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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से प्रभावित होकर जशपुर की 30 वर्षीय युवा नेत्री ने विधानसभा चुनाव के लिए की दावेदारी

तटस्थ होकर लोगों की समस्या देखने और व्यवस्था को कोसने से बेहतर है युवाओं को स्वयं चुनावी राजनीति में प्रवेश करना चाहिए – आशिका कुजूर

जशपुर – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुसार छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में दावेदारी करने का आखरी दिन था। प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को जमा करना था। ब्लॉक से पांच दावेदारों के नाम जिला स्तर पर जायेंगे और वहां 24 अगस्त तक चर्चा होगी। जिसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी चुने हुए नाम प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजेगी। लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कांग्रेस कमेटी के द्वारा युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। जिसकी वजह से प्रदेश के कई युवाओं और महिलाओं ने भी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।

 

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जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक की आशिका कुजूर जिसने भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए संगठन की विचारधारा के लिए समर्पित होकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4000 किलोमीटर की पदयात्रा की। आशिका ने बताया कि कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित होकर राहुल गांधी जैसे जन जन के हितैषी नेतृत्वकर्ता को देश की बागडोर मिले, ऐसी इच्छा जताते हुए छत्तीसगढ़ के आगामी चुनाव में जशपुर विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी पेश की है। जिसके लिए उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री रामेश्वर गुप्ता को आवेदन जमा किया है।

 

बता दें कि आशिका जिले के बहुत ही वरिष्ठ आदिवासी कांग्रेसी नेता आनंद लाल कुजूर की बेटी है। जिन्हें कांग्रेस ने सन 2003 के विधानसभा चुनाव में बगीचा विधानसभा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। उस दौर में जशपुर जिले में 35 सालों से बीजेपी की पकड़ मजबूत थी। बहरहाल वो विधानसभा चुनाव बहुत ही कम मतों से हारे थे। लेकिन उसके बावजूद उन्होंने आजीवन संगठन के हित के लिए समर्पित होकर कार्य किया। पिता को बचपन से समाजसेवा करते देख और लोगों के साथ उनका जुड़ाव बेटी को राजनीति में प्रवेश करने से रोक नहीं पाया।

 

आशिका ने एम ए जनसंचार की पढ़ाई की है और चार साल राजधानी रायपुर में पत्रकारिता की नौकरी की। सन 2018 के विधानसभा चुनाव में संगठन के प्रति अपनी सक्रियता दिखाई। जिसके बाद उन्होंने सन 2019 में स्वयं जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और स्पष्ट बहुमत से जीत हासिल की। उनकी कार्यशैली और निष्ठा को देखते हुए जनपद पंचायत बगीचा में उन्हें 26 वर्ष की उम्र में ही निर्विरोध सभापति चुना गया। और साथ ही उनकी निष्पक्षता से प्रभावित जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत की निगरानी समिति की निर्विरोध अध्यक्ष चुना।

 

महज़ छः सालों में अपनी कार्यशैली और संगठन के प्रति समर्पण की वजह से आशिका बगीचा से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है इसलिए जशपुर विधानसभा से युवा नेतृत्व के रूप में उनकी दावेदारी सशक्त मानी जाती है।

अब देखना ये है कि विधानसभा के अन्य वरिष्ठ उम्मीदवार हीरू राम निकुंज, आनंद लाल कुजूर, शशि भगत, फुलकेरिया भगत, सीडी बाखला, रामप्रसाद कोरवा, बुधराम भगत जैसे दिग्गज नेताओं के सामने युवा चेहरे का नाम पैनल में शामिल किया जाएगा या नही।

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