आईटी पार्क स्थापना के लिए कार्य प्रगति पर है। इस राज्य का यह पहला आईटी पार्क होगा। समारोह को राज्यपाल रमेन डेका ने भी संबोधित किया।

 

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