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शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक में मरीजों का निःशुल्क किया जा रहा आयुर्वेदिक उपचार

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23.06.22| शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक चिखली में मरीजों का समर्पित भाव से निःशुल्क आयुर्वेदिक उपचार किया जा रहा है। शासन द्वारा ढाई करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक में आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग एवं यूनानी  शाखाएं हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक के ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक की लोकप्रियता अच्छे उपचार के कारण बढ़ी है। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. रमाकांत शर्मा के मार्गदर्शन में यहां प्रतिदिन प्रतिबद्ध टीम द्वारा निरंतर सेवाएं दी जा रही है। शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक की प्रभारी आयुर्वेद अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सक्सेना ने बताया कि ओपीडी की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ पंचकर्म की सुविधा, कटिबस्ती, जानुबस्ती, ग्रीवाबस्ती, शिरोधारा, स्वेद पत्रपिंड, अनुवासन बस्ती, मात्रा बस्ती, विरेचन बालुका स्वेदन, नाड़ी स्वेदन, नेत्र तर्पण, कपिंग्स थैरेपी, नस्य जैसी विभिन्न थेरेपी से ईलाज किया जा रहा है एवं निःशुल्क दवाईयां दी जा रही है। गौरतलब है कि प्राकृतिक जड़ी-बूटियों एवं आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति विभिन्न प्रकार की बीमारियों में कारगर है। आज की व्यस्त दिनचर्या से कई तरह की व्याधियां मनुष्य को बीमार बना रही है। ब्लडप्रेशर, शुगर, सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, सिरदर्द जैसी कई बीमारियों का अच्छा इलाज आयुर्वेद में उपलब्ध है। अपने रहन-सहन, खान-पान, योग, व्यायाम एवं स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर हम अपना स्वास्थ्य अच्छा रख सकते हैं।
राजनांदगांव के कौरिनभाठा के सत्येन्द्र खरे ने बताया कि उन्हें 120 से 220 तक हाई ब्लडप्रेशर रहा है, जो ठीक नहीं हो पा रहा था। पॉलीक्लीनिक में ईलाज के बाद ब्लडप्रेशर सामान्य हुआ तथा स्वास्थ्य में सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि यहां ईलाज कराने से उन्हें बहुत फायदा मिला और सर्वाइकल एवं घुटने के दर्द का ईलाज भी यही से करा रहे हैं।

कुमार साहू ने बताया कि वे 5 वर्ष से कमर के दर्द से पीड़ित थे। यहां आने के बाद लगातार ईलाज कराने से अब राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पहले वे झुक नहीं हो पाते थे, लेकिन वे अब झुक कर भी अपना कार्य कर पा रहे हैं। चिखली निवासी मंदाकनी श्वांस से संबंधित समस्या का ईलाज करा रही है और अब पहले से आराम है। ग्राम भेड़िकला के बागेश्वर के वात की समस्या यहां ईलाज से दूर हुई। बजरंगपुर नवागांव के रीता कुशवाहा को संधिवात का ईलाज कराने से फायदा मिला। मोतीपुर के ज्ञानेश्वर देवांगन ने बताया किया पेट से संबंधित समस्या थी जिसके लिए परेशान रहते थे, यहां ईलाज कराने के बाद बहुत लाभ मिला। उल्लेखनीय है कि यहां सियान-जतन क्लीनिक अंतर्गत बुजुर्गों के लिए विशेष ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। उन्हें चिकित्सीय परामर्श के साथ ही पंचकर्म की चिकित्सा भी दी जा रही है। बच्चों के बाल्य रोग के लिए भी चिकित्सा दी जा रही है। कुपोषण एवं अन्य बीमारियों का उपचार भी किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में 16 हजार 464 मरीजों का ईलाज यहां किया गया है।

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